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पूरी नहीं कर सका पत्नी की अंतिम इच्छा
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 07 Apr 2016 01:21 AM IST
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train jhansi hindi news
- फोटो : demopic
झांसी। एक पति अपनी बीवी को अपने घर ले जाने की अंतिम इच्छा पूरा नहीं कर सका। आंध्र प्रदेश से कानपुर जाते समय झांसी स्टेशन पर पत्नी ने आधे रास्ते में ही दम तोड़ दिया। जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
कन्नौज के कचपुरवा निवासी रिंकू आंध्र प्रदेश के रामागुंडम शहर में आइसक्रीम बेचने का काम करता है। उसकी पत्नी रामा लंबे समय से बीमार चल रही थी। उसने पति से घर चलने की इच्छा जताई। पति के पास उपचार के लिए रुपये नहीं थे, इस कारण वह पत्नी को घर ले जाने के लिए तैयार हो गया। मंगलवार को वह पत्नी व दो बच्चों के साथ केरला एक्सप्रेस में रामागुंडम स्टेशन से सवार हुआ। उसने कानपुर तक का टिकट ले रखा था। झांसी में उसे ट्रेन बदलकर कानपुर जाना था। बुधवार की सुबह ट्रेन के झांसी आने पर उसने अपनी बेसुध पत्नी को कोच से प्लेटफार्म पर उतारा। सूचना पर पहुंचे रेलवे चिकित्सक ने महिला को परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। बाद में जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
शव मिलने तक पल-पल हुआ भारी
यात्री के लिए पत्नी का शव ट्रेन से ले जाना संभव नहीं था। चूंकि, जीआरपी ने पंचनामा भर दिया था, इस कारण पोस्टमार्टम होना तय था। पोस्टमार्टम होते-होते सुबह से शाम हो गई। इस दौरान यात्री अपने अबोध बच्चों सुमित व मुस्कान के साथ इधर-उधर भटकता रहा। रोते बच्चों को चुप कराते हुए पल-पल गुजारना उसे भारी लग रहा था।
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कन्नौज के कचपुरवा निवासी रिंकू आंध्र प्रदेश के रामागुंडम शहर में आइसक्रीम बेचने का काम करता है। उसकी पत्नी रामा लंबे समय से बीमार चल रही थी। उसने पति से घर चलने की इच्छा जताई। पति के पास उपचार के लिए रुपये नहीं थे, इस कारण वह पत्नी को घर ले जाने के लिए तैयार हो गया। मंगलवार को वह पत्नी व दो बच्चों के साथ केरला एक्सप्रेस में रामागुंडम स्टेशन से सवार हुआ। उसने कानपुर तक का टिकट ले रखा था। झांसी में उसे ट्रेन बदलकर कानपुर जाना था। बुधवार की सुबह ट्रेन के झांसी आने पर उसने अपनी बेसुध पत्नी को कोच से प्लेटफार्म पर उतारा। सूचना पर पहुंचे रेलवे चिकित्सक ने महिला को परीक्षण के उपरांत मृत घोषित कर दिया। बाद में जीआरपी ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया।
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शव मिलने तक पल-पल हुआ भारी
यात्री के लिए पत्नी का शव ट्रेन से ले जाना संभव नहीं था। चूंकि, जीआरपी ने पंचनामा भर दिया था, इस कारण पोस्टमार्टम होना तय था। पोस्टमार्टम होते-होते सुबह से शाम हो गई। इस दौरान यात्री अपने अबोध बच्चों सुमित व मुस्कान के साथ इधर-उधर भटकता रहा। रोते बच्चों को चुप कराते हुए पल-पल गुजारना उसे भारी लग रहा था।
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