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घेराबंदी के बावजूद भाग निकले बोलेरो सवार
ब्यूरो
Updated Sat, 12 Dec 2015 12:18 AM IST
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झांसी। दौड़ती बोलेरो में छटपटाती महिला को देख बृहस्पतिवार की रात पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। महिला को बचाने के प्रयास में विश्वविद्यालय चौकी इंचार्ज घायल हो गए। एसएसपी के आदेश पर चारों तरफ बैरियर डालकर चेकिंग की गई, बावजूद बोलेरो सवार भाग निकले।
रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मेडिकल कालेज के गेट नंबर एक के पास एक संदिग्ध महिला खड़ी थी। इसकी सूचना पर चौकी इंचार्ज मोहित एक सिपाही के साथ निकले। वह चौकी के सामने पैदल सड़क पार कर रहे थे तभी यूनीवर्सिटी की तरफ से बोलेरो और टाटा सफारी आती दिखी।
उनके बीच सड़क पर आ जाने पर बोलेरो की गति थम गई। तभी पीछे चल रही टाटा सफारी ओवर टेक करके निकल गई। चौकी इंचार्ज की नजर जब बोलेरो पर पड़ी तो नजारा देखकर हक्के बक्के रह गए। उसमें पीछे की सीट पर एक महिला बैठी थी जिसके मुंह पर कपड़ा बंधा था।
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वह पुलिस को देखकर चिल्लाने का प्रयास कर रही थी और एक व्यक्ति उसका मुंह दबा रहा था। महिला ने छटपटाते हुए दारोगा की तरफ मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इस पर दारोगा मोहित ने तुरंत शीशे में हाथ डालकर महिला का हाथ पकड़ लिया। यही नहीं, बोलेरो को रुकवाने के लिए शीशा पकड़कर लटक गए। तभी चालक ने स्पीड बढ़ाकर स्टेयरिंग घुमा दी। जिससे दारोगा बैरियर पर गिरकर घायल हो गए।
इसको देख साथ चल रहे सिपाही ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। उसने बताया कि छटपटाती महिला को लेकर बोलेरो कानपुर बाईपास की तरफ भागी है। जिसका नंबर एमपी32सी- 1022 है। बोलेरो पर चुनाव चिह्न कार लिखा होने के साथ-साथ लाल रंग की कार भी बनी है। संदेश प्रसारित होते ही एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के आदेश पर सभी थानों का फोर्स हाइवे की ओर दौड़ पड़ा।
लिंक रोडों को बंद कर दिया गया। सीओ, एएसपी व एसपी ने फोर्स से घेराबंदी करा दी। वहीं, चौकी इंचार्ज मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस में सवार होकर बड़ागांव की तरफ पहुंचे। चारों तरफ घेराबंदी के बावजूद बोलेरो सवार भागने में कामयाब हो गए।
इसके बाद पुलिस ने बोलेरो के नंबर को खंगाला तो पता चला कि उक्त नंबर पर बोलेरो नहीं टाटा सफारी आवंटित है, जो गोविंद सिंह पुत्र सुजान निवासी सिगोड़ा दतिया के नाम है। एसएसपी के आदेश पर दतिया पुलिस गोविंद सिंह के घर पहुंची तो वहां टाटा सफारी खड़ी मिली। उस पर कार का निशान नहीं बना था। पुलिस का मानना है कि फर्जी नंबर प्लेट बोलेरो में लगी हुई थी।
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रात करीब साढ़े ग्यारह बजे मेडिकल कालेज के गेट नंबर एक के पास एक संदिग्ध महिला खड़ी थी। इसकी सूचना पर चौकी इंचार्ज मोहित एक सिपाही के साथ निकले। वह चौकी के सामने पैदल सड़क पार कर रहे थे तभी यूनीवर्सिटी की तरफ से बोलेरो और टाटा सफारी आती दिखी।
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उनके बीच सड़क पर आ जाने पर बोलेरो की गति थम गई। तभी पीछे चल रही टाटा सफारी ओवर टेक करके निकल गई। चौकी इंचार्ज की नजर जब बोलेरो पर पड़ी तो नजारा देखकर हक्के बक्के रह गए। उसमें पीछे की सीट पर एक महिला बैठी थी जिसके मुंह पर कपड़ा बंधा था।
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वह पुलिस को देखकर चिल्लाने का प्रयास कर रही थी और एक व्यक्ति उसका मुंह दबा रहा था। महिला ने छटपटाते हुए दारोगा की तरफ मदद के लिए हाथ बढ़ाया। इस पर दारोगा मोहित ने तुरंत शीशे में हाथ डालकर महिला का हाथ पकड़ लिया। यही नहीं, बोलेरो को रुकवाने के लिए शीशा पकड़कर लटक गए। तभी चालक ने स्पीड बढ़ाकर स्टेयरिंग घुमा दी। जिससे दारोगा बैरियर पर गिरकर घायल हो गए।
इसको देख साथ चल रहे सिपाही ने तुरंत कंट्रोल रूम को सूचना दी। उसने बताया कि छटपटाती महिला को लेकर बोलेरो कानपुर बाईपास की तरफ भागी है। जिसका नंबर एमपी32सी- 1022 है। बोलेरो पर चुनाव चिह्न कार लिखा होने के साथ-साथ लाल रंग की कार भी बनी है। संदेश प्रसारित होते ही एसएसपी सुभाष चंद्र दुबे के आदेश पर सभी थानों का फोर्स हाइवे की ओर दौड़ पड़ा।
लिंक रोडों को बंद कर दिया गया। सीओ, एएसपी व एसपी ने फोर्स से घेराबंदी करा दी। वहीं, चौकी इंचार्ज मरीज को लेकर आ रही एंबुलेंस में सवार होकर बड़ागांव की तरफ पहुंचे। चारों तरफ घेराबंदी के बावजूद बोलेरो सवार भागने में कामयाब हो गए।
इसके बाद पुलिस ने बोलेरो के नंबर को खंगाला तो पता चला कि उक्त नंबर पर बोलेरो नहीं टाटा सफारी आवंटित है, जो गोविंद सिंह पुत्र सुजान निवासी सिगोड़ा दतिया के नाम है। एसएसपी के आदेश पर दतिया पुलिस गोविंद सिंह के घर पहुंची तो वहां टाटा सफारी खड़ी मिली। उस पर कार का निशान नहीं बना था। पुलिस का मानना है कि फर्जी नंबर प्लेट बोलेरो में लगी हुई थी।