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Jhansi News: फर्जी लीगल नोटिस के सहारे साइबर जालसाज लगा रहे चपत

Sun, 13 Jul 2025 01:22 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 13 Jul 2025 01:22 AM IST
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Cyber fraudsters are cheating people with the help of fake legal notices
अमर उजाला ब्यूरो
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झांसी। साइबर ठग जालसाजी के लिए नए-नए तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन दिनों फर्जी लीगल नोटिस साइबर जालसाजों का नया हथियार बन गया है। इसके शिकार लोगों ने बताया कि कुछ दिनों तक उनको मोबाइल में कोर्ट की ओर से नोटिस भेजे जाने का नोटिस संबंधी मैसेज आता है। उसका स्टेटस जानने के लिए लिंक दिया जाता है। उसमें क्लिक करने के कुछ समय बाद एरर आने लगता है लेकिन बैंक खाते से पैसे निकल जाते हैं।
साइबर विशेषज्ञ डा. राजीव त्रिपाठी का कहना है कि आम लोगों में कोर्ट का एक डर होता है। कोर्ट से नोटिस जानने की उत्सुकता में भी लोग इसे क्लिक कर देते हैं। शातिर जालसाज इस लिंक के सहारे गुपचुप तरीके से एपीके (एंड्रॉइड पैकेज किट) फाइल डाउनलोड करा देते हैं। इसके जरिए फोन का नियंत्रण करने के साथ ही उससे डाटा भी आसानी से चोरी कर लेते हैं। शातिर जालसाज कुछ समय बाद उस फोन से चलने वाले बैंक खातों तक अपनी पहुंच बना लेते हैं और पूरा खाता खंगाल डालते हैं। बैंक से पैसे निकलने के बाद भी लोगों का शक इस ओर नहीं जाता। वहीं, एसपी सिटी ज्ञानेंद्र सिंह का कहना है कि साइबर जालसाजी से बचने के लिए सतर्कता सबसे अहम होती है। कोशिश यह करनी चाहिए कि बैंक खातों के लिए संचालन के लिए अलग फोन नंबर के साथ ही अलग हैंडसेट भी रखना चाहिए।
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केस एक
सदर बाजार निवासी अनामिका जैन का कहना है कि मई में उनके पास जबलपुर कोर्ट से नोटिस का मैसेज आया। उनकी बहन जबलपुर में रहती है। उत्सुकता में उन्होंने लिंक को क्लिक करके इसके बारे में जानने की कोशिश की। कुछ दिनों बाद उनके खाते से 43 हजार रुपये निकाल लिए गए।
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केस दो
तिलयानी बाजार निवासी सत्येंद्र साहू ने पुलिस को बताया कि उनका पारिवारिक विवाद चल रहा है। जून में उनके मोबाइल पर कोर्ट का नोटिस संबंधी एक मैसेज आया। उनको लगा कि उनसे जुड़ा मामला है। उन्होंने क्लिक किया, लेकिन वह एरर बताने लगा। इसके बाद उनके खाते से 37 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने तुरंत साइबर अपराध के हेल्पलाइन नंबर 1930 पर फोन किया।


केस तीन
सीपरी बाजार वशिष्ठ नारायण के मुताबिक, उन्हें पिछले सप्ताह ही मोबाइल पर मैसेज मिला। एक मामले में उन्हें कोर्ट में हाजिर होने के लिए कहा गया था। तारीख जानने के लिए एक लिंक दिया था। उन्होंने उत्सुकता वश लिंक क्लिक किया। कुछ देर बाद खाते से 65 हजार रुपये निकल गए। उन्होंने पुलिस को भी सूचना दी।


साइबर ठगी से बचने के लिए किए जा सकते हैं ये उपाय
साइबर विशेषज्ञ डा. राजीव त्रिपाठी के मुताबिक, जालसाजी से बचने के लिए सावधानी बरतनी जरूरी है।
- बैंक खातों से जुड़े मोबाइल नंबर एवं मोबाइल फोन को सामान्य इस्तेमाल से अलग रखें
- लिंक क्लिक करने से हमेशा बचना चाहिए। इसके जरिए आसानी से एपीके फाइल डाउनलोड करा दी जाती है।
- साइबर ठगी का शिकार होने का पता चलने पर बिना समय गंवाए तुरंत पुलिस को सूचना दी जानी चाहिए
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