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Jhansi News: शिव मंदिरों में उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़, किया जलाभिषेक
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ललितपुर। सावन के पहले सोमवार पर श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का जलाभिषेक कर पूजन-अर्चना की। शहर के सीतापाठ हजारिया महादेव मंदिर, थानेश्वर महादेव सहित अन्य मंदिरों में भारी भीड़ रही। भक्तों ने हर-हर भोले के जयकारों के साथ भगवान शिव का अभिषेक किया। शाम को आरती के बाद प्रसाद वितरण हुआ। पाली में नीलकंठेश्वर महादेव का पूजन करने के लिए सुबह से ही श्रद्धालुओं की कतार लगी रही। ये सिलसिला देर शाम तक चला। श्रद्धालुओं ने मंदिरों में भजन-कीर्तन कर भोलेनाथ के जयकारे लगाए।
श्रद्धालुओं ने बनाए सवा पांच लाख पार्थिव शिवलिंग
ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सावन के प्रथम सोमवार को सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण और श्री रुद्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। पार्थिव शिवलिंग को पूजन और महारुद्राभिषेक प्रधान यजमान हरिशंकर साहू ने किया।
श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की साधना हर बाधाओं को पार कर आगे बढ़ती है। भगवान शंकर की आराधना सर्वथा कल्याणकारी है। इसमें भक्त मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के शिव मंत्र में अपार ऊर्जा व शक्ति होती है। इसलिए जब हम ‘शिव’ कहते हैं, तो हम अपने पाठकों का नमन करते हैं। भगवान शंकर यूं तो आराधना से प्रसन्न होते हैं। परंतु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। वेद मंत्रों के साथ भगवान शंकर को जलधारा अर्पित करना साधक के आध्यात्मिक जीवन के लिए महाऔषधि के सामान है। पांच तत्व में जल तत्व बहुत महत्वपूर्ण है। पुराणों ने शिव के अभिषेक को बहुत पवित्र महत्व बताया गया है। जल में भगवान विष्णु का वास है। जल का एक नाम नार भी है। इसीलिए भगवान विष्णु को नारायण कहते हैं। जल से ही धरती का ताप दूर होता है। जो भक्त, श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं, उनके रोग-शोक, दरिद्रता, दुःख सभी नष्ट हो जाते हैं। भगवान शंकर को महादेव इसीलिए कहा जाता है क्योंकि वह देव, दानव, यक्ष, किन्नर, नाग, मनुष्य, सभी के द्वारा पूजे जाते हैं। इसलिए इन दिनों शिव की उपासना का बहुत महत्व है। इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले, अवध बिहारी उपाध्याय, संदीप तिवारी, अनूप मोदी, अश्विनी पुरोहित, शत्रुघन यादव, राहुल शुक्ला, बाबा हीरानंदगिरी, पूजा कश्यप, राहुल साहू खिरिया, प्रकाश शास्त्री आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भक्तों ने किया भोलेनाथ का अभिषेक
तालबेहट। श्रावण माह के पहले सोमवार को हजारिया महोदव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। क्षेत्र के प्रसिद्ध बारहकोट हजारिया महादेव, भारतगढ़ दुर्ग के अंदर मौजूद भीतर कोट हजारिया मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भक्तों का देर रात तक भक्तों का ताता लगा रहा। इस दौरान भक्तों ने शिवजी का धतूरा, बेलपत्र, दूध आदि से अभिषेक किया। संवाद
हजारिया महादेव का हुआ रुद्राभिषेक
बांसी। कस्बा में श्रावण मास पर हजारिया महादेव मंदिर में श्री गणेश गौरी पूजन के उपरांत हजारिया महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक में जल, दूध, दही, बेल पत्र, काला तिल, घी, शक्कर, गंगा जल, अबीर-गुलाल, जनेऊ, कलावा, फल, फूल माला, प्रसाद चढ़ाकर भगवान भोले नाथ की आरती कर भक्तों ने आशीर्वाद लिया। श्रावण मास महीने के प्रथम सोमवार पर हजारिया महादेव मंदिर में भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। हजारिया महादेव का रुद्राभिषेक आचार्य आशीष गंगेले, अरुण गंगेले ने विधि विधान से कराया। मुख्य यजमान रोनू बुखारिया एवं उनकी पत्नी रही। इस अवसर रवींद्र गुप्ता, भैयालाल पुलैया, विनोद गुप्ता, राजेश गुप्ता, राहुल सुमन, राजेश झा, पुष्पेंद्र सोनी, नरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
आनंदपुर धाम में श्रद्धालुओं का लगा तांता
