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शत्रु संपत्ति: अवैध कब्जों से लेकर मुकदमों तक का ब्योरा तलब

Tue, 13 Oct 2026 01:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Tue, 13 Oct 2026 01:22 AM IST
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Enemy Property: Details sought on everything from illegal encroachments to lawsuits.
झांसी। जनपद में शत्रु संपत्तियों का पूरा ब्योरा शासन को भेजा जाना है। ऐसे में प्रभारी अधिकारी ने मोंठ और सदर के एसडीएम से तीन दिन में ब्योरा मांगा है। रिपोर्ट में अवैध कब्जों से लेकर मुकदमों तक की जानकारी बताई होगी।
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जनपद में 69 शत्रु संपत्ति हैं, जिनका क्षेत्रफल 13.07 हेक्टेयर है। इनमें अधिकांश संपत्ति के मामले कोर्ट में विचाराधीन हैं। बताया गया कि अभी सदर और मोंठ तहसील से शत्रु संपत्ति से जुड़ी जानकारी आनी बाकी है। ऐसे में शत्रु संपत्ति के प्रभारी अधिकारी योगेंद्र कुमार ने दोनों तहसीलों के एसडीएम को पत्र भेजा है। प्रभारी अधिकारी ने बताया कि तहसीलवार संपूर्ण ब्योरा एकत्र होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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इसके अलावा जिलाधिकारी कार्यालय ने शत्रु संपत्तियों से जुड़े पांच मामलों में प्राप्त प्रार्थनापत्रों की जांच कर आख्या देने के भी निर्देश दिए हैं। अधिकारियों को इन प्रकरणों की जांच कर तीन दिन के भीतर रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया है।
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मोंठ तहसील की संपत्ति के सीमांकन के निर्देश

जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से एसडीएम मोंठ को भेजे गए एक अन्य पत्र में ग्राम मोंठ में दर्ज शत्रु संपत्ति की सर्वेक्षण और सीमांकन की कार्रवाई कराने को कहा गया है। पत्र में कहा गया है कि भारत सरकार के शत्रु संपत्ति अभिरक्षक कार्यालय की ओर से इस संबंध में निर्देश दिए गए थे। इसके लिए एक सर्वेक्षक को नामित किया गया है।


शासन ने इन बिंदुओं पर मांगी है रिपोर्ट
- कुल संपत्तियों का ब्योरा: जनपद में शत्रु संपत्तियों की कुल संख्या, उनकी गाटा संख्या और क्षेत्रफल की जानकारी उपलब्ध करानी होगी।

- अवैध कब्जों पर कार्रवाई: जिन शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं, उनमें से कितनी गाटा संख्या से कब्जे हटाए गए हैं, इसका गाटावार विवरण देना होगा। साथ ही प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई की अद्यतन स्थिति भी बतानी होगी।


- भूमि के अभिलेख: शत्रु संपत्तियों से संबंधित खसरा, खतौनी समेत आवश्यक राजस्व अभिलेखों की स्पष्ट आख्या उपलब्ध कराने को कहा गया है।
- न्यायालय में लंबित मामले: जिन शत्रु संपत्तियों को लेकर न्यायालयों में वाद विचाराधीन हैं, उनका विस्तृत विवरण और प्रशासन की ओर से की गई पैरवी की अद्यतन स्थिति भी मांगी गई है।
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