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बुंदेलखंड में माफियाओं से लड़ने को वन अफसरों ने मांगे हथियार
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झांसी। बुंदेलखंड के जंगल पहले कभी डकैतों का अड्डा हुआ करते थे। लेकिन डकैतों का सफाया होने के बाद अब माफियाओं ने यहां अपना ठिकाना बना लिया है। बेशकीमती लकड़ी का कटान करके तस्करी की जा रही है। अत्याधुनिक हथियार लेकर चलने वाले माफियाओं का मुकाबला वन रक्षक भला डंडे से कैसे करें। शासन से हथियार ही नहीं दिए जा रहे हैं। अब रेंजर, डिप्टी रेंजर, वन दरोगा और वन रक्षकों ने प्रशासन से लाइसेंसी असलहों की मांग की है। इनका कहना है कि पिछले कई साल से आवेदन कर रहे हैं मगर लाइसेंस बन नहीं पा रहा है।
झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर में बड़ा जंगल क्षेत्र है। यहां खैर, सागौन, शीशम, करधई, तेंदू पत्ता, पलाश और चंदन के पेड़ बड़ी संख्या में हैं। आए दिन पेड़ों के कटान की सूचनाएं आती रहती हैं। यूं तो वन रक्षकों की भी लंबी चौड़ी फौज है लेकिन रहते खाली हाथ हैं। झांसी जनपद की ही बात करें तो यहां 23 वन रक्षक हैं और राइफल केवल 5 हैं। वह भी बहुत पुरानी हो चुकी हैं। वर्षों से इन राइफल से कोई कारतूस नहीं फोड़ा गया है। वन दरोगा, डिप्टी रेंजर और रेंजर के पास कोई भी हथियार नहीं है। जबकि यह लोग वन विभाग की सात रेंज में ड्यूटी करते हैं। जब सरकारी असलाह नहीं मिले तो इन लोगों ने लाइसेंस हथियार के लिए आवेदन किया है। 20 वन कर्मियों की तरफ से आवेदन किए गए हैं। प्रभागीय वन अधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि वन कर्मियों को आधुनिक हथियारों के लिए कई बार शासन से मांग की जा चुकी है। अधिकारियों की बैठक में भी मुद्दे को उठाया गया है। अब लाइसेंस के लिए भी आवेदन किए जा रहे हैं।
स्थान रेंजर डिप्टी रेंजर वन दरोगा वन रक्षक
झांसी 07 04 24 23
ललितपुर 05 05 20 22
जालौन 08 06 18 26
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झांसी, ललितपुर, चित्रकूट, बांदा, महोबा और हमीरपुर में बड़ा जंगल क्षेत्र है। यहां खैर, सागौन, शीशम, करधई, तेंदू पत्ता, पलाश और चंदन के पेड़ बड़ी संख्या में हैं। आए दिन पेड़ों के कटान की सूचनाएं आती रहती हैं। यूं तो वन रक्षकों की भी लंबी चौड़ी फौज है लेकिन रहते खाली हाथ हैं। झांसी जनपद की ही बात करें तो यहां 23 वन रक्षक हैं और राइफल केवल 5 हैं। वह भी बहुत पुरानी हो चुकी हैं। वर्षों से इन राइफल से कोई कारतूस नहीं फोड़ा गया है। वन दरोगा, डिप्टी रेंजर और रेंजर के पास कोई भी हथियार नहीं है। जबकि यह लोग वन विभाग की सात रेंज में ड्यूटी करते हैं। जब सरकारी असलाह नहीं मिले तो इन लोगों ने लाइसेंस हथियार के लिए आवेदन किया है। 20 वन कर्मियों की तरफ से आवेदन किए गए हैं। प्रभागीय वन अधिकारी वीके मिश्रा ने बताया कि वन कर्मियों को आधुनिक हथियारों के लिए कई बार शासन से मांग की जा चुकी है। अधिकारियों की बैठक में भी मुद्दे को उठाया गया है। अब लाइसेंस के लिए भी आवेदन किए जा रहे हैं।
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स्थान रेंजर डिप्टी रेंजर वन दरोगा वन रक्षक
झांसी 07 04 24 23
ललितपुर 05 05 20 22
जालौन 08 06 18 26