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ई- डिस्ट्रिक्ट बना झांसी
ब्यूरो
Updated Fri, 09 Oct 2015 02:07 AM IST
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झांसी। झांसी जनपद को ई- डिस्ट्रिक्ट का दर्जा हासिल हो गया है। सेंटर फॉर ई- गवर्नेंस के तहत इसका सर्टिफिकेट जारी कर दिया गया है। ई- डिस्ट्रिक्ट बनने से सरकारी तंत्र के लिए आम जनमानस के कामकाज में हीलाहवाली करना आसान नहीं होगा। अधिकारियों द्वारा इसकी ऑनलाइन निगरानी की जाएगी। इसके लिए पूरा सेटप तैयार किया गया है।
विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें तथा पूरी पारदर्शिता के साथ काम समय पर पूरा हो, इसके लिए ई- गवर्नेंस पर जोर है। इस मामले में झांसी को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सेंटर फॉर ई- गवर्नेंस के तहत 22 सितंबर को झांसी जनपद को ई- डिस्ट्रिक्ट का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसे हासिल करने के लिए झांसी के सभी तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर कंप्यूटर लैब स्थापित की गईं हैं। साथ ही जिला मुख्यालय पर भी लैब स्थापित की गई है, ताकि सरकारी कर्मचारी आसानी से अपना काम पूरा कर सकें।
इसकी देखरेख के लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं, जिले के सभी उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं, ताकि वह उनके स्तर पर होने वाले कामकाज की ऑनलाइन निगरानी कर सकें। कंप्यूटर में काम करने का अधिकारी /कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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ऑनलाइन लगेगी रिपोर्ट
झांसी। किसी आवेदन पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपाल या अन्य संबंधित कर्मचारी के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही उन्हें अपने पास आवेदन आने का इंतजार करना होगा। बल्कि, वह अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन लगा सकेंगे। इसके लिए उन्हें यूजर आईडी उपलब्ध कराए गए हैं।
इन सेवाओं में आएगी तेजी
झांसी। ई- गवर्नेंस के तहत वर्तमान में आठ विभागों की 26 सेवाएं दी जा रही हैं। इन सेवाओं का लाभ लोगों को जनसेवा व लोक वाणी केंद्रों के जरिये मिल रहा है। जिले को ई- डिस्ट्रिक्ट का दर्जा मिलने के बाद अब उक्त के लिए आने वाले आवेदनों का त्वरित गति से निस्तारण होगा। इनमें प्रमुख रूप से आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, कुटुंब रजिस्टर की नकल, रोजगार पंजीकरण /नवीनीकरण, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आवेदन, शादी /बीमारी अनुदान आवेदन आदि शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों की 90 सेवाओं को और शामिल करने की तैयारी है।
झांसी अब ई- डिस्ट्रिक्ट बन गया है। इससे आम जनमानस को विभिन्न सेवाएं त्वरित गति से पूरी पारदर्शिता के साथ प्राप्त होंगी। आने वाले समय में सेवाओं के विस्तार की भी योजना है।
- आकाश रंजन श्रीवास्तव, ई- डिस्ट्रिक्ट मैनेजर
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विभिन्न कार्यों के लिए लोगों को सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने पड़ें तथा पूरी पारदर्शिता के साथ काम समय पर पूरा हो, इसके लिए ई- गवर्नेंस पर जोर है। इस मामले में झांसी को एक बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। सेंटर फॉर ई- गवर्नेंस के तहत 22 सितंबर को झांसी जनपद को ई- डिस्ट्रिक्ट का दर्जा प्रदान कर दिया गया है। इसे हासिल करने के लिए झांसी के सभी तहसील व ब्लाक मुख्यालयों पर कंप्यूटर लैब स्थापित की गईं हैं। साथ ही जिला मुख्यालय पर भी लैब स्थापित की गई है, ताकि सरकारी कर्मचारी आसानी से अपना काम पूरा कर सकें।
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इसकी देखरेख के लिए अलग से कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इतना ही नहीं, जिले के सभी उप जिलाधिकारी व तहसीलदारों को लैपटॉप प्रदान किए गए हैं, ताकि वह उनके स्तर पर होने वाले कामकाज की ऑनलाइन निगरानी कर सकें। कंप्यूटर में काम करने का अधिकारी /कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया गया है।
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ऑनलाइन लगेगी रिपोर्ट
झांसी। किसी आवेदन पत्र पर रिपोर्ट लगवाने के लिए लेखपाल या अन्य संबंधित कर्मचारी के चक्कर नहीं काटने होंगे और न ही उन्हें अपने पास आवेदन आने का इंतजार करना होगा। बल्कि, वह अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन लगा सकेंगे। इसके लिए उन्हें यूजर आईडी उपलब्ध कराए गए हैं।
इन सेवाओं में आएगी तेजी
झांसी। ई- गवर्नेंस के तहत वर्तमान में आठ विभागों की 26 सेवाएं दी जा रही हैं। इन सेवाओं का लाभ लोगों को जनसेवा व लोक वाणी केंद्रों के जरिये मिल रहा है। जिले को ई- डिस्ट्रिक्ट का दर्जा मिलने के बाद अब उक्त के लिए आने वाले आवेदनों का त्वरित गति से निस्तारण होगा। इनमें प्रमुख रूप से आय, जाति, निवास, जन्म, मृत्यु प्रमाण पत्र, कुटुंब रजिस्टर की नकल, रोजगार पंजीकरण /नवीनीकरण, राशन कार्ड, वृद्धावस्था पेंशन, छात्रवृत्ति आवेदन, शादी /बीमारी अनुदान आवेदन आदि शामिल हैं। इसके अलावा विभिन्न विभागों की 90 सेवाओं को और शामिल करने की तैयारी है।
झांसी अब ई- डिस्ट्रिक्ट बन गया है। इससे आम जनमानस को विभिन्न सेवाएं त्वरित गति से पूरी पारदर्शिता के साथ प्राप्त होंगी। आने वाले समय में सेवाओं के विस्तार की भी योजना है।
- आकाश रंजन श्रीवास्तव, ई- डिस्ट्रिक्ट मैनेजर