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तीन माह मिली अपनों की पहचान
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तीन महीने बाद मिली अपनों की पहचान
झांसी। ट्रेन में मिले शव की शिनाख्त तीन महीने बाद परिजनों ने झांसी आकर कर ली। मृतक अयोध्या के रहने वाले थे और उनका शव बांद्रा झांसी एक्सप्रेस में मिला था।
अयोध्या के रुधौली थाना क्षेत्र के काशीपुर निवासी सत्येंद्र कुमार मिश्रा (50) बड़ोदरा में प्राइवेट नौकरी करते थे। विगत 28 फरवरी को उनका शव बांदा झांसी एक्सप्रेस के कोच में मिला था। उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। जीआरपी ने शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। सत्येंद्र के कपड़ों से बड़ोदरा से अयोध्या का आरक्षित ई टिकट मिला था। इस टिकट के आधार पर जीआरपी ने पड़ताल शुरू की। यहां परिजन भी उनकी तलाश में जुटे थे। परिजनों ने बड़ोदरा के जिस एजेंट से टिकट लिया था, उसकी मदद से पता लगा लिया कि झांसी जीआरपी को उनका शव ट्रेन में मिला था। शनिवार को झांसी आने पर परिजनों ने उनकी फोटो से शिनाख्त कर ली।
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झांसी। ट्रेन में मिले शव की शिनाख्त तीन महीने बाद परिजनों ने झांसी आकर कर ली। मृतक अयोध्या के रहने वाले थे और उनका शव बांद्रा झांसी एक्सप्रेस में मिला था।
अयोध्या के रुधौली थाना क्षेत्र के काशीपुर निवासी सत्येंद्र कुमार मिश्रा (50) बड़ोदरा में प्राइवेट नौकरी करते थे। विगत 28 फरवरी को उनका शव बांदा झांसी एक्सप्रेस के कोच में मिला था। उनकी बीमारी से मौत हो गई थी। जीआरपी ने शिनाख्त न होने पर पोस्टमार्टम कराने के बाद शव का अंतिम संस्कार करा दिया था। सत्येंद्र के कपड़ों से बड़ोदरा से अयोध्या का आरक्षित ई टिकट मिला था। इस टिकट के आधार पर जीआरपी ने पड़ताल शुरू की। यहां परिजन भी उनकी तलाश में जुटे थे। परिजनों ने बड़ोदरा के जिस एजेंट से टिकट लिया था, उसकी मदद से पता लगा लिया कि झांसी जीआरपी को उनका शव ट्रेन में मिला था। शनिवार को झांसी आने पर परिजनों ने उनकी फोटो से शिनाख्त कर ली।
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