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जनपद के 53 गांवों में पेयजल किल्लत
Updated Thu, 17 Mar 2016 01:21 AM IST
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water, jhansi news
- फोटो : demo pice
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झांसी। सूखे की विभीषिका से जूझ रहे बुंदेलखंड के जनपद झांसी के 53 गांवों में पेयजल की किल्लत गर्मी आने से पूर्व ही शुरू हो गई है। इस भीषण समस्या से निपटने के लिए फिलहाल प्रशासन ने ग्राम पंचायतों के टैंकरों से पेयजल आपूर्ति शुरू कर दी है। इतना ही नहीं, आने वाले संकट को देखते हुए प्रशासन ने पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए 337 टैंकरों की और व्यवस्था कर उनकी सूची बना ली है, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में इमरजेंसी आने पर वहां पानी पहुंचाया जा सके।
जनपद में कुल 496 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां जल स्तर बहुत नीचे पहुंच चुका है। जिले के 21883 हैँडपंपों में से अधिकांश ने पानी का साथ छोड़ दिया है। इन्हें रीबोर कराया जा रहा है। जल निगम और अन्य विभाग पानी का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं।
जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह ने बताया कि विभिन्न ब्लॉकों के 53 गांव ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वहां पानी पहुंचाने की व्यवस्था टैंकरों से की जा रही है। बबीना ब्लाक के 7, बड़ागांव के 2, चिरगांव के 6, मोंठ का 1, बंगरा के 13, मऊरानीपुर के 2, गुरसरांय के 17 तथा बामौर ब्लाक के 5 गांवों में पानी का संकट हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों में 57 टैंकराें से पानी भेजा जा रहा है।
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इसके अलावा भविष्य में किसी प्रकार की पेयजल की समस्या और सामने आती है तो उसके लिए जनपद की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, वन विभाग व जल संस्थान में उपलब्ध टैंकरों की सूची मंगा ली गई है। वन विभाग के 11, जल संस्थान के 32, नगर पालिका मऊरानीपुर के 4, नपा समथर के 5, नपा गुरसरांय के 4, नपा बरुआसागर के 7, नपा चिरगांव के 2, नपा बड़ागांव का 1, नगर पंचायत मोंठ के 2, नपं एरच के 4, नपं रानीपुर के 2, नपं कोटरा के 4, नपं गरौठा के 2 एवं नपं टोड़ीफतेहपुर के 3 समेत कुल 83 टैंकर की सूची प्राप्त हुई है। इसके अलावा निजी व अन्य स्रोतों के भी 337 टैंकरों की सूची तैयार की गई है। इस प्रकार कुल 387 टैंकरों की सूची उनके पास है। फिलहाल 57 टैंकरों का ही उपयोग किया जा रहा है।
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जनपद में कुल 496 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें कई क्षेत्र ऐसे हैं जहां जल स्तर बहुत नीचे पहुंच चुका है। जिले के 21883 हैँडपंपों में से अधिकांश ने पानी का साथ छोड़ दिया है। इन्हें रीबोर कराया जा रहा है। जल निगम और अन्य विभाग पानी का इंतजाम करने में जुटे हुए हैं।
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जिला पंचायत राज अधिकारी केके सिंह ने बताया कि विभिन्न ब्लॉकों के 53 गांव ऐसे चिह्नित किए गए हैं, जहां पीने के लिए भी पानी उपलब्ध नहीं है। ऐसे में वहां पानी पहुंचाने की व्यवस्था टैंकरों से की जा रही है। बबीना ब्लाक के 7, बड़ागांव के 2, चिरगांव के 6, मोंठ का 1, बंगरा के 13, मऊरानीपुर के 2, गुरसरांय के 17 तथा बामौर ब्लाक के 5 गांवों में पानी का संकट हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए ग्राम पंचायतों में 57 टैंकराें से पानी भेजा जा रहा है।
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इसके अलावा भविष्य में किसी प्रकार की पेयजल की समस्या और सामने आती है तो उसके लिए जनपद की नगर पालिकाओं, नगर पंचायतों, वन विभाग व जल संस्थान में उपलब्ध टैंकरों की सूची मंगा ली गई है। वन विभाग के 11, जल संस्थान के 32, नगर पालिका मऊरानीपुर के 4, नपा समथर के 5, नपा गुरसरांय के 4, नपा बरुआसागर के 7, नपा चिरगांव के 2, नपा बड़ागांव का 1, नगर पंचायत मोंठ के 2, नपं एरच के 4, नपं रानीपुर के 2, नपं कोटरा के 4, नपं गरौठा के 2 एवं नपं टोड़ीफतेहपुर के 3 समेत कुल 83 टैंकर की सूची प्राप्त हुई है। इसके अलावा निजी व अन्य स्रोतों के भी 337 टैंकरों की सूची तैयार की गई है। इस प्रकार कुल 387 टैंकरों की सूची उनके पास है। फिलहाल 57 टैंकरों का ही उपयोग किया जा रहा है।