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बाधाओं को बौना साबित कर हासिल किया ऊंचा मुकाम

Wed, 21 Sep 2016 12:33 AM IST
Jhansi
Jhansi Updated Wed, 21 Sep 2016 12:33 AM IST
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Hurdles proved dwarf achieved higher stage
बाधाओं को बौना साबित कर हासिल किया ऊंचा मुकाम - फोटो : Amar Ujala
झांसी। उत्तर प्रदेश सरकार और ‘अमर उजाला’ की साझा पहल ‘नारी सम्मान’ अभियान के तहत मंगलवार को सम्मान समारोह आयोजित किया गया, जिसमें खेल, शिक्षा, बहादुरी, कला, सामाजिक कार्य व उद्यमिता में विशिष्ट योगदान देने वाली छह महिलाओं को सम्मानित किया गया। इस दौरान प्रदेश सरकार की महिला कल्याण के लिए चलाई जाने वाली योजनाओं की जानकारियां दी गईं।
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वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई राजकीय महिला महाविद्यालय के सभागार में आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि मंडलायुक्त के राममोहन राव तथा विशिष्ट अतिथि मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल, महारानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अरविंद कुमार व मुख्य चिकित्साधिकारी डा. विनोद यादव ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया, इसके बाद लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कॉलेज की छात्राओं ने स्वागत गीत व राजस्थानी नृत्य की सुंदर प्रस्तुति दी।
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मुख्य अतिथि ने बाधाओं को बौना साबित करते हुए जिंदगी में ऊंचा मुकाम हासिल करने वाली छह महिलाओं को सम्मानित किया। शिक्षा में कल्याणी श्रीवास्तव, कला में कामिनी बघेल, खेल में शाहिन परवीन, उद्यमिता में छुन्ना कला, बहादुरी में सीमा तिवारी व सामाजिक कार्य में बैजयंती पांडेय को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में छात्राओं का उत्साहवर्धन करते हुए कमिश्नर ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र मेहनत, मेहनत और कड़ी मेहनत है। इसके जरिये कुछ भी हासिल किया जा सकता है। अपनी इच्छाओं पर नियंत्रण रखते हुए समय का सदुपयोग करें। लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़ें। नारी सम्मान छात्राओं के लिए प्रेरणास्पद है, इससे उन्हें भी समाज के लिए कुछ करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने महिला कल्याण की विभिन्न योजनाओं की जानकारी भी दी।
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सीडीओ नवनीत सिंह चहल ने कहा कि प्रदेश सभी वर्गों की महिलाओं के जीवन स्तर में बदलाव की दिशा में काम कर रही है। लैपटॉप व कन्या विद्या धन के माध्यम से बालिकाओं की उच्च शिक्षा की राह आसान की जा रही है, तो वहीं समाजवादी पेंशन महिलाओं का आर्थिक सहारा बनी हुई है। वीरता व खेलकूद के क्षेत्र में विशिष्ट उपलब्धि पर बालिकाओं व महिलाओं को एक लाख रुपये का रानी लक्ष्मीबाई वीरता पुरस्कार दिया जा रहा है। इस दौरान उन्होंने रानी लक्ष्मीबाई महिला सम्मान कोष, महिला उद्यमी प्रोत्साहन योजना समेत विभिन्न योजनाओं के बारे में बताया।
इस मौके पर एसपी देहात अरुण कुमार दीक्षित, जिला विद्यालय निरीक्षक डा. नीरज कुमार पांडेय, समाज कल्याण अधिकारी इसरा उल हक, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजीव शर्मा, महिला थाना इंचार्ज रंजना गुप्ता, महाविद्यालय के प्राचार्य डा. आरके गुप्ता, जेसीआई वीरांगना की अपर्णा दुबे, जेसीआई कोहिनूर अध्यक्ष वैशाली पुंशी, बीबी त्रिपाठी, मिलन गुप्ता, सुदर्शन शिवहरे समेत विभिन्न कालेजों की छात्राएं व शहर के अन्य गणमान्य लोग मौजूद रहे।

