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शिक्षा दिलाती है समाज में पहचान
Sun, 16 Jun 2019 12:19 AM IST
देवेंद्र कुमार
jhansi
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Published by: देवेंद्र कुमार
Updated Sun, 16 Jun 2019 12:19 AM IST
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अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स
- फोटो : amarujala
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झांसी। अमर उजाला के नारी गरिमा के साझा संकल्प ‘अपराजिता: 100 मिलियन स्माइल्स’ के तहत शनिवार को क्राफ्ट मेला मैदान में बुंदेली हास्य नाटक ढड़कोला का मंचन किया गया। साथ ही ‘बेटी बचाओ - बेटी पढ़ाओ’ का संदेश दिया गया। इस दौरान नारी गरिमा को अक्षुण्ण बनाए रखने की शपथ भी ली गई।
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किले की तलहटी में स्थित क्राफ्ट मेला ग्राउंड में आयोजित अमर उजाला शॉपिंग फेस्टिवल में पुअर थियेटर के सहयोग से नाट्य मंचन के लिए मेला परिसर में ढपली बजाते हुए घूम-घूम कर कलाकारों ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींचा। नाटक की शुरुआत में कलाकारों ने दर्शाया कि शिक्षित होना कितना जरूरी है तथा उसके बगैर समाज में उनका कोई स्तर नहीं होता। दर्शकों को नाटक के माध्यम से उन्हें आइना दिखाते हुए संदेश दिया कि किस प्रकार से अनपढ़ व्यक्ति को आसानी से कोई भी बेवकूफ बना देता है और अपना उल्लू सीधा कर लेता है। वहीं, अशिक्षित होने पर कौन- कौन सी समस्याओं से जूझना पड़ता है। गांव के अशिक्षित लोग जब शहर में काम करने आते हैं तब उनका सेठ लोग किस तरह शोषण करते हैं। कम रुपयों में उनसे कड़ी मेहनत करवाई जाती है। इसके बाद उनको अहसास होता है कि आज वह पढ़े लिखे होते तो आज उनको ऐसे हालातों से नहीं गुजरना पड़ता।
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नाटक का निर्देशन देवदत्त बुधौलिया ने किया। अभिनय करने वालों में शीलू पंडित, डॉली ठाकुर, जैनेंद्र सिंह, हिमांशु दुबे, आदित्य श्रीवास्तव, अंशु शर्मा, रत्नेश लिटौरिया, मोहित कर्ण, रवींद्र प्रताप आदि मौजूद रहे।
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