महरौनी। मध्यप्रदेश के अशोकनगर की तहसील ईसागढ़ के पास आनंदपुर धाम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में गुरु महाराज के दर्शनों के लिए धाम पर पहुंचे। गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु आए। आश्रम की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने, ठहरने, खाने-पीने, इलाज आदि के प्रबंध किए गए। एक सप्ताह तक भर चलने वाला यह महोत्सव हर्षोल्लास के मनाया जा रहा है। संवाद
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श्रद्धालुओं ने बनाए सवा पांच लाख पार्थिव शिवलिंग
ललितपुर। श्री सिद्धपीठ चंडी मंदिर धाम पर सावन के प्रथम सोमवार को सवा पांच करोड़ पार्थिव शिवलिंग निर्माण और श्री रुद्र चंडी महायज्ञ का शुभारंभ हुआ। पार्थिव शिवलिंग को पूजन और महारुद्राभिषेक प्रधान यजमान हरिशंकर साहू ने किया।
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श्रद्धालुओं को कथा सुनाते हुए चंडीपीठाधीश्वराचार्य महामंडलेश्वर स्वामी चंद्रेश्वर गिरि महाराज ने कहा कि भगवान भोलेनाथ की साधना हर बाधाओं को पार कर आगे बढ़ती है। भगवान शंकर की आराधना सर्वथा कल्याणकारी है। इसमें भक्त मनोवांछित फल प्राप्त करते हैं। उन्होंने कहा कि भगवान के शिव मंत्र में अपार ऊर्जा व शक्ति होती है। इसलिए जब हम ‘शिव’ कहते हैं, तो हम अपने पाठकों का नमन करते हैं। भगवान शंकर यूं तो आराधना से प्रसन्न होते हैं। परंतु जलाभिषेक, रुद्राभिषेक का बड़ा महत्व है। वेद मंत्रों के साथ भगवान शंकर को जलधारा अर्पित करना साधक के आध्यात्मिक जीवन के लिए महाऔषधि के सामान है। पांच तत्व में जल तत्व बहुत महत्वपूर्ण है। पुराणों ने शिव के अभिषेक को बहुत पवित्र महत्व बताया गया है। जल में भगवान विष्णु का वास है। जल का एक नाम नार भी है। इसीलिए भगवान विष्णु को नारायण कहते हैं। जल से ही धरती का ताप दूर होता है। जो भक्त, श्रद्धालु भगवान शिव को जल चढ़ाते हैं, उनके रोग-शोक, दरिद्रता, दुःख सभी नष्ट हो जाते हैं। भगवान शंकर को महादेव इसीलिए कहा जाता है क्योंकि वह देव, दानव, यक्ष, किन्नर, नाग, मनुष्य, सभी के द्वारा पूजे जाते हैं। इसलिए इन दिनों शिव की उपासना का बहुत महत्व है। इस दौरान प्रेस क्लब अध्यक्ष राजीव बबेले, अवध बिहारी उपाध्याय, संदीप तिवारी, अनूप मोदी, अश्विनी पुरोहित, शत्रुघन यादव, राहुल शुक्ला, बाबा हीरानंदगिरी, पूजा कश्यप, राहुल साहू खिरिया, प्रकाश शास्त्री आदि श्रद्धालु मौजूद रहे।
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भक्तों ने किया भोलेनाथ का अभिषेक
तालबेहट। श्रावण माह के पहले सोमवार को हजारिया महोदव मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भक्तों की भीड़ रही। सुबह से ही शिवालयों में भक्तों का पहुंचना शुरू हो गया था। क्षेत्र के प्रसिद्ध बारहकोट हजारिया महादेव, भारतगढ़ दुर्ग के अंदर मौजूद भीतर कोट हजारिया मंदिर सहित अन्य शिवालयों में भक्तों का देर रात तक भक्तों का ताता लगा रहा। इस दौरान भक्तों ने शिवजी का धतूरा, बेलपत्र, दूध आदि से अभिषेक किया। संवाद
हजारिया महादेव का हुआ रुद्राभिषेक
बांसी। कस्बा में श्रावण मास पर हजारिया महादेव मंदिर में श्री गणेश गौरी पूजन के उपरांत हजारिया महादेव का रुद्राभिषेक किया गया। रुद्राभिषेक में जल, दूध, दही, बेल पत्र, काला तिल, घी, शक्कर, गंगा जल, अबीर-गुलाल, जनेऊ, कलावा, फल, फूल माला, प्रसाद चढ़ाकर भगवान भोले नाथ की आरती कर भक्तों ने आशीर्वाद लिया। श्रावण मास महीने के प्रथम सोमवार पर हजारिया महादेव मंदिर में भगवान भोले नाथ का जलाभिषेक करने के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। हजारिया महादेव का रुद्राभिषेक आचार्य आशीष गंगेले, अरुण गंगेले ने विधि विधान से कराया। मुख्य यजमान रोनू बुखारिया एवं उनकी पत्नी रही। इस अवसर रवींद्र गुप्ता, भैयालाल पुलैया, विनोद गुप्ता, राजेश गुप्ता, राहुल सुमन, राजेश झा, पुष्पेंद्र सोनी, नरेश गुप्ता आदि मौजूद रहे। संवाद
आनंदपुर धाम में श्रद्धालुओं का लगा तांता
महरौनी। मध्यप्रदेश के अशोकनगर की तहसील ईसागढ़ के पास आनंदपुर धाम पर श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा। श्रद्धालु बड़ी संख्या में गुरु महाराज के दर्शनों के लिए धाम पर पहुंचे। गुरु पूर्णिमा पर आश्रम में सत्संग का आयोजन हुआ। इसमें भारी संख्या में श्रद्धालु आए। आश्रम की तरफ से श्रद्धालुओं के लिए आने-जाने, ठहरने, खाने-पीने, इलाज आदि के प्रबंध किए गए। एक सप्ताह तक भर चलने वाला यह महोत्सव हर्षोल्लास के मनाया जा रहा है। संवाद