यह बनीं ‘नारी सम्मान’ की हकदार
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- खेल : शाहीन परवीन
उपलब्धि : सेकेंड दान ब्लैक बेल्ट, बुंदेलखंड की पहली महिला कराटे प्रशिक्षिका, कई स्कूलों में नि:शुल्क कैंप आयोजित कर पांच हजार बालिकाओं को आत्मरक्षा में किया निपुण, सेना के जवानों को भी दिया कराटे का प्रशिक्षण।

- शिक्षा : कल्याणी श्रीवास्तव
उपलब्धि: इंटरमीडिएट की छात्रा, सोलर सिस्टम से चलने वाला देसी एसी बनाया, जो पर्यावरण सुरक्षा व ग्रामीण परिवेश के अनुकूल है। राष्ट्रीय स्तर पर मॉडल का हुआ चयन, बाल वैज्ञानिकों की कांफ्रेंस में जापान से मिला आमंत्रण।

- कला : कामिनी बघेल
उपलब्धि: पेंटिंग की समकालीन आकृति मूलक शैली, देश विदेश की कला प्रदर्शनियों में कर चुकी हैं प्रतिभाग, कई अवार्ड हासिल किए, केनवास पर नारी के दर्द को संवेदनशील ढंग से उभारने का है बेहतरीन हुनर।

- बहादुरी : सीमा तिवारी
उपलब्धि: घर में डकैती पड़ने पर घबराईं नहीं, डटकर किया मुकाबला। रीढ़ की हड्डी में गंभीर चोट आने पर भी हिम्मत नहीं हारी। तकरीबन एक किमी तक घिसटते हुए पुलिस चौकी पहुंची। मौके पर सात डकैतों को पकड़वाया और छह लोगों की जान बचाई।

- सामाजिक कार्य : बैजयंती पांडेय
उपलब्धि: सीपरी बाजार झुग्गी झोपड़ी बस्ती साल 2005 से अनवरत रूप से बच्चों को नि:शुल्क पढ़ाती आ रही हैं। उनकी पढ़ाई हुईं कई बालिकाएं इस समय उच्च शिक्षा हासिल कर रही हैं। यहां तक कि अब बस्ती की महिलाओं ने भी पढ़ना शुरू कर दिया है।

- उद्यमिता - छन्नू कला
उपलब्धि: स्वयं सहायता समूह के माध्यम से 500 महिलाओं को बचत व उद्यमिता के लिए प्रेरित किया। तीन सौ महिलाओं को व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया। इनमें से कई अब अपने पैरों पर खड़ी हैं। आदिवासी महिलाओं की स्थिति में बदलाव पर विशेष ध्यान।


छात्राओं ने की सांस्कृतिक प्रस्तुति
झांसी। कार्यक्रम के दौरान लोकमान्य तिलक कन्या इंटर कालेज की छात्राओं ने शिक्षिका शुभांगी डेग्वेकर, आकांक्षा धारेकर व मनीषा खानवलकर के निर्देशन में स्वागत गान व राजस्थानी नृत्य की प्रस्तुति की। इनमें निदा खान, अंशिका शर्मा, दीक्षा नामदेव, संजना वर्मा, शिवानी प्रजापति, ईशा कोष्टा, शीतल विश्वकर्मा, रेशम मकरानी, सपना शाक्या, शिखा झा, हिमांशी साहू, आफरीन, अर्चना विश्वकर्मा, निष्ठा विश्वकर्मा, शिवानी वर्मा, कविता साहू, शिवानी रायकवार, तोशीबा विश्वकर्मा, रिचा सोनी शामिल रहीं। इसके अलावा डा. राजेंद्र प्रसाद कन्या इंटर कॉलेज की छात्रा रक्षा यादव व काजल झा ने नारी सम्मान विषय पर अपनी रचना प्रस्तुत की।
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