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स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ में मिलीं कमियां
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Jun 2016 01:22 AM IST
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aestoturrf, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी। ध्यानचंद स्टेडियम में एस्ट्रोटर्फ के हस्तांतरण से पहले ही कई कमियां सामने आ गईं हैं। प्रशासन द्वारा गठित एस्ट्रोटर्फ निर्माण टेक्निकल कमेटी के सदस्यों ने हाल में किए निरीक्षण में इन कमियों को पकड़ते हुए उन्हें सुधारने की आवश्यकता बताई है।
कमेटी के सदस्यों में पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों अशोक ध्यानचंद, अब्दुल अजीज, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी रानी प्रकाश को एस्ट्रोटर्फ के निरीक्षण में कई कमियां मिलीं। अब्दुल अजीज के मुताबिक पानी का प्रेशर सही नहीं चल रहा है तथा ग्राउंड पर कई जगह पानी नहीं पहुंच रहा है।
पाइप लाइन के प्लास्टिक का क्लेम भी कुछ ही दिन में टूट गया। वहीं, कमेटी ने खेल निदेशालय व सीडीओ को दी गई अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया कि पानी क ी निकासी के लिए बनाई गई नालियों का बहाव ठीक नहीं है और अभ्यास के दौरान पेस्टिंग उखड़ रही है और जगह जगह टर्फ ऊंचा नीचा हो गया है, जिसे सुधारना जरूरी है।
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इसके अलावा प्रतियोगिता के दौरान खेल तकनीकी खेल कमेटी व खिलाड़ियों को बैठने के लिए शेड बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य भी नहीं हुआ। वहीं, एस्ट्रोटर्फ के रख रखाव के लिए 2 कंपलीट टर्फ क्लिनिंग मशीन की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट प्रबंधक आर पी सिंह ने बताया कि कमेटी द्वारा बताई गई कमियों को दूर करने के लिए दिल्ली से टेक्निकल टीम आई है, जो कमियों को दूर कर रही है।
वर्ष 2014 से प्रारंभ हुआ था निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री की पहल पर ध्यानचंद स्टेडियम में 13 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि से एस्ट्रोटर्फ का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में प्रारंभ हुआ था, इसे दिसंबर 2015 तक पूर्ण होना था,
लेकिन कई कारणों के चलते इसे वित्तीय वर्ष 2015- 16 के मार्च तक कार्यदायी संस्था को तैयार करने को कहा गया, लेकिन इसके बाद प्रशासन ने फिर इसे 31 मई तक कंपलीट कर खेल विभाग को हस्तांतरण करने के निर्देश दिए। लेकिन, क ई कार्य और होने के चलते संभव है कि हस्तांतरण प्रक्रिया में और समय लग जाए।
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कमेटी के सदस्यों में पूर्व अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों अशोक ध्यानचंद, अब्दुल अजीज, क्षेत्रीय क्रीड़ा अधिकारी रानी प्रकाश को एस्ट्रोटर्फ के निरीक्षण में कई कमियां मिलीं। अब्दुल अजीज के मुताबिक पानी का प्रेशर सही नहीं चल रहा है तथा ग्राउंड पर कई जगह पानी नहीं पहुंच रहा है।
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पाइप लाइन के प्लास्टिक का क्लेम भी कुछ ही दिन में टूट गया। वहीं, कमेटी ने खेल निदेशालय व सीडीओ को दी गई अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में उल्लेख किया कि पानी क ी निकासी के लिए बनाई गई नालियों का बहाव ठीक नहीं है और अभ्यास के दौरान पेस्टिंग उखड़ रही है और जगह जगह टर्फ ऊंचा नीचा हो गया है, जिसे सुधारना जरूरी है।
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इसके अलावा प्रतियोगिता के दौरान खेल तकनीकी खेल कमेटी व खिलाड़ियों को बैठने के लिए शेड बनाया जाना प्रस्तावित था, लेकिन यह कार्य भी नहीं हुआ। वहीं, एस्ट्रोटर्फ के रख रखाव के लिए 2 कंपलीट टर्फ क्लिनिंग मशीन की आवश्यकता है।
इस संदर्भ में कार्यदायी संस्था राजकीय निर्माण निगम के प्रोजेक्ट प्रबंधक आर पी सिंह ने बताया कि कमेटी द्वारा बताई गई कमियों को दूर करने के लिए दिल्ली से टेक्निकल टीम आई है, जो कमियों को दूर कर रही है।
वर्ष 2014 से प्रारंभ हुआ था निर्माण कार्य
मुख्यमंत्री की पहल पर ध्यानचंद स्टेडियम में 13 करोड़ रुपये से अधिक धनराशि से एस्ट्रोटर्फ का निर्माण कार्य वर्ष 2014 में प्रारंभ हुआ था, इसे दिसंबर 2015 तक पूर्ण होना था,
लेकिन कई कारणों के चलते इसे वित्तीय वर्ष 2015- 16 के मार्च तक कार्यदायी संस्था को तैयार करने को कहा गया, लेकिन इसके बाद प्रशासन ने फिर इसे 31 मई तक कंपलीट कर खेल विभाग को हस्तांतरण करने के निर्देश दिए। लेकिन, क ई कार्य और होने के चलते संभव है कि हस्तांतरण प्रक्रिया में और समय लग जाए।