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आटोमेटिक सिग्नल से नहीं जुड़ सका झांसी-बीना रेल खंड
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 30 Nov 2016 12:39 AM IST
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railway news jhansi
- फोटो : demo
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दो साल बाद भी मंडल के दो स्टेशनों के बीच चार से पांच गाड़ियां एक साथ दौड़ाने के लिए स्वचालित प्रणाली (ऑटोमेटिक सिगनल सिस्टम) लगाने की योजना पर काम शुरू नहीं हो सका है। इस सिस्टम में एक से डेढ़ किलोमीटर के मध्य आटोमेटिक सिगनल लगाए जाने थे। सर्वे पूरा होने के बावजूद मामला ठंडे बस्ते में है।
आगरा-भोपाल मेन रेल लाइन पर अभी दो स्टेशनों के बीच दो गाड़ियां दौड़ाने की व्यवस्था है। इसका कारण दो स्टेशनों के बीच सिर्फ एक आईबीएच सिगनल का होना है। जैसे कि झांसी व करारी स्टेशन के मध्य एक आईबीएच सिगनल लगा है। इस कारण अभी एक गाड़ी झांसी व दूसरी आईबीएच व करारी स्टेशन के मध्य दौड़ती है। इस कारण रेल प्रशासन ने झांसी-बीना रेल खंड को स्वचालित प्रणाली से जोड़ने की योजना तैयार की थी। इस सिस्टम में प्रत्येक दो स्टेशनों के मध्य डेढ़ से दो किलोमीटर के अंतर पर आटोमेटिक सिगनल लगाए जाने हैं। इन सिगनलों के बीच गाड़ियों को दौड़ाया जाएगा। अगर दो स्टेशनों (सेक्शन) के बीच तीन आटोमेटिक सिगनल लगाए गए तो चार गाड़ियों को उनके बीच दौड़ाया जा सकेगा। अगर सेक्शन बड़ा है तो पांच गाड़ियों को भी दौड़ाया जा सकता है।
शुरूआत में यह सिस्टम झांसी, बिजौली, खजराहा व बबीना स्टेशनों के मध्य लगाया जाना था। मगर, सर्वे पूरा होने के दो साल बाद भी यह सिस्टम नहीं लग सका है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक सिगनल सिस्टम को लगना है। इस पर काम चल रहा है।
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आगरा-भोपाल मेन रेल लाइन पर अभी दो स्टेशनों के बीच दो गाड़ियां दौड़ाने की व्यवस्था है। इसका कारण दो स्टेशनों के बीच सिर्फ एक आईबीएच सिगनल का होना है। जैसे कि झांसी व करारी स्टेशन के मध्य एक आईबीएच सिगनल लगा है। इस कारण अभी एक गाड़ी झांसी व दूसरी आईबीएच व करारी स्टेशन के मध्य दौड़ती है। इस कारण रेल प्रशासन ने झांसी-बीना रेल खंड को स्वचालित प्रणाली से जोड़ने की योजना तैयार की थी। इस सिस्टम में प्रत्येक दो स्टेशनों के मध्य डेढ़ से दो किलोमीटर के अंतर पर आटोमेटिक सिगनल लगाए जाने हैं। इन सिगनलों के बीच गाड़ियों को दौड़ाया जाएगा। अगर दो स्टेशनों (सेक्शन) के बीच तीन आटोमेटिक सिगनल लगाए गए तो चार गाड़ियों को उनके बीच दौड़ाया जा सकेगा। अगर सेक्शन बड़ा है तो पांच गाड़ियों को भी दौड़ाया जा सकता है।
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शुरूआत में यह सिस्टम झांसी, बिजौली, खजराहा व बबीना स्टेशनों के मध्य लगाया जाना था। मगर, सर्वे पूरा होने के दो साल बाद भी यह सिस्टम नहीं लग सका है। इस संबंध में पीआरओ मनोज कुमार सिंह ने बताया कि ऑटोमेटिक सिगनल सिस्टम को लगना है। इस पर काम चल रहा है।
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