{"_id":"5f9dc1b18ebc3e9be83ae6c6","slug":"farmer-get-not-find-fertilizer-jhansi-news-jhs1800290191","type":"story","status":"publish","title_hn":"मशीनों में साफ्टवेयर अपडेट न होने से किसानों को नहीं मिल रही खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मशीनों में साफ्टवेयर अपडेट न होने से किसानों को नहीं मिल रही खाद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
झांसी। खाद वितरण में इस्तेमाल होने वाली प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) मशीनों में साफ्टवेयर अपडेट न होने से किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्हें खाद नहीं मिल पा रही है। इस संबंध में कृषि अफसरों तक शिकायतें भी की गईं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।
रबी की बुवाई शुरू होते ही यूरिया की मांग सबसे अधिक बढ़ जाती है। कालाबाजारी रोकने को सरकार ने इस बार नियमों में काफी बदलाव कर दिए। करीब दो महीने पहले पीओएस मशीन में सुधार करके साफ्टवेयर अपडेट कराने के निर्देश दिए थे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी खाद कंपनी इफ्को एवं कृभको संभलती हैं, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो सका। जनपद में करीब 200 पीओएस मशीन हैं। सिर्फ पचास फीसदी मशीनें ही अपडेट हो सकी हैं।
उधर, रबी सीजन की बुवाई आरंभ होने के बावजूद मशीनों के अपडेट न होने से किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है। बताया जाता है कि मशीनों के साफ्टवेयर अपडेट कराने में दुकान संचालक भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। नए नियमों में संचालकों का दुकान में होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में संचालक के सिवाय दूसरा कोई खाद की बिक्री नहीं कर सकता। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि मशीनों को तेजी से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस माह के भीतर सभी मशीनों को अपडेट कराकर खाद बिक्री शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
रबी की बुवाई शुरू होते ही यूरिया की मांग सबसे अधिक बढ़ जाती है। कालाबाजारी रोकने को सरकार ने इस बार नियमों में काफी बदलाव कर दिए। करीब दो महीने पहले पीओएस मशीन में सुधार करके साफ्टवेयर अपडेट कराने के निर्देश दिए थे। इनके रखरखाव की जिम्मेदारी खाद कंपनी इफ्को एवं कृभको संभलती हैं, लेकिन अभी तक यह काम पूरा नहीं हो सका। जनपद में करीब 200 पीओएस मशीन हैं। सिर्फ पचास फीसदी मशीनें ही अपडेट हो सकी हैं।
विज्ञापन
उधर, रबी सीजन की बुवाई आरंभ होने के बावजूद मशीनों के अपडेट न होने से किसानों को खाद मिलने में परेशानी हो रही है। बताया जाता है कि मशीनों के साफ्टवेयर अपडेट कराने में दुकान संचालक भी दिलचस्पी नहीं दिखा रहे। नए नियमों में संचालकों का दुकान में होना अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसे में संचालक के सिवाय दूसरा कोई खाद की बिक्री नहीं कर सकता। इस संबंध में जिला कृषि अधिकारी कमलेश कुमार सिंह का कहना है कि मशीनों को तेजी से अपडेट कराने के निर्देश दिए गए हैं। इस माह के भीतर सभी मशीनों को अपडेट कराकर खाद बिक्री शुरू कराई जाएगी।
विज्ञापन