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अपनी सुरक्षा अपने हाथ, पुलिस नहीं दे रही साथ

Tue, 13 Feb 2018 01:40 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो Updated Tue, 13 Feb 2018 01:40 AM IST
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apni surksa apne hat
police, jhansi news - फोटो : demo
चाहे पैदल हों या वाहन पर सवार, सड़क पर खुद संभलकर चलिए जनाब, क्योंकि पुलिस और प्रशासन को आपकी सुरक्षा की कोई चिंता नहीं है। गलियों से लेकर मुख्य मार्गों तक जहां-तहां बड़े वाहन सड़क घेरकर खड़े हैं। लेकिन, पुलिस इन्हें हटाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। इसका अंदाजा आप इसी से लगा सकते हैं कि शनिवार देर रात प्रोफेसर कालोनी में वाहन की टक्कर के बाद उछलकर सड़क किनारे खड़े जिस डंपर से टकराकर दंपति की मौत हुई थी, वह आज भी वहां जस का तस खड़ा है।
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‘साहब’ की यहां बंद रहती आंखें
जिले में परिवहन व्यवस्था को दुरुस्त रखने की जिम्मेदारी संभागीय परिवहन अधिकारी (आरटीओ) की है। लेकिन, इनके कार्यालय के सामने की सड़क (बस स्टैंड-मेडिकल मार्ग) पर डंपर और ट्रक कब्जा किए खड़े रहते हैं। आरटीओ दिन में कम से कम दो बार तो यहां से निकलते ही हैं, शायद वह आंख बंद कर लेते होंगे, यही वजह है कि इस अतिक्रमण पर कभी कार्रवाई करने का विचार उनके मन में नहीं आया। यह और बात है कि सड़क पर खड़े इन वाहनों के कारण यहां घटनाएं हो रही है। अब एआरटीओ सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि अभियान चलाकर वाहनों के चालान किए जाएंगे।
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कचहरी चौराहे से झोकन बाग
कभी आप कचहरी चौराहे से झोकन बाग की ओर जाए तो जरा संभल कर। यहां व्यापारियों का माल लेकर आने वाले ट्रक सड़क किनारे ही खड़े हो जाते हैं। इस सड़क की चौड़ाई पहले से ही कम है। ऐसे में यहां दिन भर ट्रक खड़े रहने के कारण लोगों को आवागमन में परेशानी होती है। कई बार जाम लगता है और हादसे भी होते हैं। कई बार पुलिस के सिपाही इन ट्रक चालकों के पास खड़े तो देखे जाते हैं, लेकिन कार्रवाई नहीं करते। ऐसा क्यों होता है, कुछ नहीं कहा जा सकता। बस, तमाम शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन है।
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वीवीआईपी रोड का भी हाल-बेहाल
चित्रा चौराहे से बीकेडी जाने वाला मार्ग वीवीआईपी इसलिए है, क्योंकि मंडलायुक्त, डीएम, सीडीओ आदि शीर्ष अफसरों का आवास यहीं हैं। मंडलायुक्त आवास के पास ध्यानचंद स्टेडियम के सामने सड़क को घेरकर वाहन खड़े रहते हैं। इससे इस वीवीआईपी मार्ग की सुंदरता तो खराब होती ही है, साथ ही इस व्यस्त मार्ग से आने-जाने वालों को असुविधा भी होती है। सबसे ज्यादा दिक्कत तब होती है, जब पंचतंत्र पार्क के बगल वाली गली से आने वाले वाहन सड़क किनारे खड़े ट्रक आदि के कारण सामने से आने वाले वाहन को नहीं देख पाते और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं।


पैदल चलना भी दुश्वार
वीरांगना नगर निवासी स्कूल संचालक सतेंद्र थापक (37) पुत्र घनश्याम दास थापक शुक्रवार दोपहर सकरार से बस में सवार होकर झांसी आए। रिसाला चुंगी चौराहे पर बस से उतरकर सड़क पार कर रहे थे। अगल-बलग ट्रक खड़े होने के कारण वह सड़क पर तेज गति से आ रहे चार पहिया वाहन को देख नहीं सके और वह उन्हें रौंदता हुआ चला गया। दुर्घटना का शिकार हुए सतेंद्र की पसली और पैर में फैक्चर हो गया। उनका उपचार निजी अस्पताल में चल रहा है। टक्कर मारने वाले वाहन का पता भी नहीं चल सका।

जल्द शुरू करेंगे अभियान
सड़कोें पर वाहन खड़ा करने वालों के खिलाफ अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। वाहन सीज करने के साथ उसके मालिकों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
कुलदीप नारायण, अपर पुलिस अधीक्षक
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