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Jhansi News: अधिकारियों को कर्मयोगी बनाएगा बिजली निगम
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- कौशल विकास का पाठ पढ़ाने के लिए किया जा रहा ऑनलाइन प्रशिक्षित
संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली विभाग अब अपने कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाएगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे जहां वह कौशल विकास का पाठ पढ़ रहे हैं। वहीं कार्यकुशलता को भी बढ़ा रहे हैं। इससे विभाग न केवल अधिकारियों के प्रशासनिक कौशल को निखारेगा बल्कि बदलती तकनीकी और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप उन्हें तैयार भी करेगा।
सरकारी विभागों में अधिकारियों को कर्मयोगी बनाए जाने के लिए व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन 10 पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों को ऑनलाइन इस पाठ्यक्रम को पूर्ण कर प्रशिक्षित होना होगा। यह कोर्स अब उनकी मूल्यांकन रिपोर्ट का भी हिस्सा होगा, जिससे इसकी गंभीरता और जवाबदेही और बढ़ जाएगी।
विभाग का मानना है कि यह कदम अधिकारियों की कार्यशैली को और अधिक प्रभावशाली, उत्तरदायी तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल सरकारी तंत्र में पेशेवरता बढ़ेगी बल्कि जनता को भी बेहतर और अधिक उत्तरदायी प्रशासन मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रशिक्षण लेना शुरू भी कर दिया है। अधिशासी अभियंता रवींद्र सिंह ने बताया कि कर्मयोगी पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिया गया है। इसको लेकर प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
झांसी। बिजली विभाग अब अपने कर्मचारियों को कर्मयोगी बनाएगा। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे जहां वह कौशल विकास का पाठ पढ़ रहे हैं। वहीं कार्यकुशलता को भी बढ़ा रहे हैं। इससे विभाग न केवल अधिकारियों के प्रशासनिक कौशल को निखारेगा बल्कि बदलती तकनीकी और सामाजिक जरूरतों के अनुरूप उन्हें तैयार भी करेगा।
सरकारी विभागों में अधिकारियों को कर्मयोगी बनाए जाने के लिए व्यवस्था लागू की गई है। इसके लिए उन्हें ऑनलाइन 10 पाठ्यक्रम उपलब्ध कराए गए हैं। अधिकारियों को ऑनलाइन इस पाठ्यक्रम को पूर्ण कर प्रशिक्षित होना होगा। यह कोर्स अब उनकी मूल्यांकन रिपोर्ट का भी हिस्सा होगा, जिससे इसकी गंभीरता और जवाबदेही और बढ़ जाएगी।
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विभाग का मानना है कि यह कदम अधिकारियों की कार्यशैली को और अधिक प्रभावशाली, उत्तरदायी तथा तकनीकी रूप से सक्षम बनाएगा। इस नई व्यवस्था से न केवल सरकारी तंत्र में पेशेवरता बढ़ेगी बल्कि जनता को भी बेहतर और अधिक उत्तरदायी प्रशासन मिलने की उम्मीद जताई गई है। इसके लिए अधिकारियों ने प्रशिक्षण लेना शुरू भी कर दिया है। अधिशासी अभियंता रवींद्र सिंह ने बताया कि कर्मयोगी पाठ्यक्रम अनिवार्य कर दिया गया है। इसको लेकर प्रशिक्षण भी शुरू कर दिया गया है।
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