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Jhansi: सियार ने किसान पर किया हमला, बचाव में सियार की मौत, आधे घंटे तक चला मानव और वन्यजीव के बीच संघर्ष
Tue, 23 Dec 2025 02:12 PM IST
दीपक महाजन
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
संवाद न्यूज एजेंसी, झांसी
Published by: दीपक महाजन
Updated Tue, 23 Dec 2025 02:12 PM IST
सार
सुबह घने कोहरे के बीच एक किसान पर सियार ने हमला कर दिया। दोनों के बीच आधे घंटे तक संघर्ष चलता रहा। सियार के हमले से किसान बुरी तरह से जख्मी हो गया जबकि सियार की मौत हो गई।
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सियार
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
कड़ाके की ठंड के बीच वन्यजीव सुरक्षित वातावरण और आहार की तलाश में जंगल छोड़ गांवों की ओर रुख कर रहे हैं। पूंछ गांव में मंगलवार को मानव-वन्यजीव संघर्ष खतरनाक स्तर पर पहुंच गया। सुबह घने कोहरे के बीच एक किसान पर सियार ने हमला कर दिया। दोनों के बीच आधे घंटे तक संघर्ष चलता रहा। सियार के हमले से किसान बुरी तरह से जख्मी हो गया जबकि सियार की मौत हो गई। उधर, बामौर मंडी के पास अजगर के निकलने से ग्रामीणों में भय और बढ़ गया। वहीं गांव धोरका में हिरण के आने से ग्रामीणों में हड़कंप मचा रहा।
आधा घंटे तक चला संघर्ष
ग्राम पूंछ निवासी 50 वर्षीय बाबूलाल प्रजापति सुबह करीब साढ़े छह बजे शौच के लिए रेलवे लाइन के किनारे गए हुए थे। इसी दरम्यान झाड़ियों से निकले सियार ने उनपर हमला कर दिया। किसान ने सियार से बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन उसने पीछा नहीं छोड़ा। किसान ने उसे भगाने की कोशिश की, परंतु वह हमलावर रुख अपनाए रहा। किसान और सियार के बीच तकरीबन आधा घंटे तक संघर्ष चलता रहा। आखिर में किसान ने सियार के दोनों पिछले पैर पकड़कर उसे काबू में कर लिया। इस बीच सियार की मौके पर मौत हो गई जबकि किसान के दोनों हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गए। सूचना पर पूंछ थाना प्रभारी वेदप्रकाश पांडेय ने किसान के घर पहुंचकर उसका हालचाल जाना। घायल किसान को आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ ले जाया गया। यहां उसका उपचार किया गया और टीके लगाए गए।
तारबंदी की उठी मांग
पीड़ित किसान मोतीलाल ने बताया कि वह गरीब मजदूर है। हाथ जख्मी होने से वह कुछ दिनों तक कामकाज नहीं कर पाएगा। किसान ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से बचाव के लिए वन क्षेत्र में तारबंदी कराने की मांग उठाई है।
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आधा घंटे तक चला संघर्ष
ग्राम पूंछ निवासी 50 वर्षीय बाबूलाल प्रजापति सुबह करीब साढ़े छह बजे शौच के लिए रेलवे लाइन के किनारे गए हुए थे। इसी दरम्यान झाड़ियों से निकले सियार ने उनपर हमला कर दिया। किसान ने सियार से बचने के लिए भागने की कोशिश की, लेकिन उसने पीछा नहीं छोड़ा। किसान ने उसे भगाने की कोशिश की, परंतु वह हमलावर रुख अपनाए रहा। किसान और सियार के बीच तकरीबन आधा घंटे तक संघर्ष चलता रहा। आखिर में किसान ने सियार के दोनों पिछले पैर पकड़कर उसे काबू में कर लिया। इस बीच सियार की मौके पर मौत हो गई जबकि किसान के दोनों हाथ बुरी तरह से जख्मी हो गए। सूचना पर पूंछ थाना प्रभारी वेदप्रकाश पांडेय ने किसान के घर पहुंचकर उसका हालचाल जाना। घायल किसान को आनन-फानन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मोंठ ले जाया गया। यहां उसका उपचार किया गया और टीके लगाए गए।
