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झांसी में सारे प्लान धड़ाम, कोरोना ने मचा रखा है कोहराम
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कोरोना
- फोटो : ??????
झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए झांसी में बनाई गईं योजनाएं धड़ाम हो गईं हैं। जिले में ये महामारी कोहराम मचाए हुए हैं। स्थिति ये है कि पिछले चार महीने के दरम्यान जिले में इस महामारी के चार हजार से अधिक मरीज सामने आ चुके हैं और 95 संक्रमितों की मौत भी हो चुकी है। मौत और नए मरीज सामने आने का सिलसिला बदस्तूर जारी है। जिले के हालातों पर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताई है। सरकार से रिपोर्ट मांगी गई है।
झांसी में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था। ओरछा गेट अंदर निवासी 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। इसके बाद से कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है। महानगर की तंग गलियों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में ये दस्तक दे चुका है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चार माह के दरम्यान 4,048 मरीज सामने आ चुके हैं और इनमें से 95 की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, महामारी के नियंत्रण के शासन - प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किए गए। पहले 25 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन लागू किया गया, जिसमें सभी गतिविधियां ठप बनी रहीं। बावजूद, यहां संक्रमण अपना दायरा बढ़ाता रहा।
लॉकडाउन खत्म होने के बाद इसमें और भी तेजी आ गई। खासतौर पर महानगर के घने इलाकों की गली-गली में वायरस पहुंच गया, जिसके चलते जुलाई के पहले सप्ताह में थाना कोतवाली इलाके को बफर जोन घोषित करते हुए एक माह तक इस क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर लगाम कस दी गई। बावजूद, संक्रमितों की संख्या बढ़ती रही। इसके अलावा अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर टेस्टिंग भी की गई। बावजूद, ये बेरहम वायरस अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके नियंत्रण के लिए बनाई गईं योजनाएं अपना ज्यादा असर नहीं दिखा पाईं हैं। इस स्थिति पर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताते हुए शासन ने रिपोर्ट मांगी है।
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85 नए मरीज मिले
झांसी। कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में 85 और नये नाम जुड़ गए हैं। जिले में 2,689 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 493 जांचें आरटी-पीसीआर, 21 ट्रूनेट और 2,175 एंटीजन टेस्ट हुए, इनमें 85 पॉजिटिव पाए गए।
2898 मरीज हो चुके हैं डिस्चार्ज
झांसी। कोरोना के जिले में अब तक 4,048 मरीज सामने आ चुके हैं और इनमें से 2898 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है। जिले का रिकवरी रेट 77.65 प्रतिशत है। वर्तमान में 810 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं। इनमें सिर्फ 95 मरीजों में ही कोरोना के लक्षण हैं।
जुलाई से रफ्तार हुई तेज
झांसी। पहला मरीज मिलने के बाद शुरुआत में संक्रमण की रफ्तार धीमी बनी रही। लेकिन, जुलाई से एकाएक संक्रमण तेजी पकड़ा गया। जिले में अब तक मिले मरीजों में से ज्यादातर जुलाई और अगस्त माह में सामने आए हैं। हालांकि, बीच में जरूर रफ्तार कुछ धीमी हुई थी, लेकिन अब एक बार फिर ये जोर पकड़े हुए है।
सख्ती भी खूब हुई
झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लागू किए गए लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती भी खूब बरती गई। जमकर चालान काटे गए और एफआईआर भी खूब दर्ज हुईं। 478 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं और चार्जशीट लगातार न्यायालय में दाखिल की जा रही हैं।
झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जनपद के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने और टेस्ट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग की जाए। बेहतर सर्विलांस की मदद से मृत्यु दर नियंत्रित की जा सकती है। सीएम ने कहा कि कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। अस्पतालों में गुणवत्तापरक चिकित्सीय सुविधा दी जाए। तकनीकी चिकित्सा स्टाफ में आवश्यकतानुसार बढ़ोत्तरी की जाए। डोर टू डोर सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य में अतिरिक्त टीमें लगाई जाएं। इस दौरान जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन समेत सभी क्षेत्रों में लगातार टेस्टिंग कराई जा रही है। साप्ताहिक लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। अनावश्यक घर से बाहर निकलने वालों के खिलाफ जुर्माना व वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। इस मौके पर मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, आईजी एसएस बघेल, एसएसपी दिनेश कुमार पी, सीडीओ शैलेष कुमार, नगर आयुक्त अवनीश राय आदि माजूद रहे।
