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हीरोज ग्राउंड का हुआ भूमिपूजन
Mon, 11 Mar 2019 01:25 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Mon, 11 Mar 2019 01:25 AM IST
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major dhyanchand
- फोटो : demo
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सीपरी बाजार स्थित हीरोज ग्राउंड के कायाकल्प के लिए झांसी विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने भूमिपूजन किया। भूमिपूजन के होते ही कायाकल्प करने के लिए निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कायाकल्प पर दो करोड़ रुपये से अधिक खर्च होंगे। छह माह में काम को पूरा होगा।
हिरोज ग्राउंड को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि के नाम से जाना जाता है। इस मैदान पर मेजर ध्यानचंद हॉकी का अभ्यास करते थे। खेल से संयास लेने के बाद वे यहां पर शहर के नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियां बताते थे। इसी मैदान पर ही मेजर ध्यानचंद की समाधि बनी है। सुविधा के नाम पर इस मैदान के चारों ओर एक पुरानी बाउंड्रीवॉल ही है, जो काफी पुरानी होने के साथ जगह-जगह से जर्जर है। जेडीए ने इस मैदान के कायाकल्प की कार्य योजना को तैयार किया था। मैदान का कायाकल्प पर 2.06 करोड़ का टेंडर कर दिया गया है। कार्य योजना के तहत ग्राउंड के चारों ओर की बाउंड्रीवॉल का निर्माण होगा। मैदान के अंदर चारों ओर पांच फीट चौड़ा सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक को बनाया जाएगा। यह पूरा ट्रैक रबड़ की तरह होगा, जो ट्रैक पर घूमने वालों के लिए काफी आरामदायक व लाभकारी साबित होगा। मैदान के चारों ओर लाइटिंग भी रहेगी, जिससे डे नाइट मैच भी खेले जा सकेंगे। मैदान के इस ओर दर्शकों के बैठने के लिए शेड बनाया जाएगा। मैदान के एक ओर खिलाड़ियों के लिए भवन भी बनाया जाएगा, जिसमें एक हॉल के साथ ही शौचालय व वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनेगा। मैदान पर बनी मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर स्टील की आकर्षक छतरी लगाई जाएगी। मैदान पर विशेष प्रकार की घास लगाई जाएगी।
जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि हीरोज ग्राउंड के कायाकल्प करने के लिए भूमिपूजन किया गया है। भूमिपूजन होते ही कार्य को शुरू करा दिया गया है। छह माह में काम को पूरा करने की अवधि तय की गई है।
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हिरोज ग्राउंड को हॉकी के जादूगर मेजर ध्यानचंद की कर्मभूमि के नाम से जाना जाता है। इस मैदान पर मेजर ध्यानचंद हॉकी का अभ्यास करते थे। खेल से संयास लेने के बाद वे यहां पर शहर के नवोदित खिलाड़ियों को हॉकी की बारीकियां बताते थे। इसी मैदान पर ही मेजर ध्यानचंद की समाधि बनी है। सुविधा के नाम पर इस मैदान के चारों ओर एक पुरानी बाउंड्रीवॉल ही है, जो काफी पुरानी होने के साथ जगह-जगह से जर्जर है। जेडीए ने इस मैदान के कायाकल्प की कार्य योजना को तैयार किया था। मैदान का कायाकल्प पर 2.06 करोड़ का टेंडर कर दिया गया है। कार्य योजना के तहत ग्राउंड के चारों ओर की बाउंड्रीवॉल का निर्माण होगा। मैदान के अंदर चारों ओर पांच फीट चौड़ा सिंथेटिक वॉकिंग ट्रैक को बनाया जाएगा। यह पूरा ट्रैक रबड़ की तरह होगा, जो ट्रैक पर घूमने वालों के लिए काफी आरामदायक व लाभकारी साबित होगा। मैदान के चारों ओर लाइटिंग भी रहेगी, जिससे डे नाइट मैच भी खेले जा सकेंगे। मैदान के इस ओर दर्शकों के बैठने के लिए शेड बनाया जाएगा। मैदान के एक ओर खिलाड़ियों के लिए भवन भी बनाया जाएगा, जिसमें एक हॉल के साथ ही शौचालय व वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम भी बनेगा। मैदान पर बनी मेजर ध्यानचंद की प्रतिमा पर स्टील की आकर्षक छतरी लगाई जाएगी। मैदान पर विशेष प्रकार की घास लगाई जाएगी।
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जेडीए उपाध्यक्ष सर्वेश कुमार ने बताया कि हीरोज ग्राउंड के कायाकल्प करने के लिए भूमिपूजन किया गया है। भूमिपूजन होते ही कार्य को शुरू करा दिया गया है। छह माह में काम को पूरा करने की अवधि तय की गई है।
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