{"_id":"bf484119fe7aca7c5b8e5edc5badff7d","slug":"humidity-sweat-rescued-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"उमस ने छुड़ाए पसीने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उमस ने छुड़ाए पसीने
झांसी/ ब्यूरो
Updated Sun, 30 Aug 2015 11:20 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
इन दिनों मौसम के तल्ख तेवरों ने लोगों का हाल बेहाल कर दिया है। तेज धूप के चलते लोग पसीने से तरबतर हैं। आसमान में बादल आने के बाद बिना बरसे जाने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कुदरत का यह मिजाज खेती की दृष्टि से भी अनुकूल नहीं माना जा रहा है।
बारिश हुए एक पखवारा पूरा होने को है। सुबह से ही सूरज आसमान को अपने आगोश में ले लेता है और धरती पर तीखी धूप डेरा डाल लेती है। घर के भीतर हो या बाहर, सभी जगह लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा। तीखी धूप से शरीर पसीने से तरबतर हो रहे हैं। पंखे के नीचे भी खासी राहत नहीं मिल रही है। हालांकि, रात में हवा में ठंडी हो जाती है। लेकिन, बंद कमरों में उमस पीछा नहीं छोड़ती। मौसम के इस मिजाज से लोगों का हाल बेहाल है। इसके अलावा कृषि की दृष्टि से भी मौसम की यह तल्खी किसानों पर भारी पड़ रही है।
मौसम विभाग के अनुसार जिले में सामान्य बारिश का आंकड़ा साढ़े सात सौ से आठ सौ मिलीमीटर के मध्य रहता है। इस दृष्टि से इस सीजन में बारिश के आंकड़े ठीकठाक हैं। अब तक साढ़े छह सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। सितंबर में भी बारिश होने के आसार हैं, जिसमें आंकड़ा सामान्य तक पहुंचने की पूरी संभावना है, परंतु बारिश में हो रहा लंबा अंतर नुकसानदायक है। लगातार तीखी धूप से जमीन की नमी खत्म हो रही है। इससे बोई हुई फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह के अनुसार सितंबर के मध्य में बारिश होने की संभावना है। जिले में सामान्य बारिश होने की पूरी उम्मीद है। लेकिन, बारिश का यह अंतर खेती पर भारी पड़ रहा है। इससे जमीन की नमी खत्म हो रही है और बीज अपना समुचित रूप नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि, अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई है। आने वाले दिनों में मौसम में सुधार की पूरी गुंजाइश है।
विज्ञापन
बारिश हुए एक पखवारा पूरा होने को है। सुबह से ही सूरज आसमान को अपने आगोश में ले लेता है और धरती पर तीखी धूप डेरा डाल लेती है। घर के भीतर हो या बाहर, सभी जगह लोगों को उमस का सामना करना पड़ रहा। तीखी धूप से शरीर पसीने से तरबतर हो रहे हैं। पंखे के नीचे भी खासी राहत नहीं मिल रही है। हालांकि, रात में हवा में ठंडी हो जाती है। लेकिन, बंद कमरों में उमस पीछा नहीं छोड़ती। मौसम के इस मिजाज से लोगों का हाल बेहाल है। इसके अलावा कृषि की दृष्टि से भी मौसम की यह तल्खी किसानों पर भारी पड़ रही है।
विज्ञापन
मौसम विभाग के अनुसार जिले में सामान्य बारिश का आंकड़ा साढ़े सात सौ से आठ सौ मिलीमीटर के मध्य रहता है। इस दृष्टि से इस सीजन में बारिश के आंकड़े ठीकठाक हैं। अब तक साढ़े छह सौ मिलीमीटर से अधिक बारिश हो चुकी है। सितंबर में भी बारिश होने के आसार हैं, जिसमें आंकड़ा सामान्य तक पहुंचने की पूरी संभावना है, परंतु बारिश में हो रहा लंबा अंतर नुकसानदायक है। लगातार तीखी धूप से जमीन की नमी खत्म हो रही है। इससे बोई हुई फसलों पर बुरा असर पड़ रहा है।
विज्ञापन
कृषि विज्ञान केंद्र भरारी के वैज्ञानिक डॉ. वीके सिंह के अनुसार सितंबर के मध्य में बारिश होने की संभावना है। जिले में सामान्य बारिश होने की पूरी उम्मीद है। लेकिन, बारिश का यह अंतर खेती पर भारी पड़ रहा है। इससे जमीन की नमी खत्म हो रही है और बीज अपना समुचित रूप नहीं ले पा रहे हैं। हालांकि, अभी स्थिति ज्यादा खराब नहीं हुई है। आने वाले दिनों में मौसम में सुधार की पूरी गुंजाइश है।