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Jhansi News: श्री अन्न की खेती से बढ़ेगी किसानों की आय

Mon, 07 Oct 2024 12:52 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Mon, 07 Oct 2024 12:52 AM IST
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Farmers' income will increase through Shree Anna cultivation
- केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में हुए समारोह में बोले इम्फाल विवि के कुलपति डॉ. अनुपम
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। रानी लक्ष्मीबाई केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय में रविवार को श्री अन्न राष्ट्रीय परामर्श समारोह हुआ। मुख्य वक्ता केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय इम्फाल के कुलपति डॉ. अनुपम मिश्रा ने कहा कि श्री अन्न सभ्यता की प्रथम और भविष्य की फसल है। श्री अन्न की खेती न सिर्फ जलवायु परिवर्तन के प्रभावों से निपटने में सहायक है। बल्कि, किसानों की आय को बढ़ाने और उन्हें आर्थिक रूप से सशक्त बनाने का भी प्रमुख साधन है।

मंडलायुक्त बिमल कुमार दुबे ने कहा कि कृषि वैज्ञानिक को श्री अन्न शोध को किसानों के खेत तक पहुंचाना चाहिए। ताकि, किसानों को लाभ मिल सके। उन्होंने कहा श्री अन्न को व्यापक स्तर पर बाजारों तक पहुंचाने के लिए किसानों को मजबूत बाजार संबंधों और न्यूनतम समर्थन मूल्य की व्यवस्था से जोड़ा जाना चाहिए। इससे न केवल उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा, बल्कि श्री अन्न की खेती को एक नई पहचान भी मिलेगी। कुलपति डॉ. अशोक कुमार सिंह ने बाजार से जुड़ी चुनौतियों पर चर्चा करते हुए कहा कि किसानों के उत्पादों का उचित मूल्य सुनिश्चित करना जरूरी है। एफपीओ के माध्यम से किसानों को बाजार से जोड़ना और उनके उत्पादों के लिए उचित मूल्य सुनिश्चित करना वर्तमान समय की सबसे बड़ी जरूरत है। इसके लिए न केवल स्थानीय, बल्कि राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी साझेदारी की आवश्यकता है। इस दौरान निदेशक शिक्षा डॉ. अनिल कुमार, डॉ. अमित कुमार सिंह, डॉ. रूमाना खान, डॉ. जितेंद्र कुमार तिवारी, डॉ. घनश्याम मौजूद रहे।
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ये मुख्य बिंदु निकलकर आए सामने
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- श्री अन्न उत्पादों को बाजार मिलना चाहिए।
- श्री अन्न आधारित मानक मशीनरी का निर्माण किया जाना चाहिए।
- श्री अन्न आधारित नवाचार और उद्यमिता का प्रोत्साहन होना चाहिए।
- कृषि स्नातकों को एफपीओ के माध्यम से किसानों को जागरूक करना चाहिए।
- बदलते जलवायु परिस्थितियों के अनुरूप श्री अन्न की उच्च उत्पादकता वाली किस्मों का विकास करना जरूरी है।
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