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Jhansi News: क्रिकेट सा ग्लैमर और नाम चाहती है हॉकी

Tue, 13 Feb 2024 03:03 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Feb 2024 03:03 AM IST
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Hockey wants glamor and name like cricket
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। क्रिकेट खिलाड़ियाें को खूब नाम और सम्मान मिलता है, लेकिन देश के राष्ट्रीय खेल हॉकी के खिलाड़ी आज भी पहचान के मोहताज हैं। छोटे से छोटे क्रिकेट टूर्नामेंट में दर्शकों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन हॉकी को दर्शक ही नहीं मिलते। हॉकी को भी क्रिकेट जैसा ग्लैमर मिले तो खेल और खिलाड़ी दोनों ऊंचाई तक पहुंच सकते हैं। इसके लिए सरकारी स्तर पर प्रयास और बड़े स्तर पर हॉकी टूर्नामेंट कराने की जरूरत है। अमर उजाला कार्यालय में सोमवार को देश के तीन राज्यों की महिला हॉकी खिलाड़ियों ने अपनी पीड़ा साझा की। महिला खिलाड़ियों ने कहा कि हॉकी खिलाड़ियाें को प्रोत्साहन तो मिलता है, लेकिन वह क्रिकेट जैसा नहीं है। बड़ी संख्या में तो लोग यह भी नहीं जानते कि हॉकी को खेला कैसे जाता है? अगर इस खेल में भी क्रिकेटरों जैसा लाभ मिले तो खिलाड़ी और भी बेहतर कर सकते हैं।
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बंगाल के गांवों में लोग जानते ही नहीं कि हॉकी क्या है : मामती विश्वास
साई कोलकाता टीम की खिलाड़ी मामती विश्वास ने बताया कि उन्होंने 2013 से हॉकी खेलना शुरू किया। उनके गांव नादिया में कोई हॉकी के बारे में जानता ही नहीं है। हॉकी को लोग लकड़ी कहते हैं। मामती ने कड़े संघर्ष के बाद नेशनल प्रतियोगिता तक का सफर तय किया है। मामती बताती हैं कि पिता के निधन के बाद मां ही परिवार को चलाती हैं। हॉकी खरीदने के पैसे नहीं थे तो एक ई-कॉमर्स कंपनी में डिलीवरी बाॅय की नौकरी की। गांव के एक कॉलेज में मैदान पर प्रैक्टिस करते। इसके बाद स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया के कोलकाता सेंटर में उनका चयन हो गया। मामती का कहना है कि हॉकी में क्रिकेट जैसा ग्लैमर नहीं है। इसलिए मैच में दर्शक नहीं आते। इसके लिए पहल करने की जरूरत है।
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हॉकी खिलाड़ी पहचान के मोहताज: कोमल
यूपी इलेवन टीम की खिलाड़ी कोमल बनारस की रहने वाली हैं। वे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नीदरलैंड में जूनियर महिला हॉकी टीम में शामिल होकर हॉकी मैच खेल चुकी हैं। कोमल बताती हैं कि हॉकी में खिलाड़ियों और प्रतिभाओं की कमी नहीं है। हॉकी की टीम ने विश्व स्तर पर कई बार परचम लहराया है, लेकिन कोई जानता ही नहीं है। तमाम हॉकी खिलाड़ी ऐसे हैं, जो आज भी पहचान के मोहताज हैं। उन्होंने बताया कि पिता ट्रक चलाते हैं और मां सिलाई करती हैं। अपनी मेहनत के दम पर यहां तक पहुंचे हैं। हॉकी को थोड़ा प्रोत्साहन मिल जाए तो खेल और खिलाड़ी दोनों की दिशा बदल सकते हैं।
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नियमों के बारे में जागरूकता जरूरी : काजल
यूपी इलेवन टीम की खिलाड़ी काजल का कहना है कि क्रिकेट को लेकर लोग सब कुछ जानते हैं। लोग क्रिकेट के नियमों के प्रति इतने जागरूक हैं कि रन बनाना, खिलाड़ी का आउट होना समेत सब कुछ समझ लेते हैं। लेकिन हॉकी में फाउल और गोल के बारे में कोई नहीं जानता। लोगों को हॉकी के बारे में जागरूक करने और नियमों की समझ कराने के लिए पहल की जानी चाहिए। हम हॉकी खिलाड़ी भी क्रिकेट और फुटबॉल जैसा ग्लैमर चाहते हैं।
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फुटबॉल और क्रिकेट जैसा काम करने की जरूरत : रितुजा
यूनियन बैंक मुंबई टीम की खिलाड़ी रितुजा कहती हैं कि हॉकी को पिछले सालों में बेहतर खिलाड़ी और प्रोत्साहन मिला है, लेकिन फुटबॉल और क्रिकेट से कमतर है। हाल ही में हॉकी का विश्वकप हुआ, लेकिन इसके बारे में कोई नहीं जानता। हॉकी को प्रोत्साहन देने के लिए फुटबॉल और क्रिकेट जैसे बड़े टूर्नामेंट कराए जाएं। साथ ही इस खेल से फिल्म स्टार को जोड़ा जाए। रितुजा भी अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखा चुकी हैं। वे भारतीय जूनियर हॉकी टीम की सह कप्तान रह चुकी हैं।
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नौकरियों में बढ़े कोटा : आकांक्षा
यूनियन बैंक मुंबई टीम की खिलाड़ी आकांक्षा राजकुमार सिंह ने कहा कि हॉकी खिलाड़ियों को नाम चाहिए। सरकारी नौकरियों में हॉकी खिलाड़ियों का कोटा बढ़ना चाहिए। जिस तरह से यूनियन बैंक ने महिला हॉकी खिलाड़ियों को कोटा दिया है, अन्य संस्थानों को भी इसकी पहल करने की जरूरत है। आकांक्षा यूपी के गोंडा की रहने वाली हैं और कई टूर्नामेंट में खेल चुकी हैं।
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पहले से काफी बदलाव हुए : प्रखर
कोलकाता टीम के कोच प्रखर पटेल ने बताया कि हॉकी में पहले की अपेक्षा काफी बदलाव हुए हैं। साई और हाॅकी इंडिया ने खेल और खिलाड़ियों को निखारने के लिए पहल की है। स्पोर्ट्स कॉलेज और नेशनल सेंटर में हॉकी खिलाड़ियाें को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। भविष्य में बदलाव नजर आएंगे।

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खिलाड़ी बोले- पहली बार छपते देखा अखबार
अमर उजाला कार्यालय पहुंची 60 से ज्यादा महिला हॉकी खिलाड़ी काफी खुश नजर आईं। उन्होंने अखबार के प्रकाशन और खबरों के संपादन की प्रक्रिया जानी। इस मौके पर उपक्रीड़ा अधिकारी राजेश सोनकर, यूपी कोच सुषमा कुमारी, लता चौधरी, कोलकाता टीम के कोच प्रखर पटेल, एकता भारती, यूनियन बैंक मुंबई टीम के कोच धर्मेंद्र, स्टानले थॉमस, मुकेश कुमार, हर्षित मौजूद रहे।
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