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यूक्रेन में फंसे बेटे की चिंता कर परिजन परेशान, हर घंटे कर रहे फोन
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झांसी। रूस के हमले के बाद यूक्रेन में फंसे भारतीय छात्र अब स्वदेश नहीं लौट पा रहे हैं। वहां पर झांसी का भी एक छात्र फंसा हुआ है। बृहस्पतिवार को रूस की सेना द्वारा यूक्रेन पर हमले करने की सूचना जैसे ही छात्र के परिजनों को मिली वो दहशत में आ गए। परिजन हर घंटे फोन करके हालात की जानकारी ले रहे हैं।
आशिक चौराहा निवासी धर्मेंद्र बादल के बेटे अक्षेंद्र बादल यूक्रेन की उजहोरोड नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, ये यूनिवर्सिटी वेस्ट यूक्रेन में है। यहां से लगभग सात सौ किलोमीटर दूर स्थित कीव में रूसी सेना पहुंच चुकी है। अक्षेंद्र ने बताया कि एंबेसी से भारतीय छात्रों को ईस्ट से वेस्ट यूक्रेन पहुंचने के मेसेज किए गए हैं। ऐसे में कई छात्र शुक्रवार तक वेस्ट यूक्रेन आ सकते हैं। यहां पर अभी रूसी सेना की तरफ से कोई भी हमला नहीं किया गया है। वहीं, अक्षेंद्र को पिता धर्मेंद्र, मां अपर्णा, बहन वैष्णवी हर घंटे फोन करके हालातों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। 74 साल की दादी पुष्पलता बादल को भी जब रूस के हमले की जानकारी हुई तो उन्होंने भी अक्षेंद्र से सुरक्षित रहने के लिए कहा है। बेवजह घर से बाहर न निकलने की भी बात कही। भिंड के रहने वाले नाना शिवनारायण दुबे, नानी उमा दुबे ने भी बृहस्पतिवार को अक्षेंद्र से बात की। पिता का कहना है कि बेटा बहुत दूर है। उसको लेकर चिंता सता रहे है।
एंबेसी की तरफ से जारी किए गए नंबर
अक्षेंद्र ने बताया कि भारतीय एंबेसी की तरफ से पांच हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिकारी लगातार छात्रों से संपर्क में हैं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत फोन करने की बात कही गई है।
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आशिक चौराहा निवासी धर्मेंद्र बादल के बेटे अक्षेंद्र बादल यूक्रेन की उजहोरोड नेशनल मेडिकल यूनिवर्सिटी से एमबीबीएस-एमडी की पढ़ाई कर रहे हैं। हालांकि, ये यूनिवर्सिटी वेस्ट यूक्रेन में है। यहां से लगभग सात सौ किलोमीटर दूर स्थित कीव में रूसी सेना पहुंच चुकी है। अक्षेंद्र ने बताया कि एंबेसी से भारतीय छात्रों को ईस्ट से वेस्ट यूक्रेन पहुंचने के मेसेज किए गए हैं। ऐसे में कई छात्र शुक्रवार तक वेस्ट यूक्रेन आ सकते हैं। यहां पर अभी रूसी सेना की तरफ से कोई भी हमला नहीं किया गया है। वहीं, अक्षेंद्र को पिता धर्मेंद्र, मां अपर्णा, बहन वैष्णवी हर घंटे फोन करके हालातों के बारे में जानकारी ले रहे हैं। 74 साल की दादी पुष्पलता बादल को भी जब रूस के हमले की जानकारी हुई तो उन्होंने भी अक्षेंद्र से सुरक्षित रहने के लिए कहा है। बेवजह घर से बाहर न निकलने की भी बात कही। भिंड के रहने वाले नाना शिवनारायण दुबे, नानी उमा दुबे ने भी बृहस्पतिवार को अक्षेंद्र से बात की। पिता का कहना है कि बेटा बहुत दूर है। उसको लेकर चिंता सता रहे है।
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एंबेसी की तरफ से जारी किए गए नंबर
अक्षेंद्र ने बताया कि भारतीय एंबेसी की तरफ से पांच हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं। अधिकारी लगातार छात्रों से संपर्क में हैं। किसी भी तरह की परेशानी होने पर तुरंत फोन करने की बात कही गई है।
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