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ब्लैक फंगस के 62 मरीजों में से 60 को नहीं लगी थी वैक्सीन

Sat, 19 Jun 2021 01:45 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sat, 19 Jun 2021 01:45 AM IST
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corona threat, vaccine, black fungus
covid 19.jpeg - फोटो : covid 19.jpeg
झांसी। महारानी लक्ष्मीबाई मेडिकल कॉलेज और निजी अस्पतालों में अब तक ब्लैक फंगस के 62 मरीज झांसी में सामने आ चुके हैं। इन मरीजों की केस स्टडी देखी गई तो 60 को तो कोरोना की वैक्सीन लगी ही नहीं थी। वहीं, दो मरीजों को सिर्फ वैक्सीन की एक ही डोज लगी थी। ऐसे में कोरोना ही नहीं ब्लैक फंगस से बचाव में भी वैक्सीन काफी हद तक कारगर है। डॉक्टरों का कहना है कि वैक्सीन की दोनों खुराक लगने के बाद यदि किसी को कोरोना हो भी जाता है तो वह जल्दी ठीक हो जाता है। ऐसे में फंगस होने का खतरा बहुत कम रहता है।
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कोरोना वायरस के बाद मरीजों में ब्लैक फंगस कहर बनकर टूटा। झांसी में ही तीन-चार मरीजों की आंख निकालनी पड़ गई। अब कोरोना के मामले थमने के बाद ब्लैक फंगस के केस भी नहीं आ रहे हैं। मगर कोरोना की तीसरी लहर आने की आशंका के चलते आगे भी ब्लैक फंगस को लेकर डर बना हुआ है। ऐसे में आप वैक्सीन लगवाकर कोरोना से ही नहीं ब्लैक फंगस से भी बच सकते हैं। झांसी में सामने आए ब्लैक फंगस के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं। अब तक मेडिकल कॉलेज में लगभग 32 और नर्सिंगहोम में 30 मामले ब्लैक फंगस के सामने आ चुके हैं। इन 62 मरीजों में से 60 को कोरोना की वैक्सीन लगी ही नहीं थी। वहीं, दो मरीजों को टीके की सिर्फ एक ही डोज लगी थी। डॉक्टरों का कहना है कि कोरोना के इलाज में लंबे समय तक स्टेरॉयड, एंटीबायोटिक चलने से प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। वहीं, कई लोगों के बीपी, डायबिटीज समेत कई बीमारियों से ग्रसित होने की वजह से पहले से ही इम्यून सिस्टम कमजोर होता है। इसलिए ब्लैक फंगस की चपेट में आ जाते हैं। वहीं, जिन लोगों को वैक्सीन लगी होती है, उनमें कइयों को तो कोरोना होता ही नहीं है। जिन्हें हो भी जाता है तो बिना लक्षण या फिर मामूली लक्षण होकर निकल जाता है। इन्हें कम दवाएं चलती हैं और जल्दी ठीक भी हो जाते हैं। ऐसे में वैक्सीन लगने से कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस से भी बचाव हो जाता है।
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पहली खुराक में संक्रमण से लड़ने की क्षमता, दूसरी से मजबूत होती इम्यूनिटी
विशेषज्ञों का कहना है कि कोरोना की पहली खुराक में इंसान में संक्रमण से लड़ने के प्रति कम क्षमता आती है। दूसरी खुराक लगने पर इंसान की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी मजबूत हो जाती है। ऐसे में वैक्सीन लगवाने में कतई देनी न करें। समय पर दोनों डोज लगवाएं।
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अब तक 30 ब्लैक फंगस के मरीज देख चुका हूं। इनमें से एक ने भी कोरोना की वैक्सीन नहीं लगवाई थी। वैक्सीन बहुत कारगर है। दोनों डोज लगने के बाद यदि कोरोना हो भी जाता है तो बिना लक्षण या फिर मामूली लक्षण में ठीक हो जाएगा। इससे ब्लैक फंगस का भी खतरा काफी कम रहेगा। - डॉ. जेपी पुरोहित, वरिष्ठ ईएनटी विशेषज्ञ एवं पूर्व विभागाध्यक्ष मेडिकल कॉलेज।

मेडिकल कॉलेज में अब तक 32 ब्लैक फंगस के मरीज भर्ती हो चुके हैं। कइयों का ऑपरेशन हुआ है। इनमें से 30 मरीजों को तो वैक्सीन नहीं लगी थी। दो को पहली डोज लग पाई थी। टीका लगवाकर कोरोना के साथ-साथ ब्लैक फंगस से भी बच सकते हैं, क्योंकि टीका लगने के बाद कोरोना गंभीर अवस्था में नहीं पहुंचाएगा। - डॉ. सुशील कश्यप, ईएनटी विभागाध्यक्ष, मेडिकल कॉलेज।
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