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अवैध तरीके से बनी इमारत को ढहाया
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झोरनबाग में अवैध इमारत को जेडीए ने ढहाती जेडीए की टीम। अमर उजाला
झांसी। महानगर के झोकन बाग में अवैध रूप से एक इमारत का निर्माण कराया गया था। शिकायत मिलने पर जेडीए ने जांच कराई थी। जांच के दौरान निर्माण अवैध पाया था। मंगलवार को झांसी विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने इमारत को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया है। इस दौरान जेडीए टीम को विरोध का सामना करना पड़ा।
झोकनबाग स्थित 449.39 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में भवन स्वामी अनिल अग्रवाल द्वारा बिना मानचित्र पास कराए इमारत का निर्माण कराया था। जिसमें तीन गोदामों को बनाकर व्यवसायिक गतिविधियों में संचालित किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर जेडीए ने जांच कराकर 24 अगस्त 2018 को इमारत को सील कर दिया था। लेकिन भवन में रह रहे अन्य व्यक्ति द्वारा सील होने के उपरांत न्यायालय की शरण ली गई थी। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने समिति का गठन कर जांच करने व कार्रवाई के आदेश दिए थे। जेडीए द्वारा समिति का गठन कर जांच की गई थी। जांच के दौरान निर्माण पूर्ण रूप से अवैध पाया था। मंगलवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में जेडीए अमला इमारत को ध्वस्त करने के लिए पहुंचा तो कुछ लोगों विरोध शुरू कर दिया। लेकिन लोगों को समझाने के बाद इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान जेडीए के अवर अभियंता सुखवीर सिंह, संतोष वर्मा, संजय गुप्ता, घनश्याम तिवारी, अनिल नेहरा, जय शंकर सिंह के साथ अनुचर संतोष कुमार, अमन व सतीश मौजूद रहे।
जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि इमारत का निर्माण बिना मानचित्र के कराया गया था। शिकायत मिलने पर इमारत को सील कर दिया गया था। मामला उच्च न्यायालय में पहुंचने पर न्यायालय द्वारा जांच समिति का गठन कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। जिसके चलते भवन स्वामी को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की सूचना जारी कर दी गई थी। इमारत का ध्वस्त कर दिया गया है।
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झोकनबाग स्थित 449.39 वर्ग मीटर क्षेत्रफल में भवन स्वामी अनिल अग्रवाल द्वारा बिना मानचित्र पास कराए इमारत का निर्माण कराया था। जिसमें तीन गोदामों को बनाकर व्यवसायिक गतिविधियों में संचालित किया जा रहा था। शिकायत मिलने पर जेडीए ने जांच कराकर 24 अगस्त 2018 को इमारत को सील कर दिया था। लेकिन भवन में रह रहे अन्य व्यक्ति द्वारा सील होने के उपरांत न्यायालय की शरण ली गई थी। सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने समिति का गठन कर जांच करने व कार्रवाई के आदेश दिए थे। जेडीए द्वारा समिति का गठन कर जांच की गई थी। जांच के दौरान निर्माण पूर्ण रूप से अवैध पाया था। मंगलवार को प्राधिकरण के उपाध्यक्ष के नेतृत्व में जेडीए अमला इमारत को ध्वस्त करने के लिए पहुंचा तो कुछ लोगों विरोध शुरू कर दिया। लेकिन लोगों को समझाने के बाद इमारत को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई के दौरान जेडीए के अवर अभियंता सुखवीर सिंह, संतोष वर्मा, संजय गुप्ता, घनश्याम तिवारी, अनिल नेहरा, जय शंकर सिंह के साथ अनुचर संतोष कुमार, अमन व सतीश मौजूद रहे।
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जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार दीक्षित ने बताया कि इमारत का निर्माण बिना मानचित्र के कराया गया था। शिकायत मिलने पर इमारत को सील कर दिया गया था। मामला उच्च न्यायालय में पहुंचने पर न्यायालय द्वारा जांच समिति का गठन कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था। जिसके चलते भवन स्वामी को नोटिस जारी कर ध्वस्तीकरण की सूचना जारी कर दी गई थी। इमारत का ध्वस्त कर दिया गया है।
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