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दो दिन से खाद के लिए लाइन में लगे किसान की मौत
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ग्राम नया गांव में पीड़ित परिवार से मिले पूर्व केंद्रीयमंत्री प्रदीप जैन आदित्य
- फोटो : LALITPUR
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ललितपुर। शुक्रवार को खाद के लिए लाइन में लगे एक किसान की मौत हो गई। वह डीएपी के लिए पिछले दो दिनों से लाइन में लग रहा था, लेकिन खाद मिल नहीं पाया। सुबह लाइन में खड़े- खड़े अचानक सीने में दर्द हुआ और वह गिर पड़ा। वहीं रोंढ़ा सहकारी समिति पर खाद न मिलने से दुखी किसान ने फांसी लगाकर जान देने की कोशिश की। वह गले में रस्सी बांधकर लटकने का प्रयास कर रहा था जिसे किसानों ने बचा लिया।
जाखलौन थाना क्षेत्र के नया गांव निवासी किसान भोगी पाल (55) दो दिन से खाद के लिए जुगपुरा स्थित एक खाद भंडार के बाहर लाइन में लग रहा था। बृहस्पतिवार को भी वह पहुंचा था, लेकिन जब रात तक भी खाद नहीं मिली तो वह दुकान के सामने एक टिनशेड के नीचे यह सोचकर लेट गया कि सुबह को खाद लेकर जाऊंगा।
भोगी पाल के पुत्र कृपाल के मुताबिक शुक्रवार की सुबह जब खाद की दुकान खुली तो फिर से किसानों की लाइन लग गई। उसके पिता भी लाइन में लगे थे। सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे अचानक उसके पिता के सीने में तेज दर्द उठा। वह वहीं पर लेट गए। हालत बिगड़ती देख आसपास के किसानों के सहयोग से पिता को टेंपो द्वारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचा जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना से किसानों में रोष फैल गया। भाकियू टिकैत गुट के प्रांतीय मंत्री लाखन सिंह पटेल ने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी यदि अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे तो वह शव घंटाघर पर लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ ही देर में डीएम अन्नावि दिनेश कुमार अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे और हर आर्थिक मदद का भरोसा दिया। वहीं ललितपुर तहसील के गांव रोंढ़ा की सहकारी समिति पर खाद न मिलने से परेशान रोंढ़ा निवासी श्यामलाल (50) ने गले में रस्सी बांध ली और फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। आसपास के किसानों ने उसे पकड़ लिया और समझा-बुझाकर शांत किया।
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खाद के लिए लाइन में लगे किसान की मौत होना दुखद है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये दिलवाने के लिए प्रपत्र भरवा दिए गए हैं। शव का अंतिम संस्कार सही से हो इसके लिए प्रशासन व्यवस्था करवा रहा है। -अन्नावि दिनेश कुमार, डीएम
सरकार मुआवजे का एलान करे- अखिलेश
भाजपा के राज में उप्र में खाद की कमी ने एक बेहद दर्दनाक मोड़ ले लिया है। आज ललितपुर में दो दिन से खाद की लाइन में लगे हुए एक किसान की मौत का दुखद समाचार मिला है। श्रद्धांजलि! सरकार मुआवजे का एलान करे। आजाद भारत के इतिहास में किसान कभी भी इतना परेशान व अपमानित नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ट्वीट
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परिवार में मृतक की पत्नी के अलावा चार बेटियां और दो बेटे
किसान भोगी पाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा चार बेटियां है और दो बेटे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। ज्येष्ठ पुत्र कृपाल ने बताया कि उसके पिता के पास चार एकड़ सात डिसमिल भूमि का सरकारी पट्टा है, जिस पर वह खेती कर परिवार का भरण पोषण करते थे।
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जाखलौन थाना क्षेत्र के नया गांव निवासी किसान भोगी पाल (55) दो दिन से खाद के लिए जुगपुरा स्थित एक खाद भंडार के बाहर लाइन में लग रहा था। बृहस्पतिवार को भी वह पहुंचा था, लेकिन जब रात तक भी खाद नहीं मिली तो वह दुकान के सामने एक टिनशेड के नीचे यह सोचकर लेट गया कि सुबह को खाद लेकर जाऊंगा।
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भोगी पाल के पुत्र कृपाल के मुताबिक शुक्रवार की सुबह जब खाद की दुकान खुली तो फिर से किसानों की लाइन लग गई। उसके पिता भी लाइन में लगे थे। सुबह तकरीबन साढ़े नौ बजे अचानक उसके पिता के सीने में तेज दर्द उठा। वह वहीं पर लेट गए। हालत बिगड़ती देख आसपास के किसानों के सहयोग से पिता को टेंपो द्वारा जिला अस्पताल लेकर पहुंचा जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना से किसानों में रोष फैल गया। भाकियू टिकैत गुट के प्रांतीय मंत्री लाखन सिंह पटेल ने अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने चेतावनी दी यदि अधिकारी मौके पर नहीं आएंगे तो वह शव घंटाघर पर लेकर पहुंच रहे हैं। कुछ ही देर में डीएम अन्नावि दिनेश कुमार अफसरों के साथ मौके पर पहुंचे और हर आर्थिक मदद का भरोसा दिया। वहीं ललितपुर तहसील के गांव रोंढ़ा की सहकारी समिति पर खाद न मिलने से परेशान रोंढ़ा निवासी श्यामलाल (50) ने गले में रस्सी बांध ली और फांसी लगाने की कोशिश करने लगा। आसपास के किसानों ने उसे पकड़ लिया और समझा-बुझाकर शांत किया।
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खाद के लिए लाइन में लगे किसान की मौत होना दुखद है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री राहत कोष से 10 लाख रुपये दिलवाने के लिए प्रपत्र भरवा दिए गए हैं। शव का अंतिम संस्कार सही से हो इसके लिए प्रशासन व्यवस्था करवा रहा है। -अन्नावि दिनेश कुमार, डीएम
सरकार मुआवजे का एलान करे- अखिलेश
भाजपा के राज में उप्र में खाद की कमी ने एक बेहद दर्दनाक मोड़ ले लिया है। आज ललितपुर में दो दिन से खाद की लाइन में लगे हुए एक किसान की मौत का दुखद समाचार मिला है। श्रद्धांजलि! सरकार मुआवजे का एलान करे। आजाद भारत के इतिहास में किसान कभी भी इतना परेशान व अपमानित नहीं हुआ। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का ट्वीट
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परिवार में मृतक की पत्नी के अलावा चार बेटियां और दो बेटे
किसान भोगी पाल के परिवार में उसकी पत्नी के अलावा चार बेटियां है और दो बेटे हैं, जिनकी शादी हो चुकी है। ज्येष्ठ पुत्र कृपाल ने बताया कि उसके पिता के पास चार एकड़ सात डिसमिल भूमि का सरकारी पट्टा है, जिस पर वह खेती कर परिवार का भरण पोषण करते थे।

मडावरा में किसानों की भीड़ में फंसी एंबुलेंस- फोटो : LALITPUR

डोंगराखुर्द में दुकान के बाहर बैठे किसान- फोटो : LALITPUR

महरौनी में सड़क पर लगी किसानों की भीड़- फोटो : LALITPUR

ललितपुर। महरौनी में किसानों को समझाते एसडीएम- फोटो : LALITPUR