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Jhansi News: झूठे मुकदमे में प्रतियोगी छात्र को फंसाने के आरोप में दो सिपाहियों समेत दरोगा नामजद
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवक को साजिशन झूठे मुकदमे में फंसाने के आरोप में दरोगा, दो सिपाही समेत पांच के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। न्यायालय के आदेश पर सदर बाजार थाने में आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र समेत आईपीसी की बारह अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। दरोगा की तैनाती इन दिनों ललितपुर में है। दोनों सिपाही झांसी में तैनात हैं।
सदर बाजार के भट्टागांव निवासी वीर गौतम पुत्र प्रेमचंद ने पुलिस को बताया कि 2020 में सदर बाजार थाने में तैनात दरोगा देवराज मौर्य (निवासी कानपुर) ने उसकी मां से 90 हजार की रिश्वत ली थी। वीर गौतम ने इसकी पुलिस के आला अफसरों से शिकायत कर दी। इससे देवराज ने उससे खुन्नस गांठ ली। दरोगा देवराज ने सदर बाजार थाने में 16 जून 2020 को उसके खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। छानबीन में यह पूरा मामला झूठा निकला।
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7 सितंबर 2020 को वह अपनी रिश्तेदारी में दतिया गया था। देवराज ने सिपाही सत्येंद्र एवं विजय कुमार के साथ पहुंचकर उसे पकड़ लिया। उसे गोदन थाने ले गए। आरोप है कि दूसरे झूठे मुकदमे में फंसाने के लिए देवराज ने उसे तमंचा एवं कारतूस थमाकर तस्वीरें खींची। इसके बाद आर्म्स एक्ट के तहत सदर बाजार थाने में ही दूसरा झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया। जांच पड़ताल में दोनों मामले फर्जी होने की पुष्टि हो गई। पुलिस की जांच में आरोपी दरोगा एवं दोनों सिपाही दोषी पाए गए लेकिन, एक साल के लिए पे ग्रेड में अवनति के अलावा कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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प्रतियोगी छात्र वीर गौतम का आरोप है कि जांच में दोषी पाए जाने के बाद अब दरोगा और दोनों सिपाही उसे धमका रहे हैं। एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि कोर्ट के आदेश पर आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की बारह विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करके छानबीन कराई जा रही है। दरोगा देवराज की तैनाती ललितपुर में है जबकि सिपाही सत्येंद्र कुमार एवं विजय कुमार झांसी में ही तैनात हैं।