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परिसीमन की आपत्तियां निपटाईं, रिपोर्ट शासन को
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 29 Apr 2017 01:21 AM IST
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nagar nigam
- फोटो : demo
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नगर निगम में वार्डों के परिसीमन को लेकर आईं आपत्तियों पर विचार विमर्श के बाद उनका 60 से 70 फीसदी तक निस्तारण कर दिया गया और अंतिम सूची शासन को भेज दी गई। अब शासन इसका गजट प्रकाशित करेगा।
वार्डों का परिसीमन 2011 की जनसंख्या के आधार पर किया गया है। इतना ही नहीं वार्डों में आबादी का मानक भी निर्धारित किया गया है। इस कारण लगभग सभी साठ वार्डों में कई मुहल्ले इधर से उधर हो गए हैं। मुहल्लों के समायोजन पर आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें दो दर्जन आपत्तियां आईं थीं, लेकिन जब आपत्तियों पर सुनवाई की तिथि घोषित हुई तो एक दर्जन लोग ही आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे थे। सुनवाई के बाद वार्डों में शामिल किए गए मुहल्लों का फिर से सीमांकन चेक किया गया। खास बात यह रही कि राजगढ़, कोछाभांवर, भट्टा गांव, बाहर ओरछा गेट, दतिया गेट, नंदनपुरा, टौरिया नरसिंहराव क्षेत्र के निवासी ही आपत्तियां दर्ज कराने आए थे। आपत्तियों की सुनवाई के बाद आपत्तिकर्ता के तर्क पर सहमति जताते हुए नगर निगम के अफसरों ने देर रात तक करीब 70 प्रतिशत तक आपत्तियाें को स्वीकार किया। परिसीमन की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब वार्डों का गजट प्रकाशित होगा और उन्हें फाइनल मान लिया जाएगा।
सुबह पांच बजे तक हुआ मंथन
आपत्तियों को फाइनल करने का काम शाम छह बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक चला। दरअसल, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल का तबादला हो गया था। उनके पास जिलाधिकारी का भी प्रभार था। वह अमरोहा में जिलाधिकारी पद पर ज्वाइन करने के लिए जाना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें परिसीमन फाइनल करने की समस्या बताई गई। इस पर रुक गए और रात भर काम करके फाइनल किया गया।
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कोछाभांवर को भगवंतपुरा से जोड़ा
पार्षद उदयभान सिंह अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड कोछाभांवर को शहर के दूसरे (मऊरानीपुर) मार्ग पर स्थित भगवंतपुरा वार्ड में जोड़ दिया गया। यहां तक कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को भी उसी वार्ड में जोड़ दिया गया। यह गलत है। यदि इसे संशोधित नहीं किया गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
सूची शासन को भेजी
वार्डों के परिसीमन की आपत्तियाें में जो तर्कसंगत थीं, उन्हें 60 से 70 प्रतिशत तक निस्तारित कर दिया गया है। वार्डों की सूची फाइनल कर शासन को भेज दी गई है।
- रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त
जनगणना के लिए अब होगा डोर-टू-डोर सर्वे
- प्रगणकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
वार्डों के परिसीमन के बाद अब जनगणना की सही तस्वीर जानने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे होगा। बूथ लेबल आफीसर और प्रगणक इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे।
अधिकतम जनसंख्या 9,692 और न्यूनतम 7,164 के मानक को ध्यान में रखकर वार्डों का परिसीमन किया गया है। किसी - किसी वार्ड में भौगोलिक स्थिति के अनुसार अधिकतम 15 प्रतिशत आबादी कम अथवा ज्यादा की गई है। परिसीमन होने के बाद में किस वार्ड में कितनी आबादी है, अब इसका डोर टू डोर सर्वे कराया जाएगा। इस कार्य में जनगणना कार्मिक (प्रगणक) को लगाया जाएगा। ये सर्वे करके देखेंगे कि जो नए वार्ड बनाए गए हैं अथवा जो मुहल्ले काटे गए हैं, उनकी आबादी वास्तव में कितनी हो गई है। अभी तो सिर्फ नक्शे के आधार पर मुहल्लों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जोड़ दिया गया है। सर्वे के बाद बूथ लेबल आफीसर वोटर सूची फाइनल करेंगे।
आपत्ति से खुली आंखें
