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बीयू में होगी पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना
amarujala
Updated Sun, 06 Aug 2017 11:50 PM IST
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bu jhansi news
- फोटो : demo
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना की जाएगी। इसके लिए शासन ने विश्वविद्यालय से प्रस्ताव मांगा है। पीठ खोलने के लिए बीयू को 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। पीठ खुलने पर उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद सिद्धांत की मदद से शोध कार्य कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास होगा।
गौरतलब है कि पिछले साल 27 मई को गोरखपुर विश्वविद्यालय आईं तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से गोरखपुर विश्वविद्यालय में पं. दीनदयाल शोध पीठ की स्थापना की मांग की गई थी। तब ईरानी ने पीठ खोलने को सैद्धांतिक सहमति दे दी थी। इसके बाद से शोध पीठ की स्थापना को लेकर सक्रियता बढ़ी। हाल ही में शासन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना को स्वीकृति दे दी। इसके लिए शासन ने पचास लाख रुपये का अनुदान देने का फैसला किया। बीते तीन अगस्त को शासन की ओर से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को एक पत्र भेजा गया। पत्र में बीयू परिसर में पीठ की स्थापना कराने का प्रस्ताव सात दिन में भेजने के निर्देश दिए गए। अब विश्वविद्यालय प्रस्ताव बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। एक-दो दिन में इसको शासन को भेज दिया जाएगा। पीठ खुलने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद सिद्धांत की मदद से शोध कार्य किया जाएगा। इसके जरिए अलग-अलग सामाजिक समस्याओं को दूर करने के उपाए खोजे जाएंगे।
वर्जन..
बुंदेलखंड को मिलेगा लाभ
पीठ की स्थापना को शासन ने प्रस्ताव मांगा है। पीठ खुलने के बाद बुंदेलखंड की समस्याओं के समाधान के लिए शोध कार्य किए जाएंगे। शुरूआत में अन्ना प्रथा दूर करने और जंगली क्षेत्र में वनस्पति बोने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिससे बुंदेलखंड को लाभ पहुंच सके।
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- प्रो. सुरेंद्र दुबे, कुलपति
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बुंदेलखंड विश्वविद्यालय में जल्द ही पंडित दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना की जाएगी। इसके लिए शासन ने विश्वविद्यालय से प्रस्ताव मांगा है। पीठ खोलने के लिए बीयू को 50 लाख रुपये दिए जाएंगे। पीठ खुलने पर उपाध्याय जी के एकात्म मानववाद सिद्धांत की मदद से शोध कार्य कर समस्याओं का समाधान निकालने का प्रयास होगा।
गौरतलब है कि पिछले साल 27 मई को गोरखपुर विश्वविद्यालय आईं तत्कालीन मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी से गोरखपुर विश्वविद्यालय में पं. दीनदयाल शोध पीठ की स्थापना की मांग की गई थी। तब ईरानी ने पीठ खोलने को सैद्धांतिक सहमति दे दी थी। इसके बाद से शोध पीठ की स्थापना को लेकर सक्रियता बढ़ी। हाल ही में शासन ने सभी राज्य विश्वविद्यालयों में पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ की स्थापना को स्वीकृति दे दी। इसके लिए शासन ने पचास लाख रुपये का अनुदान देने का फैसला किया। बीते तीन अगस्त को शासन की ओर से बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को एक पत्र भेजा गया। पत्र में बीयू परिसर में पीठ की स्थापना कराने का प्रस्ताव सात दिन में भेजने के निर्देश दिए गए। अब विश्वविद्यालय प्रस्ताव बनाने की तैयारी में जुटा हुआ है। एक-दो दिन में इसको शासन को भेज दिया जाएगा। पीठ खुलने के बाद पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद सिद्धांत की मदद से शोध कार्य किया जाएगा। इसके जरिए अलग-अलग सामाजिक समस्याओं को दूर करने के उपाए खोजे जाएंगे।
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बुंदेलखंड को मिलेगा लाभ
पीठ की स्थापना को शासन ने प्रस्ताव मांगा है। पीठ खुलने के बाद बुंदेलखंड की समस्याओं के समाधान के लिए शोध कार्य किए जाएंगे। शुरूआत में अन्ना प्रथा दूर करने और जंगली क्षेत्र में वनस्पति बोने का प्रयास किया जाएगा। इसके अलावा भी कई योजनाएं प्रस्तावित हैं, जिससे बुंदेलखंड को लाभ पहुंच सके।
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- प्रो. सुरेंद्र दुबे, कुलपति