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पढ़ाई को दिलचस्प बना रही, झांसी के मदरसों में ‘मुस्कुरा रही हिंदी’
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पूनम संधू
- फोटो : REPORTERS
झांसी। लिपट जाता हूं मां से और मौसी मुस्कुराती है, मैं उर्दू में गजल कहता हूं, हिंदी मुस्कुराती है। कभी मशहूर शायर मुनव्वर राना ने यह शेर हिंदी-उर्दू के आपसी रिश्तों को बयां करते हुए कहा था लेकिन, इस शेर को झांसी के मदरसों में पूरी शिद्दत के साथ अमल में उतारते देखा जा सकता है। यहां पढ़ने वाले छात्रों के लिए बेशक उर्दू मुख्य भाषा है लेकिन उनके भीतर हिंदी को लेकर गजब का उत्साह दिखता है।
हिंदी इनके लिए दुनिया को समझने की एक खिड़की की तरह है। यहां हिंदी एक विषय की तरह पढ़ाई जाती है। बच्चों को जब अमर उजाला के अभियान के बारे में मालूम चला तब वे सभी बेहद जोश के साथ इसमें शिरकत करने को राजी हो गए। फिर क्या पढ़ाने वाले मौलवी और क्या छात्र। सभी इस मुहिम में आगे आए। किसी ने सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी झांसी की रानी कविता पढ़ी, किसी ने दद्दा नाम से मशहूर मैथिली शरण गुप्ता की रचना पढ़कर सुनाई।
मदरसा इस्लामिया जामा मस्जिद, सराय के प्रधानाचार्य सुहेल अहमद बताते हैं छात्र हिंदी मेें बड़ी दिलचस्पी लेते हैं। मदरसा छात्रों को इसमें नंबर भी अच्छे आते हैं। वहीं, छात्रों का कहना है आगे की पढ़ाई में हिंदी से काफी फायदे मिलते हैं। अंग्रेजी में हाथ तंग होने पर हिंदी से मदद मिल जाती है। पिछली परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों को साठ फीसदी से अधिक अंक मिले। मदरसा कोस्मोपोलीटन कॉलेज की छात्रा आलिया, रेशम, इरम का तो हिंदी मनपंसद विषय है। इन छात्राओं को हिंदी साहित्य के तमाम रचनाकारों के साथ उनकी किताबें के नाम भी मुंहजुबानी याद है। इन छात्राओं ने भी शुद्व उच्चारण के साथ कविताएं सुनाईं। मदरसा प्रबंधकों के मुताबिक अधिकांश छात्रों के भीतर हिंदी को लेकर स्वभाविक रुझान देखने को मिलता है।
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संत और कवियों की भाषा है हिंदी : पूनम
झांसी। स्काउट गाइड की सहायक प्रादेशिक संगठन की कमिश्नर पूनम संधू का कहना है कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि अमर उजाला के अभियान हिंदी है हम में विजेता घोषित किया गया है। आवास विकास निवासी पूनम संधू ने अमर उजाला टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी बहुत सरल भाषा है। उन्होंने वीडियो में संदेश दिया था कि हिंदी संतों और कवियों की भाषा है जिन्होंने अपने ग्रंथ तथा काव्य लिखे हैं, जो पूजनीय है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, प्रेमचंद का हिंदी में लिखा साहित्य हमेशा अमर रहेगा।
हिंदी का हो अधिक से अधिक प्रयोग: नगर आयुक्त
झांसी। अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से प्रभावित होकर नगर आयुक्त अवनीश कुमार राय ने नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को हिंदी में अधिक से अधिक काम करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कार्यालय की पत्रावलियों व आलेख एवं अनुबंध पत्रों पर यथा संभव हिंदी भाषा का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। अपरिहार्य परिस्थिति में ही अंग्रेजी भाषा प्रयोग में लाई जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि हिंदी भाषा को बोलने या लिखने - पढ़ने में किसी तरह का परहेज नहीं किया जाना चाहिए।
हिंदी बोलें, हिंदी लिखें, आसान होंगे काम: आरटीओ
झांसी। संभागीय परिवहन कार्यालय भी अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान का सहगामी बन गया है। संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार गंगवार ने संभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि सभी विभागीय कार्यों में ज्यादा से ज्यादा हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। अपने इस आदेश का उन्होंने प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। आरटीओ ने कहा कि हिंदी बोलने और लिखने से काम आसान हो जाते हैं। इससे विभागीय कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले लोगों को भी सुविधा होगी।
शिक्षण संस्थान भी आगे आए
