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दो सौ ने मांगी, एक को भी नहीं मिली स्वाइप मशीन
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 06 Dec 2016 01:02 AM IST
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दो सौ ने मांगी, एक को भी नहीं मिली स्वाइप मशीन
- फोटो : Demo Pic
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प्रधानमंत्री देश की आवाम से कैशलेस व्यापार की अपील कर रहे हैं, लेकिन बैंक व्यापारियों को स्वाइप मशीन तक उपलब्ध नहीं करा पा रहे हैं। जिले के लीड बैंक पंजाब नेशनल बैंक में नोटबंदी के बाद स्वाइप मशीनों के लिए दो सौ आवेदन आ चुके हैं, लेकिन एक को भी मशीन नहीं मिली है। यही हाल अन्य बैंकों का भी है। मशीन न मिलने से परेशान व्यापारी कैशलेस व्यापार नहीं कर पा रहे हैं।
बैंकों में स्वाइप मशीन के लिए प्रतिदिन आठ से दस आवेदन आ रहे हैं। बैंक कागजी कार्रवाई कर आवेदन तो स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन, मशीनें न होने के कारण बैंक व्यापारियों को इसकी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। स्वाइप मशीनों के लिए बैंकों का कंपनियों से अनुबंध होता है, जो मांग के अनुरूप मशीनें लगाती हैं।
यह कंपनियां विदेशों से मशीनों को आयात करती हैं। नोटबंदी के पहले मांग कम ही होती थी, जिस कारण कंपनियों के पास कम ही स्टॉक था। निर्माताओं के पास भी पिछले वर्ष के मुताबिक ही स्टाक था। लेकिन, नोटबंदी के कारण पूरे देश में मशीनों की जबरदस्त मांग बढ़ गई है, जिससे कंपनियां मशीनों की सप्लाई नहीं कर पा रही हैं।
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नोटबंदी के बाद लगभग दो सौ स्वाइप मशीन के लिए आवेदन आए हैं। कंपनी के पास मशीनें पर्याप्त उपलब्ध न होने के कारण नहीं लग पा रही हैं। सामान्य समय में पंद्रह दिनों में मशीन लगा दी जाती है, लेकिन नोटबंदी के बाद अभी तक एक भी नहीं लग पाई हैं। आवेदन स्वीकार कर कागजी कार्रवाई पूरी कर ले रहे हैं, जिससे मशीनें आते ही लगा दी जाएंगी।
रवीश अग्रवाल, मार्केटिंग मैनेजर, पीएनबी
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बैंकों में स्वाइप मशीन के लिए प्रतिदिन आठ से दस आवेदन आ रहे हैं। बैंक कागजी कार्रवाई कर आवेदन तो स्वीकार कर रहे हैं। लेकिन, मशीनें न होने के कारण बैंक व्यापारियों को इसकी आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। स्वाइप मशीनों के लिए बैंकों का कंपनियों से अनुबंध होता है, जो मांग के अनुरूप मशीनें लगाती हैं।
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यह कंपनियां विदेशों से मशीनों को आयात करती हैं। नोटबंदी के पहले मांग कम ही होती थी, जिस कारण कंपनियों के पास कम ही स्टॉक था। निर्माताओं के पास भी पिछले वर्ष के मुताबिक ही स्टाक था। लेकिन, नोटबंदी के कारण पूरे देश में मशीनों की जबरदस्त मांग बढ़ गई है, जिससे कंपनियां मशीनों की सप्लाई नहीं कर पा रही हैं।
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नोटबंदी के बाद लगभग दो सौ स्वाइप मशीन के लिए आवेदन आए हैं। कंपनी के पास मशीनें पर्याप्त उपलब्ध न होने के कारण नहीं लग पा रही हैं। सामान्य समय में पंद्रह दिनों में मशीन लगा दी जाती है, लेकिन नोटबंदी के बाद अभी तक एक भी नहीं लग पाई हैं। आवेदन स्वीकार कर कागजी कार्रवाई पूरी कर ले रहे हैं, जिससे मशीनें आते ही लगा दी जाएंगी।
रवीश अग्रवाल, मार्केटिंग मैनेजर, पीएनबी