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एफसीआई गोदाम में लाखों का अनाज घोटाला, जांच के दौरान अफसरों को बनाया बंधक
Fri, 13 Nov 2020 12:06 PM IST
झांसी ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
अमर उजाला नेटवर्क, झांसी
Published by: झांसी ब्यूरो
Updated Fri, 13 Nov 2020 12:06 PM IST
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प्रतीकात्मक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
डगरवाह स्थित एफसीआई गोदाम में लाखों रुपये का अनाज घोटाला सामने आया है। शिकायत मिलने के बाद गोदाम की जांच कराई गई जहां प्रति ट्रक करीब ढाई क्विंटल अनाज कम पाया गया। जांच को पहुंचे अफसरों से भी गोदाम कर्मियों ने बदसलूकी कर अफसरों को बंधक बना लिया। आला अफसरों की दखल के बाद जांच करने वाले अधिकारियों को छोड़ा गया। गोदाम संचालक की मिलीभगत से लाखों रुपये के अनाज की हेरफेर की आशंका जताई जा रही।
भारतीय खाद्य निगम ने डगरवाहा में किराए पर गोदाम लिया है। देखरेख एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संचालक की है। यहां से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धनों में वितरित होने वाले खाद्यान्न का उठान होता है। डगरवाहा गोदाम में अनियमितता की शिकायत लंबे समय से की जा रही है। इसे देखते हुए एफसीआई मुख्यालय ने यहां जीरो पीवी कराने का निर्देश दिया था। जीरो पीवी में गोदाम पूरा खाली कराकर खाद्यान्न स्टॉक का मिलान कराया जाता है। मंगलवार को तौल कराने खाद्य विभाग की टीम सुबह दस बजे यहां पहुंची। लेकिन गोदाम के दरवाजे ही नहीं खोले गए।
टीम में शामिल अफसरों के मुताबिक दो घंटे इंतजार के बाद दोपहर करीब बारह बजे गेट खोला गया। बड़ी मुश्किल से तौल शुरू हुई। एफसीआई के डिपो इंचार्ज सुमित कुमार की मौजूदगी में पड़ताल के दौरान ट्रक में 600 बोरी 305.99 क्विंटल के मुकाबले 303.48 क्विंटल अनाज ही पाया गया। ट्रक में करीब 2.50 क्विंटल अनाज कम मिला। टीम सदस्यों ने जैसे ही कम अनाज मिलने की लिखा-पढ़ी शुरू की, वैसे ही गोदामकर्मियों ने टीम सदस्यों को धमकाना शुरू कर दिया। गोदाम को बंद करके वहां ताला लगा दिया गया। टीम को करीब एक घंटे तब बंधक बनाए रखा गया। टीम सदस्यों ने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, मौके पर तुरंत खाद्य अफसर पहुंच गए। उसके बाद टीम के सदस्यों को वहां से निकाला गया। टीम में शामिल सदस्यों ने इसकी लिखित शिकायत आला अफसरों से की है।
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घपले के आकलन में जुटे अफसर
जीरो पीवी के दौरान एक ट्रक से ही ढाई क्विंटल अनाज कम निकला। अमूमन इस गोदाम से रोजाना 18-20 ट्रक बाहर निकलते हैं। अभी अफसरों को पता नहीं चला कि यह गड़बड़ी कब से हो रही लेकिन, एक दिन के लिहाज से भी आकलन किया जाए तब भी लाखों रुपये की गड़बड़ी की गुंजाइश है। खुले बाजार में यहां के चावल की कीमत 3200 रुपये प्रति क्विंटल जबकि 2200 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं है। इस तरह एक दिन में सिर्फ घटतौली करके ही करीब 1.60 लाख की चपत लगाई गई हालांकि अफसरों का कहना है जांच के बाद ही गड़बड़ी का सटीक आकलन हो सकेगा।
लीपापोती की कोशिश में जुटे एफसीआई अफसर
गोदाम में जांच करने पहुंचे खाद्य विभाग के कर्मचारियों को बंधक बनाने समेत रंगे हाथ एक ट्रक में करीब ढाई क्विंटल अनाज कम पाए जाने के बावजूद एफसीआई अफसर इस पूरे प्रकरण को हल्का बनाने की कोशिश करते रहे। मंडल प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह ने इसे बेहद मामूली मामला बताया। उनका कहना है नियमित गोदाम की जीरोपीवी कराई जा रही लेकिन, इस गोदाम की कितने दिन बाद जीरोपीवी कराई जा गई, इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सके।
