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सूखे की कगार पर पांच गांव

Tue, 22 Mar 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 22 Mar 2016 01:05 AM IST
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Five villages on the brink of drought
jhansi hindi news - फोटो : demopic
झांसी। बुंदेलखंड में सूखा अपना असर दिखाने लगा है। जनपद झांसी के ही पांच गांव सूखे की कगार पर हैं। बबीना व बंगरा ब्लॉक के दो-दो व बड़ागांव ब्लॉक का एक गांव इनमें शामिल है। इस स्थिति से अधिकारी चिंतित हैं और इन क्षेत्रों में लोगों को शुद्ध पेयजल व स्वच्छता के लिए जागरूक भी कर रहे हैं।
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गौरतलब है कि जनपद झांसी के 53 गांव में टैंकरों से पेयजल आपूर्ति की जा रही है। अन्य क्षेत्रों में भी पेयजल संकट होने पर टैंकरों से आपूर्ति किए जाने के निर्देश हैं और इसके लिए ब्लॉक स्तर व जिला स्तर नियंत्रण कक्ष भी स्थापित कर दिए गए हैं। इसी क्रम में बंगरा ब्लॉक के खिसनी बुजुर्ग व खिसनी खुर्द, बबीना ब्लॉक के ग्राम खजराहा बुजुर्ग व खजराहा खुर्द एवं बड़ागांव ब्लॉक के ग्राम फुटेरा भी शामिल हो गए हैं। यहां भी अधिकांश हैंडपंप व कुओं ने साथ छोड़ दिया है। इसके चलते पेयजल का संकट गहराता जा रहा है।
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अधिकारियों के मुताबिक पांचों गांव सूखाग्रस्त होने की कगार पर हैं। जिला पेयजल एवं स्वच्छता समिति झांसी के तत्वावधान में चलाए जा रहे राष्ट्रीय ग्रामीण पेयजल एवं स्वच्छता जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत इन पांचों का गांवों का चयन भी किया गया, ताकि इन गांवों में लोगों को स्वच्छ पेयजल एवं स्वच्छता की जानकारी दी जाए। अधिकारियों ने इन ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा भी किया और ग्रामीणाें को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
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जागरूकता सप्ताह के तहत इन गांवों में सांस्कृतिक दलों व समिति के सदस्यों ने ग्रामीणों को जल संग्रह का सही तरीका, स्वच्छ पानी के प्रयोग, पेयजल की गुणवत्ता, पेयजल सुविधाओं जैसे हैंडपंप व पाइप पेयजल सुविधाओं का उचित रखरखाव, नाला बंधी व चेकडैम द्वारा वर्षा के जल का संचयन करने संबंधी जानकारियां दीं और जागरूक किया।


परियोजना निदेशक/ प्रभारी जिला विकास अधिकारी प्रह्लाद सिंह ने बताया कि इन पांचों गांवों में अधिकांश हैंडपंप व कुओं का पानी सूख चुका है। लोग पेयजल के लिए परेशान हैं। इसलिए इस जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत इन पांचों गांवों का चयन कर लोगों को जागरूक किया गया। ताकि लोगों को शुद्ध पेयजल की जानकारी हो सके और उन्हें संक्रमण आदि से बचाया जा सके। उन्होंने बताया कि इनके लिए शासन स्तर पर राहत के प्रयास किया जा रहे हैं।
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