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दुष्कर्मी को 10 साल का सश्रम कारावास
ब्यूरो
Updated Wed, 25 Nov 2015 12:49 AM IST
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झांसी। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश /फास्ट ट्रैक कोर्ट सुरेश चंद्र की अदालत ने बालिका के साथ दुष्कर्म के मामले में आरोपी को 10 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उल्दन क्षेत्र में स्थित एक होटल के मालिक की नौ वर्षीय नातिन गांव के ही विद्यालय में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। 18 नवंबर 2011 को बालिका रोज की तरह सुबह पौने दस बजे घर से विद्यालय गई थी। दोपहर बारह बजे गांव का एक व्यक्ति उसे लहूलुहान अवस्था में गोद में लेकर घर आया।
बालिका ने परिजनों को बताया कि उसके साथ होटल के नौकर ग्राम रतौंसा निवासी जगदीश अहिरवार ने लखेरी नदी के पास बुरा काम किया है। परिजन बालिका को तत्काल मऊरानीपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से मेडिकल कालेज के रेफर कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ उल्दन थाने में धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त जगदीश अहिरवार को दस साल के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में ही है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जाहिद मंसूरी ने की।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना उल्दन क्षेत्र में स्थित एक होटल के मालिक की नौ वर्षीय नातिन गांव के ही विद्यालय में कक्षा पांचवीं की छात्रा थी। 18 नवंबर 2011 को बालिका रोज की तरह सुबह पौने दस बजे घर से विद्यालय गई थी। दोपहर बारह बजे गांव का एक व्यक्ति उसे लहूलुहान अवस्था में गोद में लेकर घर आया।
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बालिका ने परिजनों को बताया कि उसके साथ होटल के नौकर ग्राम रतौंसा निवासी जगदीश अहिरवार ने लखेरी नदी के पास बुरा काम किया है। परिजन बालिका को तत्काल मऊरानीपुर अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां से मेडिकल कालेज के रेफर कर दिया गया था। आरोपी के खिलाफ उल्दन थाने में धारा 376 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
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अदालत ने पूरे मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त जगदीश अहिरवार को दस साल के सश्रम कारावास व पांच हजार रुपये अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड अदा न करने पर अभियुक्त को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। घटना के बाद से अभियुक्त जेल में ही है। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता जाहिद मंसूरी ने की।