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गल्ला मंडी खुली, हुआ एक करोड़ का व्यापार
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galla mandi
झांसी। छह दिन तक चली हड़ताल के बाद अब गल्ला मंडी खुल गई है। मंडी खुली तो किसान अपनी उपज बेचने पहुंच गए। सबसे ज्यादा दस हजार बोरे मूंगफली की खरीद हुई। इसके साथ ही उर्द, मूंग, चना और मटर भी खरीदी गई।
केंद्र सरकार के नए अध्यादेश के तहत मंडी समिति में बिक्री करने पर ढाई प्रतिशत और मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इस अध्यादेश का मंडी के पंजीकृत व्यापारी विरोध कर रहे हैं। इसके चलते उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा के आह्वान पर प्रदेश की सभी गल्ला मंडियों में 22 सितंबर से छह दिवसीय हड़ताल चली। हड़ताल के दौरान किसान अपनी उपज भोजला गल्ला मंडी में नहीं बेच सके। मंडी में हड़ताल खत्म होने के बाद अब किसान अपनी उपज बेचने पहुंचने लगे हैं। गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार को मंडी में लगभग एक करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है। इसमें आठ से दस हजार मूंगफली की बोरों की खरीद गई है। इसके अलावा उर्द, मूंग, चना, मटर की फसल भी खरीदी गई।
गोदामों में उतरवा रहे माल
मंडी में व्यापार करने पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क लगता है। ऐसे में व्यापारी अब मंडी परिसर के बाहर स्थित अपने गोदामों को माल उतरवा रहे हैं।
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केंद्र सरकार के नए अध्यादेश के तहत मंडी समिति में बिक्री करने पर ढाई प्रतिशत और मंडी परिसर के बाहर कोई शुल्क नहीं लगेगा। इस अध्यादेश का मंडी के पंजीकृत व्यापारी विरोध कर रहे हैं। इसके चलते उत्तर प्रदेश व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष श्याम बिहारी मिश्रा के आह्वान पर प्रदेश की सभी गल्ला मंडियों में 22 सितंबर से छह दिवसीय हड़ताल चली। हड़ताल के दौरान किसान अपनी उपज भोजला गल्ला मंडी में नहीं बेच सके। मंडी में हड़ताल खत्म होने के बाद अब किसान अपनी उपज बेचने पहुंचने लगे हैं। गल्ला व्यापार मंडल अध्यक्ष उमेश गुप्ता ने बताया कि सोमवार को मंडी में लगभग एक करोड़ रुपये का व्यापार हुआ है। इसमें आठ से दस हजार मूंगफली की बोरों की खरीद गई है। इसके अलावा उर्द, मूंग, चना, मटर की फसल भी खरीदी गई।
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गोदामों में उतरवा रहे माल
मंडी में व्यापार करने पर ढाई प्रतिशत मंडी शुल्क लगता है। ऐसे में व्यापारी अब मंडी परिसर के बाहर स्थित अपने गोदामों को माल उतरवा रहे हैं।