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जेल में एलर्ट, कर्मचारियों की छुट्टियां निरस्त
amarujala
Updated Thu, 12 Jul 2018 12:57 AM IST
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jail, jhansi news
- फोटो : demo
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झांसी से तारीख के लिए गए माफिया मुन्ना बजरंगी की बागपत जेल में हत्या के बाद जिला जेल में एलर्ट कर दिया है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक समेत अन्य अफसरों और कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं। जो कर्मचारी छुट्टी पर गए हैं, उन्हें तत्काल ड्यूटी पर आने के निर्देश दिए गए हैं। सोमवार को बागपत में हुई घटना के बाद से ही जेल में बंद कुख्यात अपराधियों के बैरकों के बाहर नजर रखी जा रही है। लगातार जांच हो रही है, लेकिन अभी तक कुछ भी संदिग्ध मिलने की सूचना नहीं आई है।
जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है। जेल के अंदर और बाहरी परिसर में पर्याप्त रोशनी के साथ पेट्रोलिंग की जा रही है। जेल में बंद कुख्यात कैदियों की बैरकों के बाहर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। पेशी पर जाने वाले कैदियों को भी अतिरिक्त सुरक्षा के बीच अदालत भेजा जा रहा है। जेल के मुख्य गेट पर भी सिपाहियों की संख्या बढ़ा दी गई है। मुलाकातियों पर खास नजर रखी जा रही है। जेल के अंदर जाने वाले सामान को भी जांचा जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक जिला कारागार के अंदर की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। प्रतिदिन के फुटेज को संभाल कर रख जा रहा है, ताकि आवश्यकता पर प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। जेल में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए, इसके लिए जेल प्रशासन की तरफ से एक गोपनीय टीम भी बनाई गई है, जो बाहर की गतिविधियों पर ही नजर रख रही है। मुलाकातियों से लेकर अन्य लोगों की बातचीत से लेकर जेल के बाहर की पूरी व्यवस्थाओें पर नजर बनाए हुए है।
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क्षमता 416 की, बंदी हैं एक हजार से अधिक
जेल में 15 पुरुष व एक महिला बैरक है, जिनमें 416 बंदियों को रखने की व्यवस्था है। लेकिन, वर्तमान में यहां 1148 बंदी हैं, इनमें 52 महिला कैदी हैं। आमतौर पर जेल में निरुद्ध बंदियों का आंकड़ा एक हजार के इर्दगिर्द ही रहता है। निर्धारित से दोगुने से अधिक बंदियों की वजह से यहां उपलब्ध व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। वर्तमान में जेल में 55 बंदी रक्षक, 10 महिला बंदी रक्षक, 17 रिजर्व वार्डन (आर्म्ड फोर्स) के पद हैं। यह सभी पद जेल में 416 बंदियों के हिसाब से सृजित हैं। लेकिन, बंदियों की संख्या बढ़ने की वजह से सृजित पद कमतर साबित होने लगे हैं। यहां छह महिला बंदी रक्षकों का टोटा है। रिजर्व वार्डन भी सात कम हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से तैनात कर्मचारियों पर काम का भार अधिक है। इसकी वजह से तैनात कर्मियों को छुट्टियां भी आसानी से नहीं मिल पाती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त
जेल में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। सभी बंदी रक्षकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बंदियों से मिलने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
राजीव शुक्ला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक - जिला कारागार
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जिला कारागार में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सर्च ऑपरेशन किया जा रहा है। जेल के अंदर और बाहरी परिसर में पर्याप्त रोशनी के साथ पेट्रोलिंग की जा रही है। जेल में बंद कुख्यात कैदियों की बैरकों के बाहर सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ा दी गई है। पेशी पर जाने वाले कैदियों को भी अतिरिक्त सुरक्षा के बीच अदालत भेजा जा रहा है। जेल के मुख्य गेट पर भी सिपाहियों की संख्या बढ़ा दी गई है। मुलाकातियों पर खास नजर रखी जा रही है। जेल के अंदर जाने वाले सामान को भी जांचा जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक जिला कारागार के अंदर की गतिविधियों पर सीसीटीवी कैमरे से नजर रखी जा रही है। प्रतिदिन के फुटेज को संभाल कर रख जा रहा है, ताकि आवश्यकता पर प्रमाण के तौर पर इस्तेमाल किया जा सके। जेल में किसी तरह की लापरवाही न बरती जाए, इसके लिए जेल प्रशासन की तरफ से एक गोपनीय टीम भी बनाई गई है, जो बाहर की गतिविधियों पर ही नजर रख रही है। मुलाकातियों से लेकर अन्य लोगों की बातचीत से लेकर जेल के बाहर की पूरी व्यवस्थाओें पर नजर बनाए हुए है।
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क्षमता 416 की, बंदी हैं एक हजार से अधिक
जेल में 15 पुरुष व एक महिला बैरक है, जिनमें 416 बंदियों को रखने की व्यवस्था है। लेकिन, वर्तमान में यहां 1148 बंदी हैं, इनमें 52 महिला कैदी हैं। आमतौर पर जेल में निरुद्ध बंदियों का आंकड़ा एक हजार के इर्दगिर्द ही रहता है। निर्धारित से दोगुने से अधिक बंदियों की वजह से यहां उपलब्ध व्यवस्थाएं चरमराने लगी हैं। वर्तमान में जेल में 55 बंदी रक्षक, 10 महिला बंदी रक्षक, 17 रिजर्व वार्डन (आर्म्ड फोर्स) के पद हैं। यह सभी पद जेल में 416 बंदियों के हिसाब से सृजित हैं। लेकिन, बंदियों की संख्या बढ़ने की वजह से सृजित पद कमतर साबित होने लगे हैं। यहां छह महिला बंदी रक्षकों का टोटा है। रिजर्व वार्डन भी सात कम हैं। कर्मचारियों की कमी की वजह से तैनात कर्मचारियों पर काम का भार अधिक है। इसकी वजह से तैनात कर्मियों को छुट्टियां भी आसानी से नहीं मिल पाती हैं।
सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त
जेल में सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह दुरुस्त है। सभी बंदी रक्षकों को अलर्ट रहने के निर्देश दिए गए हैं। बंदियों से मिलने वालों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पूरी रात सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
राजीव शुक्ला
वरिष्ठ जेल अधीक्षक - जिला कारागार