टौरिया नरसिंहराव की आबादी पहले से ही 8,252 थी। ऐसे में परिसीमन के लिए तय मानक पर वार्ड सही था। लेकिन, नए परिसीमन में मुहल्ला दरीगरान को इस वार्ड में जोड़ दिया गया और गणेश बाजार को हटा दिया गया। इस पर आपत्ति आई तो इसका अध्ययन किया गया। तब पता चला कि आबादी को ध्यान में ही नहीं रखा गया है। इसलिए तय किया गया है कि अब सभी वार्डों में आबादी की हकीकत जानी जाएगी।
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वार्डों का परिसीमन 2011 की जनसंख्या के आधार पर किया गया है। इतना ही नहीं वार्डों में आबादी का मानक भी निर्धारित किया गया है। इस कारण लगभग सभी साठ वार्डों में कई मुहल्ले इधर से उधर हो गए हैं। मुहल्लों के समायोजन पर आपत्तियां मांगी गई थीं। इसमें दो दर्जन आपत्तियां आईं थीं, लेकिन जब आपत्तियों पर सुनवाई की तिथि घोषित हुई तो एक दर्जन लोग ही आपत्ति दर्ज कराने पहुंचे थे। सुनवाई के बाद वार्डों में शामिल किए गए मुहल्लों का फिर से सीमांकन चेक किया गया। खास बात यह रही कि राजगढ़, कोछाभांवर, भट्टा गांव, बाहर ओरछा गेट, दतिया गेट, नंदनपुरा, टौरिया नरसिंहराव क्षेत्र के निवासी ही आपत्तियां दर्ज कराने आए थे। आपत्तियों की सुनवाई के बाद आपत्तिकर्ता के तर्क पर सहमति जताते हुए नगर निगम के अफसरों ने देर रात तक करीब 70 प्रतिशत तक आपत्तियाें को स्वीकार किया। परिसीमन की रिपोर्ट शासन को भेज दी है। अब वार्डों का गजट प्रकाशित होगा और उन्हें फाइनल मान लिया जाएगा।
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सुबह पांच बजे तक हुआ मंथन
आपत्तियों को फाइनल करने का काम शाम छह बजे से लेकर सुबह पांच बजे तक चला। दरअसल, मुख्य विकास अधिकारी नवनीत सिंह चहल का तबादला हो गया था। उनके पास जिलाधिकारी का भी प्रभार था। वह अमरोहा में जिलाधिकारी पद पर ज्वाइन करने के लिए जाना चाह रहे थे, लेकिन उन्हें परिसीमन फाइनल करने की समस्या बताई गई। इस पर रुक गए और रात भर काम करके फाइनल किया गया।
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कोछाभांवर को भगवंतपुरा से जोड़ा
पार्षद उदयभान सिंह अहिरवार ने आरोप लगाया कि उनके वार्ड कोछाभांवर को शहर के दूसरे (मऊरानीपुर) मार्ग पर स्थित भगवंतपुरा वार्ड में जोड़ दिया गया। यहां तक कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय को भी उसी वार्ड में जोड़ दिया गया। यह गलत है। यदि इसे संशोधित नहीं किया गया तो वह अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।
सूची शासन को भेजी
वार्डों के परिसीमन की आपत्तियाें में जो तर्कसंगत थीं, उन्हें 60 से 70 प्रतिशत तक निस्तारित कर दिया गया है। वार्डों की सूची फाइनल कर शासन को भेज दी गई है।
- रोहन सिंह, अपर नगर आयुक्त
जनगणना के लिए अब होगा डोर-टू-डोर सर्वे
- प्रगणकों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी
अमर उजाला ब्यूरो
झांसी।
वार्डों के परिसीमन के बाद अब जनगणना की सही तस्वीर जानने के लिए डोर-टू-डोर सर्वे होगा। बूथ लेबल आफीसर और प्रगणक इसकी जिम्मेदारी संभालेंगे।
अधिकतम जनसंख्या 9,692 और न्यूनतम 7,164 के मानक को ध्यान में रखकर वार्डों का परिसीमन किया गया है। किसी - किसी वार्ड में भौगोलिक स्थिति के अनुसार अधिकतम 15 प्रतिशत आबादी कम अथवा ज्यादा की गई है। परिसीमन होने के बाद में किस वार्ड में कितनी आबादी है, अब इसका डोर टू डोर सर्वे कराया जाएगा। इस कार्य में जनगणना कार्मिक (प्रगणक) को लगाया जाएगा। ये सर्वे करके देखेंगे कि जो नए वार्ड बनाए गए हैं अथवा जो मुहल्ले काटे गए हैं, उनकी आबादी वास्तव में कितनी हो गई है। अभी तो सिर्फ नक्शे के आधार पर मुहल्लों को एक वार्ड से दूसरे वार्ड में जोड़ दिया गया है। सर्वे के बाद बूथ लेबल आफीसर वोटर सूची फाइनल करेंगे।
आपत्ति से खुली आंखें
टौरिया नरसिंहराव की आबादी पहले से ही 8,252 थी। ऐसे में परिसीमन के लिए तय मानक पर वार्ड सही था। लेकिन, नए परिसीमन में मुहल्ला दरीगरान को इस वार्ड में जोड़ दिया गया और गणेश बाजार को हटा दिया गया। इस पर आपत्ति आई तो इसका अध्ययन किया गया। तब पता चला कि आबादी को ध्यान में ही नहीं रखा गया है। इसलिए तय किया गया है कि अब सभी वार्डों में आबादी की हकीकत जानी जाएगी।