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आठ सवारी गाड़ियों में अब नहीं लगेंगे डीजल इंजन, इंजन बदलने का झंझट हुआ खत्म
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झांसी। ईशानगर से उदयपुरा रेलखंड के विद्युतीकृत होने के साथ ही झांसी रेल मंडल से डीजल इंजनों की विदाई शुरू हो गई। आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों को पूरी तरह इलेक्ट्रिक इंजनों से लैस कर दिया गया है। इनमें अब डीजल इंजन नहीं लगाए जाएंगे। इसके साथ ही इलेक्ट्रिक इंजनों का इस्तेमाल होने से दो बार इंजन बदलने का झंझट भी खत्म हो गया।
झांसी रेल मंडल के अंतर्गत ईशानगर से उदयपुरा के बीच 78 किमी लंबा रेलवे ट्रैक कुछ दिनों पहले ही विद्युतीकृत हुआ है। इसके विद्युतीकरण होने के साथ ही मंडल का 1401 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक पूरी तरह ओएचई लाइन युक्त हो गया। अभी तक इस खंड पर ओएचई लाइन नहीं थी। इस वजह से ललितपुर-खजुराहो के बीच चलने वाली गाड़ियां डीजल इंजन से चलाई जाती थीं। इस वजह से दो बार इंजन बदलना पड़ता था। इसमें करीब एक घंटा बर्बाद होता था लेकिन, अब इस सेक्शन के ओएचई लाइन युक्त हो जाने से इलेक्ट्रिक इंजन से ही गाड़ियां दौड़ाई जा सकेगी।
बृहस्पतिवार से आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों से इसकी शुरुआत हुई। अब प्रयागराज- डॉ.अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (14115/14116), अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस (19483/19436), दादर-डा.अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (111025/111026), अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435/19436), दादर बलिया एक्सप्रेस (11027/11028), खजुराहो कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस (11841/11842), खजुराहो टीकमगढ़ एक्सप्रेस (11184/111842), खजुराहो भोपाल एक्सप्रेस (22163/ 22164) इलेक्ट्रिक इंजनों के सहारे ही चलेंगी। रेल अफसरों का कहना है जल्द ही इस रूट पर चलने वाली अन्य सवारी गाड़ियों को भी इलेक्ट्रिक इंजनों के साथ चलाया जाएगा। इससे गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही समय की भी बचत होगी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक इस रूट पर एक सौ दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को मंजूरी मिली है। इससे सवारी गाड़ियों के यात्रियों कोे काफी फायदा होगा।
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झांसी रेल मंडल के अंतर्गत ईशानगर से उदयपुरा के बीच 78 किमी लंबा रेलवे ट्रैक कुछ दिनों पहले ही विद्युतीकृत हुआ है। इसके विद्युतीकरण होने के साथ ही मंडल का 1401 किलोमीटर लंबा रेलवे ट्रैक पूरी तरह ओएचई लाइन युक्त हो गया। अभी तक इस खंड पर ओएचई लाइन नहीं थी। इस वजह से ललितपुर-खजुराहो के बीच चलने वाली गाड़ियां डीजल इंजन से चलाई जाती थीं। इस वजह से दो बार इंजन बदलना पड़ता था। इसमें करीब एक घंटा बर्बाद होता था लेकिन, अब इस सेक्शन के ओएचई लाइन युक्त हो जाने से इलेक्ट्रिक इंजन से ही गाड़ियां दौड़ाई जा सकेगी।
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बृहस्पतिवार से आठ जोड़ी सवारी गाड़ियों से इसकी शुरुआत हुई। अब प्रयागराज- डॉ.अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (14115/14116), अहमदाबाद-बरौनी एक्सप्रेस (19483/19436), दादर-डा.अंबेडकर नगर एक्सप्रेस (111025/111026), अहमदाबाद-आसनसोल एक्सप्रेस (19435/19436), दादर बलिया एक्सप्रेस (11027/11028), खजुराहो कुरुक्षेत्र एक्सप्रेस (11841/11842), खजुराहो टीकमगढ़ एक्सप्रेस (11184/111842), खजुराहो भोपाल एक्सप्रेस (22163/ 22164) इलेक्ट्रिक इंजनों के सहारे ही चलेंगी। रेल अफसरों का कहना है जल्द ही इस रूट पर चलने वाली अन्य सवारी गाड़ियों को भी इलेक्ट्रिक इंजनों के साथ चलाया जाएगा। इससे गाड़ियों की रफ्तार बढ़ाने के साथ ही समय की भी बचत होगी। जनसंपर्क अधिकारी मनोज कुमार सिंह के मुताबिक इस रूट पर एक सौ दस किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार को मंजूरी मिली है। इससे सवारी गाड़ियों के यात्रियों कोे काफी फायदा होगा।
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