{"_id":"6aa70a962979108c13091391","slug":"hospital-buildings-are-ready-but-the-recruitment-of-staff-has-been-awaited-for-years-jhansi-news-c-131-1-ltp1029-163039-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Jhansi News: अस्पतालों के भवन बनकर तैयार, सालों से कर्मचारियों की नियुक्ति का इंतजार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Jhansi News: अस्पतालों के भवन बनकर तैयार, सालों से कर्मचारियों की नियुक्ति का इंतजार
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) बन कर तैयार खड़े हुए हैं। इनके निर्माण में 88 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन, अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह हाल 20 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का बना हुआ है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में सुविधा देने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) की सुविधा की गई थी। प्रत्येक अस्पताल के भवन का निर्माण 4.40 लाख रुपये से किया गया था। लेकिन, भवन बनने के पांच वर्ष बाद भी अब तक प्राथमिक उपचार की सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं हैं। ऐसे में यह अस्पतालों के भवन शोपीस बने हुए हैं। यह हाल 20 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का बना हुआ है। ऐसे में लोगों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रहा है। लोगों को ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार को जाना पड़ रहा है।जब 88 लाख रुपये की लागत के बने भवन उपयोगी तक साबित नहीं हो पा रहे हैं।
-- -
20 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के भवन बने हुए हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कर्मचारी नियुक्त होने पर संचालित कराए जाएंगे।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ
विज्ञापन
ललितपुर। जनपद में ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं मुहैया कराने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) बन कर तैयार खड़े हुए हैं। इनके निर्माण में 88 लाख रुपये खर्च किए गए हैं। लेकिन, अब तक सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) की नियुक्ति नहीं हो सकी है। ऐसे में लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह हाल 20 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का बना हुआ है।
जिले में स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित क्षेत्रों में सुविधा देने के लिए आयुष्मान आरोग्य मंदिर (हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर) की सुविधा की गई थी। प्रत्येक अस्पताल के भवन का निर्माण 4.40 लाख रुपये से किया गया था। लेकिन, भवन बनने के पांच वर्ष बाद भी अब तक प्राथमिक उपचार की सेवाएं शुरू नहीं हो सकीं हैं। ऐसे में यह अस्पतालों के भवन शोपीस बने हुए हैं। यह हाल 20 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों का बना हुआ है। ऐसे में लोगों को उपचार की सुविधा नहीं मिल पा रहा है। लोगों को ब्लॉक स्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर उपचार को जाना पड़ रहा है।जब 88 लाख रुपये की लागत के बने भवन उपयोगी तक साबित नहीं हो पा रहे हैं।
विज्ञापन
20 आयुष्मान आरोग्य मंदिर के भवन बने हुए हैं। कर्मचारियों की नियुक्ति नहीं हो सकी है। कर्मचारी नियुक्त होने पर संचालित कराए जाएंगे।
- डॉ. वीरेंद्र सिंह, सीएमओ