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जिला अस्पताल में एक साल से नही है हृदय रोगों का चिकित्सक
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झांसी। जिला अस्पताल में एक साल से अधिक समय से गुजर जाने के बाद भी हृदय रोग चिकित्सक की नियुक्ति नही हो सकी है। जिसके चलते अस्पताल में हृदय संबंधी रोगों के लिए आने वाले मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
आम दिनों में अस्पताल की ओपीडी में लगभग दो हजार से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। जिनमें से लगभग पचास से साठ मरीज हृदय संबंधी रोगों का इलाज कराने के लिए आते हैं। अस्पताल में हृदय रोग चिकित्सक की मौजूदगी नही होने के कारण मरीजों को फिजीशियन से ही जांच कराकर संतोष करना पड़ रहा है। इसके अलावा अस्पताल में मौजूद चिकित्सक द्वारा मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज करने की सलाह दी जा रही है। वहीं गंभीर स्थिति में मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिसके चलते मरीजों को आर्थिक परेशानी का दंश झेलना पड़ रहा है।
इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी होने के कारण पूर्व में कई बार पत्र लिखकर मांग की जा चुकी है। दोबारा से विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर हृदय रोग विशेषज्ञ की मांग की जा रही है। जल्द ही समस्या का निदान होगा।
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आम दिनों में अस्पताल की ओपीडी में लगभग दो हजार से अधिक मरीज इलाज कराने के लिए आते हैं। जिनमें से लगभग पचास से साठ मरीज हृदय संबंधी रोगों का इलाज कराने के लिए आते हैं। अस्पताल में हृदय रोग चिकित्सक की मौजूदगी नही होने के कारण मरीजों को फिजीशियन से ही जांच कराकर संतोष करना पड़ रहा है। इसके अलावा अस्पताल में मौजूद चिकित्सक द्वारा मरीजों को मेडिकल कॉलेज में इलाज करने की सलाह दी जा रही है। वहीं गंभीर स्थिति में मरीजों को निजी अस्पतालों का रुख करना पड़ रहा है। जिसके चलते मरीजों को आर्थिक परेशानी का दंश झेलना पड़ रहा है।
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इस संबंध में अस्पताल के सीएमएस डॉ. केके गुप्ता ने बताया कि अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट की कमी होने के कारण पूर्व में कई बार पत्र लिखकर मांग की जा चुकी है। दोबारा से विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखकर हृदय रोग विशेषज्ञ की मांग की जा रही है। जल्द ही समस्या का निदान होगा।
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