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‘कलम आपके हाथ में फेल करो या पास’
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 04 Apr 2016 12:44 AM IST
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- फोटो : demopic
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झांसी। ‘कॉपी लिखी जतन से, चली गुरु जी के पास, कलम आपके हाथ में फेल करो या पास’ जैसी दिलचस्प शायरियां, कविताएं विद्यार्थियों ने उत्तर पुस्तिकाओं में लिखी हैं, ताकि परीक्षक प्रभावित होकर उन्हें पास कर दें। इसके अलावा विद्यार्थियों ने गुरु जी के नाम मार्मिक खत लिखकर गरीबी का हवाला देते हुए पास करने की विनती की है। यही नहीं, कई उत्तर
पुस्तिकाओं में तो रुपये भी परीक्षकों को चिपके मिल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जनपद के दो मूल्यांकन केंद्रों में इन दिनों यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में शायरी, कविताएं, मार्मिक संदेश लिखे होने परीक्षक पशोपेश में हैं। जबकि, कईयों ने पास करने एवं पढ़ाई ठीक से न कर पाने का कारण खत की शैली में पुस्तिकाओं में लिखा है। इनमें गरीबी, सौतेली माता द्वारा उत्पीड़न, पारिवारिक व शारीरिक परेशानियां मुख्य हैं।
इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों ने फेल होने शादी टूटने की बात कहते हुए पास करने की गुजारिश की है। कुछ परीक्षकों के अनुसार कॉपियों में मोबाइल नंबर के अलावा 20 से लेकर 100 रुपये तक के नोट (नकदी) भी चिपके आ रहे हैं।
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शुचिता पर लग रहा है प्रश्न चिह्न
यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बेहद गोपनीय माना जाता है। लेकिन, शिक्षक विधायक चुनाव के चलते इन दिनों जनसंपर्क केंद्र के रूप में तब्दील हो रहे मूल्यांकन केंद्रों में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों एवं उनके समर्थकों की नारेबाजी मूल्यांकन कार्य की शुचिता पर प्रश्न चिह्न लगा रही है। वहीं, मूल्यांकन केंद्रों में बाहरी लोगों के प्रवेश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इस संदर्भ में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि मूल्यांकन कार्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है और उसकी शुचिता पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी में कब सुधरेंगे हैंडपंप
सूरज प्रसाद बालिका इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कार्य को पांच दिन हो गए हैं, लेकिन जल संस्थान ने यहां खराब पडे़ दो हैंडपंपों को सुधारने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसे में परीक्षकों के समक्ष पानी की समस्या हो रही है। प्राचार्या के अनुसार जल संस्थान को लिखित एवं मौखिक सूचना दी जा चुकी है, लेकिन हैंडपंपों को सुधारने के लिए जल संस्थान की ओर से कोई कर्मचारी अभी तक नहीं आया है।
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पुस्तिकाओं में तो रुपये भी परीक्षकों को चिपके मिल रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि जनपद के दो मूल्यांकन केंद्रों में इन दिनों यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं जांची जा रही हैं। उत्तर पुस्तिकाओं में शायरी, कविताएं, मार्मिक संदेश लिखे होने परीक्षक पशोपेश में हैं। जबकि, कईयों ने पास करने एवं पढ़ाई ठीक से न कर पाने का कारण खत की शैली में पुस्तिकाओं में लिखा है। इनमें गरीबी, सौतेली माता द्वारा उत्पीड़न, पारिवारिक व शारीरिक परेशानियां मुख्य हैं।
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इसके अलावा कुछ विद्यार्थियों ने फेल होने शादी टूटने की बात कहते हुए पास करने की गुजारिश की है। कुछ परीक्षकों के अनुसार कॉपियों में मोबाइल नंबर के अलावा 20 से लेकर 100 रुपये तक के नोट (नकदी) भी चिपके आ रहे हैं।
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शुचिता पर लग रहा है प्रश्न चिह्न
यूपी बोर्ड परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन का कार्य बेहद गोपनीय माना जाता है। लेकिन, शिक्षक विधायक चुनाव के चलते इन दिनों जनसंपर्क केंद्र के रूप में तब्दील हो रहे मूल्यांकन केंद्रों में विभिन्न शिक्षक संगठनों के पदाधिकारियों एवं उनके समर्थकों की नारेबाजी मूल्यांकन कार्य की शुचिता पर प्रश्न चिह्न लगा रही है। वहीं, मूल्यांकन केंद्रों में बाहरी लोगों के प्रवेश की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। इस संदर्भ में संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. मनोज कुमार द्विवेदी ने बताया कि मूल्यांकन कार्य का पूरा ख्याल रखा जा रहा है और उसकी शुचिता पर कोई असर नहीं पड़ रहा है।
मूल्यांकन केंद्र जीजीआईसी में कब सुधरेंगे हैंडपंप
सूरज प्रसाद बालिका इंटर कॉलेज में मूल्यांकन कार्य को पांच दिन हो गए हैं, लेकिन जल संस्थान ने यहां खराब पडे़ दो हैंडपंपों को सुधारने के लिए अभी तक कोई कदम नहीं उठाया है। ऐसे में परीक्षकों के समक्ष पानी की समस्या हो रही है। प्राचार्या के अनुसार जल संस्थान को लिखित एवं मौखिक सूचना दी जा चुकी है, लेकिन हैंडपंपों को सुधारने के लिए जल संस्थान की ओर से कोई कर्मचारी अभी तक नहीं आया है।