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तारबंदी की उठी मांग
पीड़ित किसान मोतीलाल ने बताया कि वह गरीब मजदूर है। हाथ जख्मी होने से वह कुछ दिनों तक कामकाज नहीं कर पाएगा। किसान ने प्रशासन से आर्थिक मदद की मांग की है। वहीं, ग्रामीणों ने जंगली जानवरों से बचाव के लिए वन क्षेत्र में तारबंदी कराने की मांग उठाई है।
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घायल किसान का हाल लेती पुलिस
- फोटो : संवाद
भोजन-पानी की तलाश में गांव तक पहुंचा हिरन
मोंठ ब्लॉक के गांव धोरका में दोपहर में हिरन घूमते हुए मिला। ग्रामीणों की सूचना मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से हिरन को पकड़ लिया। उसे सराय और फतेहपुर क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया गया। वनकर्मियों ने बताया कि हिरन कभी-कभार भोजन और पानी की तलाश में गांवों में पहुंच जाते हैं। संवाद
मोंठ ब्लॉक के गांव धोरका में दोपहर में हिरन घूमते हुए मिला। ग्रामीणों की सूचना मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से हिरन को पकड़ लिया। उसे सराय और फतेहपुर क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया गया। वनकर्मियों ने बताया कि हिरन कभी-कभार भोजन और पानी की तलाश में गांवों में पहुंच जाते हैं। संवाद
विशालकाय अजगर
- फोटो : संवाद
मंडी के पास मिला 10 फीट लंबा अजगर, जंगल में छोड़ा
बामौर/गुरसराय। बामौर मंडी के समीप स्थित गौरीशंकर के खेत में 10 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम को भी बुलवा लिया गया। वन कर्मियों ने सर्प मित्र मयंक ठाकुर की मदद से अजगर को पकड़ लिया। उसे मोतीकटरा के जंगल में छोड़ दिया गया है। संवाद
इनका यह है कहना
डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि मोठ ब्लॉक में हिरन नजर आया है। जनपद के आसपास ओरछा में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी है। इसलिए वहीं से आने की संभावना है। इस प्रजाति का जानवर वेटलैंड में नजर आता है। जहां दलदली और हरी घास वाला क्षेत्र हो। सियार घुमंतू जानवर है और भोजन की तलाश में अकसर गांव में नजर आ जाता है। वहीं, अजगर ज्यादा ठंड होने पर धूप सेंकने के लिए जंगल से बाहर आ जाता है।
यह सावधानी बरतें
रात में खेतों में अकेले न जाएं
वन्यजीव दिखते ही वन विभाग को सूचना दें
खुले में अनाज/कचरा न छोड़ें
बामौर/गुरसराय। बामौर मंडी के समीप स्थित गौरीशंकर के खेत में 10 फीट लंबा अजगर मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। वन विभाग की टीम को भी बुलवा लिया गया। वन कर्मियों ने सर्प मित्र मयंक ठाकुर की मदद से अजगर को पकड़ लिया। उसे मोतीकटरा के जंगल में छोड़ दिया गया है। संवाद
इनका यह है कहना
डीएफओ नीरज आर्या ने बताया कि मोठ ब्लॉक में हिरन नजर आया है। जनपद के आसपास ओरछा में वाइल्ड लाइफ सेंचुरी है। इसलिए वहीं से आने की संभावना है। इस प्रजाति का जानवर वेटलैंड में नजर आता है। जहां दलदली और हरी घास वाला क्षेत्र हो। सियार घुमंतू जानवर है और भोजन की तलाश में अकसर गांव में नजर आ जाता है। वहीं, अजगर ज्यादा ठंड होने पर धूप सेंकने के लिए जंगल से बाहर आ जाता है।
यह सावधानी बरतें
रात में खेतों में अकेले न जाएं
वन्यजीव दिखते ही वन विभाग को सूचना दें
खुले में अनाज/कचरा न छोड़ें