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Jhansi News: खेतों में बढ़ी हलचल, शुरू हुई खरीफ की बुआई
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। बारिश की शुरुआत होने के साथ ही जिले के किसानों ने खरीफ फसलों की बुआई शुरू कर दी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीफ का ज्यादा रकबा निर्धारित किया गया है।
मिट्टी में नमी न होने की वजह से किसान खरीफ फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे थे। लेकिन, शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से खेत तरबतर हो गए। इसके साथ ही खेतों में हलचल बढ़ गई है। कहीं जुताई शुरू कर दी गई है, तो कही बुआई की जाने लगी है। पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा रकबे में खरीफ सीजन की फसलों की बुआई की तैयारी है। साल 2025 में 3,34,768 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसलें बोई गईं थीं, जबकि इस बार 4,76,598 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
खरीफ सीजन में जिले में प्रमुख रूप से मूंगफली, तिल, उड़द, मूंग, धान, मक्का आदि की पैदावार की जाती है।
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खाद की पर्याप्त है उपलब्धता
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में खाद और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 7.5 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। मांग के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत यूरिया और डीएपी की उपलब्धता है। सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण भी किया जा रहा है।
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जिले में बढ़ी धान की खेती
जिले में धान की खेती बढ़ रही है। साल 2024 में यहां धान का रकबा 63,439 हेक्टेयर था, जो साल 2025 में बढ़कर 64,022 हेक्टेयर पर पहुंच गया था। जबकि, इस सीजन में धान बुआई का लक्ष्य 63,606 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।
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झांसी। बारिश की शुरुआत होने के साथ ही जिले के किसानों ने खरीफ फसलों की बुआई शुरू कर दी है। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीफ का ज्यादा रकबा निर्धारित किया गया है।
मिट्टी में नमी न होने की वजह से किसान खरीफ फसलों की बुआई नहीं कर पा रहे थे। लेकिन, शुक्रवार को हुई झमाझम बारिश से खेत तरबतर हो गए। इसके साथ ही खेतों में हलचल बढ़ गई है। कहीं जुताई शुरू कर दी गई है, तो कही बुआई की जाने लगी है। पिछले साल की तुलना में इस बार ज्यादा रकबे में खरीफ सीजन की फसलों की बुआई की तैयारी है। साल 2025 में 3,34,768 हेक्टेयर क्षेत्रफल में खरीफ की फसलें बोई गईं थीं, जबकि इस बार 4,76,598 हेक्टेयर का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
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खरीफ सीजन में जिले में प्रमुख रूप से मूंगफली, तिल, उड़द, मूंग, धान, मक्का आदि की पैदावार की जाती है।
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खाद की पर्याप्त है उपलब्धता
जिला कृषि अधिकारी कुलदीप कुमार मिश्रा ने बताया कि जिले में खाद और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता है। वर्तमान में 14 हजार मीट्रिक टन यूरिया और 7.5 हजार मीट्रिक टन डीएपी उपलब्ध है। मांग के अनुसार लगभग 80 प्रतिशत यूरिया और डीएपी की उपलब्धता है। सहकारी समितियों के माध्यम से वितरण भी किया जा रहा है।
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जिले में बढ़ी धान की खेती
जिले में धान की खेती बढ़ रही है। साल 2024 में यहां धान का रकबा 63,439 हेक्टेयर था, जो साल 2025 में बढ़कर 64,022 हेक्टेयर पर पहुंच गया था। जबकि, इस सीजन में धान बुआई का लक्ष्य 63,606 हेक्टेयर निर्धारित किया गया है।