इस मामले की शिकायत मेरे पास आई है। जांच के दौरान अफसरों के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायत की गई है। एफसीआई के मंडल प्रबंधक को जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। - नरेंद्र कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक, झांसी संभाग
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भारतीय खाद्य निगम ने डगरवाहा में किराए पर गोदाम लिया है। देखरेख एवं रखरखाव की जिम्मेदारी संचालक की है। यहां से प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना एवं राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत निर्धनों में वितरित होने वाले खाद्यान्न का उठान होता है। डगरवाहा गोदाम में अनियमितता की शिकायत लंबे समय से की जा रही है। इसे देखते हुए एफसीआई मुख्यालय ने यहां जीरो पीवी कराने का निर्देश दिया था। जीरो पीवी में गोदाम पूरा खाली कराकर खाद्यान्न स्टॉक का मिलान कराया जाता है। मंगलवार को तौल कराने खाद्य विभाग की टीम सुबह दस बजे यहां पहुंची। लेकिन गोदाम के दरवाजे ही नहीं खोले गए।
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टीम में शामिल अफसरों के मुताबिक दो घंटे इंतजार के बाद दोपहर करीब बारह बजे गेट खोला गया। बड़ी मुश्किल से तौल शुरू हुई। एफसीआई के डिपो इंचार्ज सुमित कुमार की मौजूदगी में पड़ताल के दौरान ट्रक में 600 बोरी 305.99 क्विंटल के मुकाबले 303.48 क्विंटल अनाज ही पाया गया। ट्रक में करीब 2.50 क्विंटल अनाज कम मिला। टीम सदस्यों ने जैसे ही कम अनाज मिलने की लिखा-पढ़ी शुरू की, वैसे ही गोदामकर्मियों ने टीम सदस्यों को धमकाना शुरू कर दिया। गोदाम को बंद करके वहां ताला लगा दिया गया। टीम को करीब एक घंटे तब बंधक बनाए रखा गया। टीम सदस्यों ने उच्च अधिकारियों को इसकी सूचना दी, मौके पर तुरंत खाद्य अफसर पहुंच गए। उसके बाद टीम के सदस्यों को वहां से निकाला गया। टीम में शामिल सदस्यों ने इसकी लिखित शिकायत आला अफसरों से की है।
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घपले के आकलन में जुटे अफसर
जीरो पीवी के दौरान एक ट्रक से ही ढाई क्विंटल अनाज कम निकला। अमूमन इस गोदाम से रोजाना 18-20 ट्रक बाहर निकलते हैं। अभी अफसरों को पता नहीं चला कि यह गड़बड़ी कब से हो रही लेकिन, एक दिन के लिहाज से भी आकलन किया जाए तब भी लाखों रुपये की गड़बड़ी की गुंजाइश है। खुले बाजार में यहां के चावल की कीमत 3200 रुपये प्रति क्विंटल जबकि 2200 रुपये प्रति क्विंटल गेहूं है। इस तरह एक दिन में सिर्फ घटतौली करके ही करीब 1.60 लाख की चपत लगाई गई हालांकि अफसरों का कहना है जांच के बाद ही गड़बड़ी का सटीक आकलन हो सकेगा।
लीपापोती की कोशिश में जुटे एफसीआई अफसर
गोदाम में जांच करने पहुंचे खाद्य विभाग के कर्मचारियों को बंधक बनाने समेत रंगे हाथ एक ट्रक में करीब ढाई क्विंटल अनाज कम पाए जाने के बावजूद एफसीआई अफसर इस पूरे प्रकरण को हल्का बनाने की कोशिश करते रहे। मंडल प्रबंधक पुष्पेंद्र सिंह ने इसे बेहद मामूली मामला बताया। उनका कहना है नियमित गोदाम की जीरोपीवी कराई जा रही लेकिन, इस गोदाम की कितने दिन बाद जीरोपीवी कराई जा गई, इस बारे में वह कुछ भी नहीं बता सके।
इस मामले की शिकायत मेरे पास आई है। जांच के दौरान अफसरों के साथ दुर्व्यवहार की भी शिकायत की गई है। एफसीआई के मंडल प्रबंधक को जांच करके दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए कहा गया है। - नरेंद्र कुमार, संभागीय खाद्य नियंत्रक, झांसी संभाग