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छुट्टी में भी करनी होगी बैंक की निगरानी
amarujala
Updated Wed, 07 Mar 2018 02:21 AM IST
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police, jhansi news
- फोटो : demo
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कानपुर में यूनियन बैंक के लॉकर टूटने की घटना के बाद भी झांसी के बैंकों ने सुरक्षा को लेकर अब तक कोई उपाय नहीं किए हैं। लेकिन, रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया की ओर से बैंक के मैनेजरों को छुट्टी के दिन भी 24 घंटे के भीतर शाखा का निरीक्षण करने का आदेश जारी किया गया है।
भारतीय रिजर्व बैंक ने जो गाइडलाइन दी है, उसके मुताबिक बैंक मैनेजरों को पांच या ज्यादा दिनों की बैंक छुट्टी में 24 घंटे के अंतराल में शाखा का निरीक्षण करने का आदेश है, ताकि बैंक बंदी के दौरान कोई घटना न घटे। सुरक्षा मानकों का पालन करना और निरीक्षण ड्यूटी में शामिल है। बावजूद, ज्यादातर बैंक मैनेजर अब भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। आलम ये है कि लॉकर वाले ज्यादातर बैंकों के सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं, तो कई में सुरक्षा गार्ड ही नहीं हैं। कई शाखाओं को बंद करते ही उनके सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं तो कई बिजली कनेक्शन तक बंद कर शाखा बंद कर रहे हैं। लॉकर टूटने पर जिम्मेदारी और जवाबदेही न होने के कारण बैंक प्रबंधन इस मामले में लापरवाह रवैया अपना रहे हैं।
बैंकों को हर महीने सुरक्षा ऑडिट के अलावा स्थानीय प्रबंधन के साथ बैठक और जिला प्रशासन-पुलिस के साथ बैठक करनी होती है। इन बैठकों में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों को उठाते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। बैंकों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं, लेकिन उन्हें बदलवाने को लेकर प्रबंधन कार्रवाई नहीं कर रहा है। बैंक नियमों के मुताबिक स्ट्रांग रूम और लॉकर रूम में कैमरे नहीं लगा सकते हैं, लेकिन जहां कैमरे लगे भी हैं तो वह भी बंद या खराब पड़े हैं।
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सभी बैंकों को भेजा निर्देश
आरबीआई की ओर से जारी दिशा-निर्देश सभी बैंक के मैनेजरों को भेज दिया गया है। आरबीआई से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।
- रणधीर सिंह, एलडीएम
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भारतीय रिजर्व बैंक ने जो गाइडलाइन दी है, उसके मुताबिक बैंक मैनेजरों को पांच या ज्यादा दिनों की बैंक छुट्टी में 24 घंटे के अंतराल में शाखा का निरीक्षण करने का आदेश है, ताकि बैंक बंदी के दौरान कोई घटना न घटे। सुरक्षा मानकों का पालन करना और निरीक्षण ड्यूटी में शामिल है। बावजूद, ज्यादातर बैंक मैनेजर अब भी इसका पालन नहीं कर रहे हैं। आलम ये है कि लॉकर वाले ज्यादातर बैंकों के सीसीटीवी कैमरे खराब पड़े हैं, तो कई में सुरक्षा गार्ड ही नहीं हैं। कई शाखाओं को बंद करते ही उनके सीसीटीवी कैमरे बंद कर दिए जाते हैं तो कई बिजली कनेक्शन तक बंद कर शाखा बंद कर रहे हैं। लॉकर टूटने पर जिम्मेदारी और जवाबदेही न होने के कारण बैंक प्रबंधन इस मामले में लापरवाह रवैया अपना रहे हैं।
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बैंकों को हर महीने सुरक्षा ऑडिट के अलावा स्थानीय प्रबंधन के साथ बैठक और जिला प्रशासन-पुलिस के साथ बैठक करनी होती है। इन बैठकों में सुरक्षा संबंधी दिक्कतों को उठाते हैं। लेकिन, ऐसा नहीं हो रहा है। बैंकों के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खराब हैं, लेकिन उन्हें बदलवाने को लेकर प्रबंधन कार्रवाई नहीं कर रहा है। बैंक नियमों के मुताबिक स्ट्रांग रूम और लॉकर रूम में कैमरे नहीं लगा सकते हैं, लेकिन जहां कैमरे लगे भी हैं तो वह भी बंद या खराब पड़े हैं।
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सभी बैंकों को भेजा निर्देश
आरबीआई की ओर से जारी दिशा-निर्देश सभी बैंक के मैनेजरों को भेज दिया गया है। आरबीआई से मिले निर्देशों का पालन किया जाएगा।
- रणधीर सिंह, एलडीएम