फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Jhansi News ›   corona ho jaye to dr ko dikhao

दहशत ने छीन ली हजारों की नींद, रातों को जाग-जागकर चेक करते ऑक्सीजन लेवल

Sun, 25 Apr 2021 01:34 AM IST
Jhansi Bureau झांसी ब्यूरो
Updated Sun, 25 Apr 2021 01:34 AM IST
विज्ञापन
corona ho jaye to dr ko dikhao
corona ho jaye to dr ko dikhao
झांसी। कोरोना की दूसरी लहर ने लोगों के दिलों-दिमाग पर बहुत असर किया है। हाल ये है कि कोरोना संक्रमित तो घबरा ही रहे हैं, वहीं जो लोग पॉजिटिव नहीं हैं, उनमें भी जबरदस्त खौफ है। उन्हें लग रहा है कि यदि कोरोना हो गया तो क्या होगा। दहशत के मारे रात को नींद भी नहीं आ रही। यही वजह है कि मनोचिकित्सकों के पास भी मरीजों की संख्या तेजी के साथ बढ़ रही है। आनलाइन भी ट्रीटमेंट ले रहे हैं। मेडिकल कालेज और जिला अस्पताल के मनोचिकित्सक से इलाज लेने वालों की संख्या भी 1500 से ज्यादा है।
विज्ञापन

कोरोना की दूसरी लहर ने एक महीने में ही एंजाइटी (घबराहट) के मरीजों की तादाद 40 प्रतिशत तक बढ़ा दी है। इस बार लोगों में पिछले साल से भी ज्यादा घबराहट है। मनोचिकित्सकों के पास कई ऐसे मामले भी सामने आए हैं, जिसमें कोरोना पॉजिटिव होने के बाद व्यक्ति ये सोचने लगा है कि वह बचेगा नहीं। ऐसे मरीजों की मनोचिकित्सक काउंसिलिंग कर रहे हैं। दूसरी तरफ, कोरोना फोबिया इस कदर लोगों के सिर चढ़कर बोल रहा है कि जो संक्रमित नहीं भी हैं, उन्हें पॉजिटिव होने का डर सता रहा है। ऐसे मरीज ये कह रहे हैं कि यदि उन्हें कोरोना हुआ तो इलाज कैसे होगा। अस्पतालों में बेड भरे चल रहे हैं। ऑक्सीजन से लेकर रेमडेसिविर इंजेक्शन की कमी चल रही है। कई लोग तो अपने परिवार के बारे में सोच-सोचकर घबरा रहे हैं। मनोचिकित्सक उन्हें समझा रहे हैं कि महामारी में घबराने की नहीं, मजबूत रहने की जरूरत है। ज्यादातर मरीज बीमारी से ठीक हो जा रहे हैं। यदि कोई भी लक्षण आए तो समय से जांच कराकर उपचार शुरू कर दें। फिर वो स्वस्थ हो जाएंगे।
विज्ञापन

केस-1
मुझे लगता रहता है कि सांस नहीं आ रही
नंदनपुरा की महिला कई डॉक्टरों के पास सांस न आने की समस्या लेकर पहुंची। सभी जगह ऑक्सीजन लेवल व अन्य चीजें ठीक मिलीं। इसके बाद परिजनों ने मनोचिकित्सक से संपर्क किया। डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि कोई परेशानी नहीं है। कोरोना को लेकर मन का खौफ निकाल दें। घबराहट के कारण उन्हें ऐसा लग रहा है। बाकी कोई परेशानी नहीं है।
विज्ञापन
विज्ञापन

केस-2
मैं और पति पॉजिटिव हैं, बच्चे का क्या होगा
सीपरी बाजार निवासी दंपति कोरोना संक्रमित हो गए। उन्होंने मनोचिकित्सक को फोन करके इसकी जानकारी दी। वह अपने तीन साल के बच्चे को लेकर घबराए हुए थे। कह रहे थे कि उन्हें कुछ हो गया तो बच्चे का क्या होगा। बाद में उनकी काउंसलिंग कर सकारात्मक सोच रखने के लिए प्रेरित किया। दो-तीन दिन डॉक्टर ने लगातार बात की। इसके बाद दंपति का डर दूर हुआ।
केस-3
मुझे कोरोना होने का डर लगा रहता
शहर की महिला ने मनोचिकित्सक को फोन करके कहा कि उनके आसपास और जान-पहचान वाले पॉजिटिव हो रहे हैं। ऐसे में डर सताता रहता है कि कहीं मैं भी संक्रमित हो गई तो क्या होगा। अस्पतालों में बेड भरे हुए हैं। ऑक्सीजन की भी कमी चल रही है। डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि डर को मन से निकाल दें। कोविड प्रोटोकॉल का पालन करें। कोरोना हुआ तो भी वह ठीक हो जाएंगी।
केस-4
मेरे ही घर वालों को क्यों हो रहा कोरोना
बड़ाबाजार के एक व्यक्ति ने डॉक्टर को फोन करके कहा कि पिछले साल मेरा छोटा बेटा पॉजिटिव हो गया था। इस बार दूसरा संक्रमित हो गया है। मैं भी पॉजिटिव हो गया हूं। समझ नहीं आ रहा कि मेरे घर वाले ही क्यों संक्रमित हो रहे हैं। फिर डॉक्टर ने उन्हें समझाया कि कोई घर देखकर नहीं आता है। इसलिए बेवजह परेशान न हों। पूरा ध्यान ठीक होने पर लगाएं। जरूरी दवाएं खाएं।

कोविड की दूसरी लहर में पिछले एक महीने में ही एंजाइटी यानी घबराहट के मामलों में 40 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। जो पॉजिटिव नहीं भी हैं, वो ये सोचकर डरे हुए हैं कि उन्हें कोरोना हुआ तो इलाज कैसे होगा। लगातार मरीजों की काउंसिलिंग कर सकारात्मक रहने की प्रेरित किया जा रहा है। - डॉ. अर्जित गौरव, मनोचिकित्सक।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed