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अब खाद्य विभाग उपलब्ध कराएगा पुष्टाहार के लिए खाद्यान्न
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झांसी। गर्भवती महिला एवं कुपोषित बच्चों में वितरित होने वाले पुष्टाहार के लिए खाद्यान्न अब खाद्य विभाग मुहैया कराएगा। बृहस्पतिवार को जनपद के लिए 3754.36 क्विंटल गेहूं एवं 1020.41 क्विंटल चावल आवंटित कर दिया गया। यह खाद्यान्न कोटे की दुकानों के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा।
अब तक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग पुष्टाहार मुहैया कराता है। इस बार वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंप दी गई। सबसे बड़ी परेशानी इन समूहों तक खाद्यान्न पहुंचाने की थी। शासन स्तर पर कई दिनों से मंथन चल रहा था। खाद्य विभाग को इसका जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग अब एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न का उठान करके ब्लॉक स्तर पर कोटे की दुकान तक पहुंचाएगा। वहां से यह अनाज स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। पोषाहार बनाकर महिलाएं इसे बच्चों एवं महिलाओं के बीच बांटेगी। आरएफसी नरेंद्र कुमार के मुताबिक गेहूं एवं चावल का आवंटन मिल गया है। इसे कोटे की दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बता दें, झांसी में छह माह से तीन वर्ष के 53864 बच्चे, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 34093 बच्चे सहित 22161 गर्भवती महिलाओं को पोषाहार वितरित किया जाता है।
आखिरकार टूटी शासन की नींद, 9 से बांटने की तैयारी
झांसी। गर्भवती महिलाओं को सितंबर माह से ही पोषाहार वितरित नहीं हो रहा। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के साथ ही कुपोषित बच्चों की रिकवरी रेट पर गहरा असर पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में पोषाहार बंद होने से सरकार की किरकिरी शुरू हो गई। नई व्यवस्था को सरकार ने दिसंबर तक शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन, किरकिरी होती देख इसी माह से वितरित करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक 9 नवंबर से मुख्यमंत्री खुद इस योजना की शुरूआत करेंगे। अभी व्यवस्था न होने पर लाभार्थियों को सीधे एक माह के लिए गेहूं, चावल के साथ दाल दिए जाने की तैयारी की गई है। सीडीओ शैलेष कुमार ने बताया कि गेहूं-चावल का आवंटन हो गया है। स्वयं सहायता समूहों को भी चिह्नित कर लिया है। इनके माध्यम से जल्द पोषाहार वितरण आरंभ कराया जाएगा।
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अब तक बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार विभाग पुष्टाहार मुहैया कराता है। इस बार वितरण व्यवस्था में बदलाव करते हुए इसकी जिम्मेदारी स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को सौंप दी गई। सबसे बड़ी परेशानी इन समूहों तक खाद्यान्न पहुंचाने की थी। शासन स्तर पर कई दिनों से मंथन चल रहा था। खाद्य विभाग को इसका जिम्मा सौंपने का निर्णय लिया गया। खाद्य विभाग अब एफसीआई गोदाम से खाद्यान्न का उठान करके ब्लॉक स्तर पर कोटे की दुकान तक पहुंचाएगा। वहां से यह अनाज स्वयं सहायता समूहों को मिलेगा। पोषाहार बनाकर महिलाएं इसे बच्चों एवं महिलाओं के बीच बांटेगी। आरएफसी नरेंद्र कुमार के मुताबिक गेहूं एवं चावल का आवंटन मिल गया है। इसे कोटे की दुकानों तक पहुंचाने की व्यवस्था की जा रही है। बता दें, झांसी में छह माह से तीन वर्ष के 53864 बच्चे, तीन वर्ष से छह वर्ष तक के 34093 बच्चे सहित 22161 गर्भवती महिलाओं को पोषाहार वितरित किया जाता है।
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आखिरकार टूटी शासन की नींद, 9 से बांटने की तैयारी
झांसी। गर्भवती महिलाओं को सितंबर माह से ही पोषाहार वितरित नहीं हो रहा। ऐसे में गर्भवती महिलाओं के साथ ही कुपोषित बच्चों की रिकवरी रेट पर गहरा असर पड़ रहा है। पूरे प्रदेश में पोषाहार बंद होने से सरकार की किरकिरी शुरू हो गई। नई व्यवस्था को सरकार ने दिसंबर तक शुरू करने की योजना बनाई थी। लेकिन, किरकिरी होती देख इसी माह से वितरित करने की तैयारी कर ली है। अधिकारियों के मुताबिक 9 नवंबर से मुख्यमंत्री खुद इस योजना की शुरूआत करेंगे। अभी व्यवस्था न होने पर लाभार्थियों को सीधे एक माह के लिए गेहूं, चावल के साथ दाल दिए जाने की तैयारी की गई है। सीडीओ शैलेष कुमार ने बताया कि गेहूं-चावल का आवंटन हो गया है। स्वयं सहायता समूहों को भी चिह्नित कर लिया है। इनके माध्यम से जल्द पोषाहार वितरण आरंभ कराया जाएगा।
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