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Jhansi News: असफलता के आगे नहीं मानी हार, पांचवीं ‘उड़ान’ में अनिकेत ने छुआ आसमान
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झांसी के होनहार ने यूपीएससी की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में देशभर में पाई 12वीं रैंक
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 12वीं रैंक पाकर झांसी के होनहार अनिकेत शांडिल्य ने आसमान छू लिया। उनको चार बार असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। असफलता से सीख लेते हुए खुद को मजबूत किया और मुकाम हासिल किया।
महानगर के महेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी अनिकेत शांडिल्य ने 2018 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। शुरुआती चार प्रयासों में वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। हालांकि, दो बार प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली। अनिकेत ने बताया कि लगातार असफल होने से उम्मीद जरूरी टूटती थी, लेकिन हर बार उन्होंने खुद को अगली परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। अनिकेत शुरु से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं। सीकेसी एकेडमी से उन्होंने 10वीं की परीक्षा 93 फीसदी अंकों से पास की। इसके बाद 12वीं में उनके 80 प्रतिशत अंक आए। फिर नोएडा से मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच से बीटेक किया।
अनिकेत बताते हैं कि उनकी आईबी में नौकरी लग गई थी। कई अन्य कंपनियों में भी वह नौकरी पाने में सफल हो गए। मगर आईएएस बनने के जज्बे के चलते उन्होंने नौकरी नहीं की। दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। अनिकेत बताते हैं कि उन्होंने कभी कोचिंग नहीं की। दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करते थे। उन्होंने कहा कि सपने पूरे करने के लिए जोखिम तो उठाना पड़ता है। जो कमियां रह गईं, उन्हें दूर करके अगली परीक्षा दी। यही उनकी सफलता का कारण बना।
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माता-पिता दोनों हैं शिक्षक
अनिकेत के पिता आलोक शांडिल्य मूल रूप से जालौन के कोटरा निवासी हैं और वो जीआईसी झांसी में उप प्रधानाचार्य हैं। जबकि, मां अर्चना शांडिल्य बेहटा के प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर हैं। माता-पिता दोनों के शिक्षक होने से अनिकेत को शुरू से ही घर में पढ़ाई का माहौल मिला। उनके दादा राधारमण शांडिल्य वरिष्ठ साहित्यकार थे।
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रोज आधा घंटा अखबार पढ़ता था
अनिकेत ने बताया कि वह रोजाना आधा घंटे अखबार पढ़ते थे। अखबार से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर कोई एक साल तक लगातार अखबार ही पढ़ ले तो करंट अफेयर्स की काफी जानकारी हो जाती है। अखबार पढ़ने से हर विषय की जानकारी मिलती है। अखबार अपने आप में समग्र रूप से ज्ञान का भंडार है। ध्यान लगाकर अखबार पढ़ने से यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा आसानी से पास की जा सकती है।
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सफलता के ये टिप्स बताए
- तैयारी असरदार होनी चाहिए, घंटे सोचकर पढ़ाई नहीं होनी चाहिए।
- ग्रुप स्टडी करने से भी प्रोत्साहन मिलता है। बजाय समय बर्बाद न करें।
- लक्ष्य हमेशा स्पष्ट होना चाहिए। जब तक उसे पा न लें, मेहनत करते रहें।
- कभी भी आत्मविश्वास की कमी न होने दें। डगमगाने पर खुद को मजबूत रखें।
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अमर उजाला ब्यूरो
झांसी। संघ लोक सेवा आयोग की प्रशासनिक सेवा परीक्षा में 12वीं रैंक पाकर झांसी के होनहार अनिकेत शांडिल्य ने आसमान छू लिया। उनको चार बार असफलता मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। असफलता से सीख लेते हुए खुद को मजबूत किया और मुकाम हासिल किया।
महानगर के महेंद्रपुरी कॉलोनी निवासी अनिकेत शांडिल्य ने 2018 में सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की थी। शुरुआती चार प्रयासों में वह परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। हालांकि, दो बार प्रारंभिक परीक्षा पास कर ली। अनिकेत ने बताया कि लगातार असफल होने से उम्मीद जरूरी टूटती थी, लेकिन हर बार उन्होंने खुद को अगली परीक्षा देने के लिए प्रोत्साहित किया। अनिकेत शुरु से ही पढ़ाई में अच्छे रहे हैं। सीकेसी एकेडमी से उन्होंने 10वीं की परीक्षा 93 फीसदी अंकों से पास की। इसके बाद 12वीं में उनके 80 प्रतिशत अंक आए। फिर नोएडा से मेकेनिकल इंजीनियरिंग ब्रांच से बीटेक किया।
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अनिकेत बताते हैं कि उनकी आईबी में नौकरी लग गई थी। कई अन्य कंपनियों में भी वह नौकरी पाने में सफल हो गए। मगर आईएएस बनने के जज्बे के चलते उन्होंने नौकरी नहीं की। दिल्ली जाकर यूपीएससी की तैयारी करने लगे। अनिकेत बताते हैं कि उन्होंने कभी कोचिंग नहीं की। दोस्तों के साथ ग्रुप स्टडी करते थे। उन्होंने कहा कि सपने पूरे करने के लिए जोखिम तो उठाना पड़ता है। जो कमियां रह गईं, उन्हें दूर करके अगली परीक्षा दी। यही उनकी सफलता का कारण बना।
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माता-पिता दोनों हैं शिक्षक
अनिकेत के पिता आलोक शांडिल्य मूल रूप से जालौन के कोटरा निवासी हैं और वो जीआईसी झांसी में उप प्रधानाचार्य हैं। जबकि, मां अर्चना शांडिल्य बेहटा के प्राथमिक विद्यालय में हेड मास्टर हैं। माता-पिता दोनों के शिक्षक होने से अनिकेत को शुरू से ही घर में पढ़ाई का माहौल मिला। उनके दादा राधारमण शांडिल्य वरिष्ठ साहित्यकार थे।
रोज आधा घंटा अखबार पढ़ता था
अनिकेत ने बताया कि वह रोजाना आधा घंटे अखबार पढ़ते थे। अखबार से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। अगर कोई एक साल तक लगातार अखबार ही पढ़ ले तो करंट अफेयर्स की काफी जानकारी हो जाती है। अखबार पढ़ने से हर विषय की जानकारी मिलती है। अखबार अपने आप में समग्र रूप से ज्ञान का भंडार है। ध्यान लगाकर अखबार पढ़ने से यूपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा आसानी से पास की जा सकती है।
सफलता के ये टिप्स बताए
- तैयारी असरदार होनी चाहिए, घंटे सोचकर पढ़ाई नहीं होनी चाहिए।
- ग्रुप स्टडी करने से भी प्रोत्साहन मिलता है। बजाय समय बर्बाद न करें।
- लक्ष्य हमेशा स्पष्ट होना चाहिए। जब तक उसे पा न लें, मेहनत करते रहें।
- कभी भी आत्मविश्वास की कमी न होने दें। डगमगाने पर खुद को मजबूत रखें।