झांसी। अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से शिक्षण संस्थान भी जुड़ने लगे हैं। प्रेमनगर स्थित सेंट उमर इंटर कॉलेज द्वारा सभी बच्चों को इस अभियान से जुड़ने को कहा है। इतना ही नहीं, विद्यालय के मुख्य द्वार पर इसकी सूचना भी चस्पा कर दी गई है। विद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों द्वारा वीडियो बनाकर अभियान के मोबाइल नंबर 9711616205 पर भेेजे जा रहे हैं।
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हिंदी इनके लिए दुनिया को समझने की एक खिड़की की तरह है। यहां हिंदी एक विषय की तरह पढ़ाई जाती है। बच्चों को जब अमर उजाला के अभियान के बारे में मालूम चला तब वे सभी बेहद जोश के साथ इसमें शिरकत करने को राजी हो गए। फिर क्या पढ़ाने वाले मौलवी और क्या छात्र। सभी इस मुहिम में आगे आए। किसी ने सुभद्रा कुमारी चौहान की लिखी झांसी की रानी कविता पढ़ी, किसी ने दद्दा नाम से मशहूर मैथिली शरण गुप्ता की रचना पढ़कर सुनाई।
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मदरसा इस्लामिया जामा मस्जिद, सराय के प्रधानाचार्य सुहेल अहमद बताते हैं छात्र हिंदी मेें बड़ी दिलचस्पी लेते हैं। मदरसा छात्रों को इसमें नंबर भी अच्छे आते हैं। वहीं, छात्रों का कहना है आगे की पढ़ाई में हिंदी से काफी फायदे मिलते हैं। अंग्रेजी में हाथ तंग होने पर हिंदी से मदद मिल जाती है। पिछली परीक्षा में बड़ी संख्या में छात्रों को साठ फीसदी से अधिक अंक मिले। मदरसा कोस्मोपोलीटन कॉलेज की छात्रा आलिया, रेशम, इरम का तो हिंदी मनपंसद विषय है। इन छात्राओं को हिंदी साहित्य के तमाम रचनाकारों के साथ उनकी किताबें के नाम भी मुंहजुबानी याद है। इन छात्राओं ने भी शुद्व उच्चारण के साथ कविताएं सुनाईं। मदरसा प्रबंधकों के मुताबिक अधिकांश छात्रों के भीतर हिंदी को लेकर स्वभाविक रुझान देखने को मिलता है।
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संत और कवियों की भाषा है हिंदी : पूनम
झांसी। स्काउट गाइड की सहायक प्रादेशिक संगठन की कमिश्नर पूनम संधू का कहना है कि उन्हें बहुत खुशी हो रही है कि अमर उजाला के अभियान हिंदी है हम में विजेता घोषित किया गया है। आवास विकास निवासी पूनम संधू ने अमर उजाला टीम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि हिंदी बहुत सरल भाषा है। उन्होंने वीडियो में संदेश दिया था कि हिंदी संतों और कवियों की भाषा है जिन्होंने अपने ग्रंथ तथा काव्य लिखे हैं, जो पूजनीय है। राष्ट्रकवि मैथिलीशरण गुप्त, प्रेमचंद का हिंदी में लिखा साहित्य हमेशा अमर रहेगा।
हिंदी का हो अधिक से अधिक प्रयोग: नगर आयुक्त
झांसी। अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से प्रभावित होकर नगर आयुक्त अवनीश कुमार राय ने नगर निगम के अधिकारियों व कर्मचारियों को हिंदी में अधिक से अधिक काम करने के निर्देश जारी किए हैं। उन्होंने निर्देश दिए हैं कि कार्यालय की पत्रावलियों व आलेख एवं अनुबंध पत्रों पर यथा संभव हिंदी भाषा का प्रयोग सुनिश्चित किया जाए। अपरिहार्य परिस्थिति में ही अंग्रेजी भाषा प्रयोग में लाई जाए। नगर आयुक्त ने कहा कि हिंदी भाषा को बोलने या लिखने - पढ़ने में किसी तरह का परहेज नहीं किया जाना चाहिए।
हिंदी बोलें, हिंदी लिखें, आसान होंगे काम: आरटीओ
झांसी। संभागीय परिवहन कार्यालय भी अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान का सहगामी बन गया है। संभागीय परिवहन अधिकारी राजेश कुमार गंगवार ने संभाग के सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को निर्देशित किया है कि सभी विभागीय कार्यों में ज्यादा से ज्यादा हिंदी भाषा का इस्तेमाल किया जाए। अपने इस आदेश का उन्होंने प्रभावी ढंग से इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। आरटीओ ने कहा कि हिंदी बोलने और लिखने से काम आसान हो जाते हैं। इससे विभागीय कार्यालयों में विभिन्न कार्यों से आने वाले लोगों को भी सुविधा होगी।
शिक्षण संस्थान भी आगे आए
झांसी। अमर उजाला के ‘हिंदी हैं हम’ अभियान से शिक्षण संस्थान भी जुड़ने लगे हैं। प्रेमनगर स्थित सेंट उमर इंटर कॉलेज द्वारा सभी बच्चों को इस अभियान से जुड़ने को कहा है। इतना ही नहीं, विद्यालय के मुख्य द्वार पर इसकी सूचना भी चस्पा कर दी गई है। विद्यालय के शिक्षकों व विद्यार्थियों द्वारा वीडियो बनाकर अभियान के मोबाइल नंबर 9711616205 पर भेेजे जा रहे हैं।

अवनीश कुमार राय, नगर आयुक्त - फोटो : REPORTERS

राजेश कुमार गंगवार, संभागीय परिवहन अधिकारी - फोटो : REPORTERS