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नगरा हाट के मैदान का होगा जीर्णोद्धार
ब्यूरो
Updated Sun, 18 Oct 2015 01:53 AM IST
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झांसी। नगरा हाट का मैदान के जीर्णोद्धार को लेकर स्वयं सेवी संगठनों की मुहिम रंग लाने लगी है। रेल प्रशासन जल्द ही हाट के मैदान का विकास कार्य शुरू करेगा। रेलवे यह सभी कार्य ठेके से होने वाली आमदनी से पूरे कराएगी।
नगरा की आबादी वाले क्षेत्र से सटा हुआ मैदान रेलवे भूमि में आता है। इस भूमि को रेल प्रशासन ने ठेके पर दे रखा है। इस मैदान में लगने वाली दुकानों से ठेकेदार तह बाजारी लेता है। रेलवे के लिए यह मैदान आय का स्रोत होने के बाद भी यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है। मैदान की जमीन ऊपर-नीची होने के कारण जगह-जगह गंदगी व पशु-पक्षियों के अवशेष फैले रहते हैं। मैदान के आसपास मौजूद नाले भी कचरे से पटे हैं।
इससे यहां के नागरिकों का रहना दूभर हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए स्वयं सेवी संगठनों ने मुहिम छेड़ रखी है। बृहस्पतिवार को अधिवक्ता परिषद की मांग पर डीआरएम एसके अग्रवाल व सदर विधायक रवि शर्मा ने स्वयं निरीक्षण किया था।
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मंडल रेल प्रबंधक ने यहां की समस्या को गंभीरता लेते हुए नगरा हाट केे मैदान के जीर्णोद्धार का फैसला किया है। हाट से निकलने वाले कूड़े को डंपिंग यार्ड में डाला जाएगा। अलग-अलग जगह कूड़ा डालने के लिए पक्के डस्टबिन बनाए जाएंगे। दुकानों की मार्किंग कर पाथ-वे बनाया जाएगा। मैदान को समतल आदि कराया जाएगा। इस संबंध में डीआरएम ने बताया कि यह सभी कार्य रेलवे ठेके से होने वाली आमदनी से पूरे कराए जाएंगे। यह सभी काम एक-एक कर होेंगे। इस कारण दो-तीन साल का समय लग सकता है।
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नगरा की आबादी वाले क्षेत्र से सटा हुआ मैदान रेलवे भूमि में आता है। इस भूमि को रेल प्रशासन ने ठेके पर दे रखा है। इस मैदान में लगने वाली दुकानों से ठेकेदार तह बाजारी लेता है। रेलवे के लिए यह मैदान आय का स्रोत होने के बाद भी यहां अव्यवस्थाओं की भरमार है। मैदान की जमीन ऊपर-नीची होने के कारण जगह-जगह गंदगी व पशु-पक्षियों के अवशेष फैले रहते हैं। मैदान के आसपास मौजूद नाले भी कचरे से पटे हैं।
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इससे यहां के नागरिकों का रहना दूभर हो गया है। इस समस्या से निपटने के लिए स्वयं सेवी संगठनों ने मुहिम छेड़ रखी है। बृहस्पतिवार को अधिवक्ता परिषद की मांग पर डीआरएम एसके अग्रवाल व सदर विधायक रवि शर्मा ने स्वयं निरीक्षण किया था।
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मंडल रेल प्रबंधक ने यहां की समस्या को गंभीरता लेते हुए नगरा हाट केे मैदान के जीर्णोद्धार का फैसला किया है। हाट से निकलने वाले कूड़े को डंपिंग यार्ड में डाला जाएगा। अलग-अलग जगह कूड़ा डालने के लिए पक्के डस्टबिन बनाए जाएंगे। दुकानों की मार्किंग कर पाथ-वे बनाया जाएगा। मैदान को समतल आदि कराया जाएगा। इस संबंध में डीआरएम ने बताया कि यह सभी कार्य रेलवे ठेके से होने वाली आमदनी से पूरे कराए जाएंगे। यह सभी काम एक-एक कर होेंगे। इस कारण दो-तीन साल का समय लग सकता है।