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Jhansi News: आटे में चावल की कंद पीसकर मिलावट

Sat, 08 Mar 2025 01:28 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Mar 2025 01:28 AM IST
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Grinding rice grains into flour and mixing it with flour

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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। गेहूं के साथ चावल या फिर चावल की कंद पीसकर सस्ते दाम पर आटा बेचा जा रहा है। इस तरह की मिलावट कई आटा चक्कियों में की जाती है। आटा हर घर में रोजाना उपभोग में आता है। मगर ये भी मिलावट से अछूता नहीं है।

किराना दुकानदारों ने बताया कि फुटकर में आटा 34 से 36 रुपये किलो बिक रहा है। जबकि, ब्रांडेड कंपनियों का आटा 45 से 50 रुपये किलो बिकता है। सस्ते चावल या फिर चावल की कंद (भूसी) पीसकर आटे के साथ मिलाकर बेची जा रही है। इसमें लागत कम आती है। आटे में अक्सर तिरूला कीट लग जाता है। वहीं, चावल की मिलावट होने से कीट लगने की आशंका काफी कम हो जाती है। इसका स्वाद भी अलग होता है। जिला अभिहित अधिकारी चितरंजन कुमार का कहना है कि आटा के नमूने में ऐश वैल्यू कम मिली है, जो कि रखरखाव सही न होने से होता है। पिसने के बाद आटा तीन महीने तक ही उपभोग के योग्य होता है।
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