{"_id":"5f67adcf8ebc3ef4837de748","slug":"covid-icu-full-in-medical-college-reporters-news-jhs176751454","type":"story","status":"publish","title_hn":"मेडिकल कॉलेज के पांचों कोविड आईसीयू फुल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मेडिकल कॉलेज के पांचों कोविड आईसीयू फुल
विज्ञापन
covid icu full in medical college
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल के पांचों आईसीयू कोरोना के गंभीर मरीजों से पूरी तरह भर चुके हैं। गंभीर रोगियों को भर्ती करने में डॉक्टरों, स्टाफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। अस्पताल में हाई फ्रिक्वेंसी वार्ड तैयार किए गए हैं। जहां पर हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों को रखा जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में पांच आईसीयू वार्ड हैं। इन सभी वार्डों को मिलाकर 60 बेड हैं। कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या की वजह से सभी कोविड वार्ड फुल हो चुके हैं। ऐसेे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से सामान्य वार्ड को हाई फ्रिक्वेंसी वार्ड में तब्दील किया गया है। यहां हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों को रखा जा रहा है। वो भी अब लगभग भरने की स्थिति में आ गया है। ऐसे में कोविड के गंभीर रोगियों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने में डॉक्टरों, स्टाफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मगर कोरोना मरीजों की संख्या इसी तरह लगातार बढ़ती रही तो आगे के हालात बेहद चिंताजनक हो जाएंगे।
और नर्सिंगहोमों को जल्द आगे आना होगा
कोरोना के गंभीर रोगियों का पूरा भार मेडिकल कॉलेज के कंधों पर है। जबकि, सिर्फ हाईटेक नर्सिंगहोम कोविड मरीजों का उपचार करने के लिए राजी हो गया है। जिला प्रशासन ने भी नर्सिंगहोम को अधिग्रहीत भी कर लिया है। मगर जो हालात बन रहे हैं, उसको देखते हुए एक नर्सिंगहोम के आगे आने से कुछ नहीं होगा। बल्कि, बड़े अस्पतालों को कदम बढ़ाने होंगे। वरना मरीजों को भर्ती करने में बहुत दिक्कतें आएंगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
मेडिकल कॉलेज के कोविड अस्पताल में पांच आईसीयू वार्ड हैं। इन सभी वार्डों को मिलाकर 60 बेड हैं। कोरोना मरीजों की लगातार बढ़ रही संख्या की वजह से सभी कोविड वार्ड फुल हो चुके हैं। ऐसेे में मेडिकल कॉलेज प्रशासन की तरफ से सामान्य वार्ड को हाई फ्रिक्वेंसी वार्ड में तब्दील किया गया है। यहां हाई फ्लो ऑक्सीजन सपोर्ट पर मरीजों को रखा जा रहा है। वो भी अब लगभग भरने की स्थिति में आ गया है। ऐसे में कोविड के गंभीर रोगियों को मेडिकल कॉलेज में भर्ती करने में डॉक्टरों, स्टाफ को कड़ी मशक्कत करनी पड़ रही है। मगर कोरोना मरीजों की संख्या इसी तरह लगातार बढ़ती रही तो आगे के हालात बेहद चिंताजनक हो जाएंगे।
विज्ञापन
और नर्सिंगहोमों को जल्द आगे आना होगा
कोरोना के गंभीर रोगियों का पूरा भार मेडिकल कॉलेज के कंधों पर है। जबकि, सिर्फ हाईटेक नर्सिंगहोम कोविड मरीजों का उपचार करने के लिए राजी हो गया है। जिला प्रशासन ने भी नर्सिंगहोम को अधिग्रहीत भी कर लिया है। मगर जो हालात बन रहे हैं, उसको देखते हुए एक नर्सिंगहोम के आगे आने से कुछ नहीं होगा। बल्कि, बड़े अस्पतालों को कदम बढ़ाने होंगे। वरना मरीजों को भर्ती करने में बहुत दिक्कतें आएंगी।
विज्ञापन