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70 ट्रांसफार्मर मंगाए, लगाया सिर्फ एक
ब्यूरो/ अमर उजाला
Updated Sun, 24 May 2015 12:29 AM IST
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झांसी। नगर में विद्युत ढांचा दुरुस्त करने के लिए 237 करोड़ की योजना पर काम कर रही कंपनी की सुस्त चाल से अधिकारी परेशान हैं। स्थिति यह है कि नौ माह में दस फीसदी काम भी पूरा नहीं हो सका है। जबकि इतना ही समय टेंडर पूरा होने में बाकी रह गया है।
महानगर में बढ़ते विद्युत लोड व वर्षों पुराने तारों के जाल को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने आरएपीडीआरपी (बुंदेलखंड पैकेज) व स्केडा (सुपरवीजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूसन प्रोग्राम) के अंतर्गत 237 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने कार्य पूरा कराने का ठेका 20 जून 2014 को गाजियाबाद की कैपिटल इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया था। मगर काम अगस्त से शुरू हो सका। नौ माह बीतने के बाद भी योजना पर काम की गति तेज होती नहीं दिख रही है। कंपनी अभी तक 28 करोड़ का भुगतान ले चुकी है, मगर काम दस फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है। कंपनी अभी तक नंदनपुरा व सीपरी बाजार क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ही कुछ खंभे लगाने व तार बदलने का काम कर सकी है।
गल्ला मंडी सब स्टेशन व मेडिकल सब स्टेशन को दुनारा 220 केवी सब स्टेशन से जोड़ने का काम, हंसारी से मुन्नालाल सब स्टेशन तक 33 केवी की नई लाइन डालने का काम गर्मी से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, मगर अब तक यह काम अधूरे हैं। किसी भी बिजली घर की अभी तक क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। कंपनी अफसर तारीख पर तारीख दिए जा रहे हैं। इसी तरह कंपनी 70 ट्रांसफार्मर खरीद चुकी है, मगर अब तक एक ही लगाया है। वह ट्रांसफार्मर भी मुख्य अभियंता कार्यालय पर लगाया गया है। कंपनी के लापरवाह रवैये से अधिकारियों समेत उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों मुख्य अभियंता वितरण केके शर्मा ने बैठक में कंपनी अफसरों से स्पष्ट कहा था कि जब तक आए हुए ट्रांसफार्मरों को नहीं लगाया जाएगा, तब तक अगला पेमेंट नहीं होगा।
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ठेकेदारों के रूचि न लेने से हो रही देरी
विभागीय सूत्रों की मानें तो कंपनी ने टेंडर में मटीरियल खरीदने के रेट तो बढ़ा-चढ़ाकर डाले मगर कार्य को पूरा कराने के रेट ज्यादा करने से ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि आरएपीडीआरएपी का काम पूरे देश में चल रहा है, इस कारण मजदूरों की कमी आड़े आ रही हैं।
यह होने हैं काम
इस योजना के अंतर्गत हंसारी पावर हाउस की क्षमता वृद्धि, दो सौ किलोमीटर एबीसी कंडक्टर तार बिछाना, शहर में चार नए सब स्टेशनों (सिविल लाइन, भगवंतपुरा, शिवाजी नगर व बाहर दतिया गेट) पर दस एमवीए के चार ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था, दो सौ अन्य ट्रांसफार्मर लगाने, घर के बाहर मीटर लगाना, दस हजार नए विद्युत खंभे लगाने आदि कार्य होने हैं।
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महानगर में बढ़ते विद्युत लोड व वर्षों पुराने तारों के जाल को खत्म करने के लिए उत्तर प्रदेश पावर कारपोरेशन ने आरएपीडीआरपी (बुंदेलखंड पैकेज) व स्केडा (सुपरवीजन कंट्रोल एंड डाटा एक्यूसन प्रोग्राम) के अंतर्गत 237 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की है। दक्षिणांचल विद्युत वितरण निगम ने कार्य पूरा कराने का ठेका 20 जून 2014 को गाजियाबाद की कैपिटल इलेक्ट्रिक प्राइवेट लिमिटेड कंपनी को दिया था। मगर काम अगस्त से शुरू हो सका। नौ माह बीतने के बाद भी योजना पर काम की गति तेज होती नहीं दिख रही है। कंपनी अभी तक 28 करोड़ का भुगतान ले चुकी है, मगर काम दस फीसदी भी पूरा नहीं हो सका है। कंपनी अभी तक नंदनपुरा व सीपरी बाजार क्षेत्र के कुछ हिस्सों में ही कुछ खंभे लगाने व तार बदलने का काम कर सकी है।
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गल्ला मंडी सब स्टेशन व मेडिकल सब स्टेशन को दुनारा 220 केवी सब स्टेशन से जोड़ने का काम, हंसारी से मुन्नालाल सब स्टेशन तक 33 केवी की नई लाइन डालने का काम गर्मी से पहले पूरा करने के निर्देश दिए गए थे, मगर अब तक यह काम अधूरे हैं। किसी भी बिजली घर की अभी तक क्षमता वृद्धि नहीं हो सकी है। कंपनी अफसर तारीख पर तारीख दिए जा रहे हैं। इसी तरह कंपनी 70 ट्रांसफार्मर खरीद चुकी है, मगर अब तक एक ही लगाया है। वह ट्रांसफार्मर भी मुख्य अभियंता कार्यालय पर लगाया गया है। कंपनी के लापरवाह रवैये से अधिकारियों समेत उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ती जा रही है। पिछले दिनों मुख्य अभियंता वितरण केके शर्मा ने बैठक में कंपनी अफसरों से स्पष्ट कहा था कि जब तक आए हुए ट्रांसफार्मरों को नहीं लगाया जाएगा, तब तक अगला पेमेंट नहीं होगा।
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ठेकेदारों के रूचि न लेने से हो रही देरी
विभागीय सूत्रों की मानें तो कंपनी ने टेंडर में मटीरियल खरीदने के रेट तो बढ़ा-चढ़ाकर डाले मगर कार्य को पूरा कराने के रेट ज्यादा करने से ठेकेदार नहीं मिल रहे हैं। कंपनी के अधिकारी बताते हैं कि आरएपीडीआरएपी का काम पूरे देश में चल रहा है, इस कारण मजदूरों की कमी आड़े आ रही हैं।
यह होने हैं काम
इस योजना के अंतर्गत हंसारी पावर हाउस की क्षमता वृद्धि, दो सौ किलोमीटर एबीसी कंडक्टर तार बिछाना, शहर में चार नए सब स्टेशनों (सिविल लाइन, भगवंतपुरा, शिवाजी नगर व बाहर दतिया गेट) पर दस एमवीए के चार ट्रांसफार्मरों की व्यवस्था, दो सौ अन्य ट्रांसफार्मर लगाने, घर के बाहर मीटर लगाना, दस हजार नए विद्युत खंभे लगाने आदि कार्य होने हैं।