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बसपा से मुकाबले को दलित सांसदों की टीम उतारेगी भाजपा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 07 Aug 2016 12:56 AM IST
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bjp metting, jhansi news
- फोटो : amar ujala, jhansi news
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झांसी। आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर भारतीय जनता पार्टी ने बहुजन समाज पार्टी के वोट बैंक में सेंध लगाने की पूरी तैयार कर ली है। इसके लिए तय की गई रणनीति के तहत भाजपा उत्तर प्रदेश के अपने सभी दलित सांसदों को मैदान में उतारेगी। इन सांसदों को विभिन्न लोकसभा क्षेत्रों में प्रवास कर लोगों से संवाद स्थापित करना होगा। खासतौर पर दलित मतदाताओं में यह अपनी पैठ बनाएंगे।
चौदह साल से भाजपा प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर है। लेकिन, इस बार पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी समर में उतरने की तैयारी में है। इसके लिए हर वह हथकंडा अपनाया जा रहा है, जो उसे प्रदेश की सत्ता तक ले जा सकता है। खासतौर पर दलित मतदाताओं को अपने पाले में लाने की रणनीति तय की गई, जिसके तहत पार्टी प्रदेश के अपने सभी दलित सांसदों को मैदान में उतारने जा रही है। उन्हें अपने लोकसभा क्षेत्रों को छोड़कर दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में दस-दस दिन प्रवास करना होगा।
इस दौरान यह सांसद प्रदेश के 318 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे तथा वह वहां लोगों से सीधे संपर्क स्थापित करेंगे। खासतौर पर सांसदों पर दलित वर्ग के लोगों से संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी। वह दलित मतदाताओं के बीच जाकर केंद्र सरकार द्वारा उनके हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देंगे। भाजपा इस रणनीति को बसपा की काट व दलित वोटों में अपनी पैठ बढ़ाने का बड़ा हथियार मानकर चल रही है। शनिवार को भाजपा की प्रदेशीय कार्यसमिति की बैठक में इस रणनीति पर विशेष चर्चा हुई।
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बूथ स्तर पर होगा बीजेपी का मैनेजमेंट
इस बार विधानसभा चुनाव में प्रदेश में बूथों की संख्या बढ़कर एक लाख सैंतालिस हजार पर पहुंच गई है। भाजपा ने बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने को नये सिरे से रणनीति तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक दस बूथों पर एक सेक्टर बनाया जाएगा। सेक्टर के पास बूथों का पूरा ब्योरा रहेगा। प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में नेताओं को बूथ स्तर का होमवर्क करने तथा उसका सत्यापन करने को कहा गया है। समय - समय पर बूथ व सेक्टरों की बैठक आयोजित की जाएंगी, जिसमें उन्हें चुनाव संबंधी दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।
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चौदह साल से भाजपा प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर है। लेकिन, इस बार पार्टी पूरी ताकत के साथ चुनावी समर में उतरने की तैयारी में है। इसके लिए हर वह हथकंडा अपनाया जा रहा है, जो उसे प्रदेश की सत्ता तक ले जा सकता है। खासतौर पर दलित मतदाताओं को अपने पाले में लाने की रणनीति तय की गई, जिसके तहत पार्टी प्रदेश के अपने सभी दलित सांसदों को मैदान में उतारने जा रही है। उन्हें अपने लोकसभा क्षेत्रों को छोड़कर दूसरे लोकसभा क्षेत्रों में दस-दस दिन प्रवास करना होगा।
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इस दौरान यह सांसद प्रदेश के 318 विधानसभा क्षेत्रों में जाएंगे तथा वह वहां लोगों से सीधे संपर्क स्थापित करेंगे। खासतौर पर सांसदों पर दलित वर्ग के लोगों से संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी होगी। वह दलित मतदाताओं के बीच जाकर केंद्र सरकार द्वारा उनके हित में किए जा रहे कार्यों की जानकारी देंगे। भाजपा इस रणनीति को बसपा की काट व दलित वोटों में अपनी पैठ बढ़ाने का बड़ा हथियार मानकर चल रही है। शनिवार को भाजपा की प्रदेशीय कार्यसमिति की बैठक में इस रणनीति पर विशेष चर्चा हुई।
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बूथ स्तर पर होगा बीजेपी का मैनेजमेंट
इस बार विधानसभा चुनाव में प्रदेश में बूथों की संख्या बढ़कर एक लाख सैंतालिस हजार पर पहुंच गई है। भाजपा ने बूथ स्तर पर अपनी पकड़ मजबूत करने को नये सिरे से रणनीति तैयार की है। इसके तहत प्रत्येक दस बूथों पर एक सेक्टर बनाया जाएगा। सेक्टर के पास बूथों का पूरा ब्योरा रहेगा। प्रांतीय कार्यसमिति की बैठक में नेताओं को बूथ स्तर का होमवर्क करने तथा उसका सत्यापन करने को कहा गया है। समय - समय पर बूथ व सेक्टरों की बैठक आयोजित की जाएंगी, जिसमें उन्हें चुनाव संबंधी दिशा निर्देश जारी किए जाएंगे।