लोग खुद भी निभाएं जिम्मेदारी
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों को खुद भी जिम्मेदारी निभानी होगी। सड़कों, बाजारों पर कोई रोके या न रोके सभी को खुद से सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। नौकरी, व्यापार के दौरान भी मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग आवश्यक रूप से करना होगा। बेवजह घरों से निकलने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करना होगा।
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झांसी में कोरोना वायरस के संक्रमण का पहला मामला 27 अप्रैल को सामने आया था। ओरछा गेट अंदर निवासी 59 वर्षीय एक महिला में इस महामारी का संक्रमण पाया गया था। इसके बाद से कोरोना वायरस का संक्रमण लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है। महानगर की तंग गलियों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक में ये दस्तक दे चुका है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि चार माह के दरम्यान 4,048 मरीज सामने आ चुके हैं और इनमें से 95 की मौत भी हो चुकी है। हालांकि, महामारी के नियंत्रण के शासन - प्रशासन की ओर से तमाम प्रयास किए गए। पहले 25 मार्च से 31 मई तक लॉकडाउन लागू किया गया, जिसमें सभी गतिविधियां ठप बनी रहीं। बावजूद, यहां संक्रमण अपना दायरा बढ़ाता रहा।
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लॉकडाउन खत्म होने के बाद इसमें और भी तेजी आ गई। खासतौर पर महानगर के घने इलाकों की गली-गली में वायरस पहुंच गया, जिसके चलते जुलाई के पहले सप्ताह में थाना कोतवाली इलाके को बफर जोन घोषित करते हुए एक माह तक इस क्षेत्र की सभी गतिविधियों पर लगाम कस दी गई। बावजूद, संक्रमितों की संख्या बढ़ती रही। इसके अलावा अभियान चलाकर बड़े पैमाने पर टेस्टिंग भी की गई। बावजूद, ये बेरहम वायरस अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रहा है। इसके नियंत्रण के लिए बनाई गईं योजनाएं अपना ज्यादा असर नहीं दिखा पाईं हैं। इस स्थिति पर हाईकोर्ट ने भी चिंता जताते हुए शासन ने रिपोर्ट मांगी है।
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85 नए मरीज मिले
झांसी। कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में 85 और नये नाम जुड़ गए हैं। जिले में 2,689 नमूनों की जांच की गई। इनमें से 493 जांचें आरटी-पीसीआर, 21 ट्रूनेट और 2,175 एंटीजन टेस्ट हुए, इनमें 85 पॉजिटिव पाए गए।
2898 मरीज हो चुके हैं डिस्चार्ज
झांसी। कोरोना के जिले में अब तक 4,048 मरीज सामने आ चुके हैं और इनमें से 2898 मरीजों को डिस्चार्ज भी किया जा चुका है। जिले का रिकवरी रेट 77.65 प्रतिशत है। वर्तमान में 810 एक्टिव पॉजिटिव केस हैं। इनमें सिर्फ 95 मरीजों में ही कोरोना के लक्षण हैं।
जुलाई से रफ्तार हुई तेज
झांसी। पहला मरीज मिलने के बाद शुरुआत में संक्रमण की रफ्तार धीमी बनी रही। लेकिन, जुलाई से एकाएक संक्रमण तेजी पकड़ा गया। जिले में अब तक मिले मरीजों में से ज्यादातर जुलाई और अगस्त माह में सामने आए हैं। हालांकि, बीच में जरूर रफ्तार कुछ धीमी हुई थी, लेकिन अब एक बार फिर ये जोर पकड़े हुए है।
सख्ती भी खूब हुई
झांसी। कोरोना वायरस के संक्रमण के नियंत्रण के लिए लागू किए गए लॉकडाउन का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्ती भी खूब बरती गई। जमकर चालान काटे गए और एफआईआर भी खूब दर्ज हुईं। 478 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गईं और चार्जशीट लगातार न्यायालय में दाखिल की जा रही हैं।
झांसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये जनपद के हालातों का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष सतर्कता बरतने और टेस्ट की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने कहा कि इंटीग्रेटेड कमांड एवं कंट्रोल सेंटर के कार्यों की नियमित मॉनीटरिंग की जाए। बेहतर सर्विलांस की मदद से मृत्यु दर नियंत्रित की जा सकती है। सीएम ने कहा कि कोविड अस्पतालों में बेड की संख्या बढ़ाई जाए। अस्पतालों में गुणवत्तापरक चिकित्सीय सुविधा दी जाए। तकनीकी चिकित्सा स्टाफ में आवश्यकतानुसार बढ़ोत्तरी की जाए। डोर टू डोर सर्वे कार्य में तेजी लाने के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि इस कार्य में अतिरिक्त टीमें लगाई जाएं। इस दौरान जिलाधिकारी आंद्रा वामसी ने बताया कि कंटेनमेंट जोन समेत सभी क्षेत्रों में लगातार टेस्टिंग कराई जा रही है। साप्ताहिक लॉकडाउन का भी सख्ती से पालन कराया जा रहा है। अनावश्यक घर से बाहर निकलने वालों के खिलाफ जुर्माना व वाहन सीज करने की कार्रवाई की जा रही है। लोगों को लगातार जागरूक भी किया जा रहा है। इस मौके पर मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा, आईजी एसएस बघेल, एसएसपी दिनेश कुमार पी, सीडीओ शैलेष कुमार, नगर आयुक्त अवनीश राय आदि माजूद रहे।
लोग खुद भी निभाएं जिम्मेदारी
कोरोना संक्रमण से बचने के लिए लोगों को खुद भी जिम्मेदारी निभानी होगी। सड़कों, बाजारों पर कोई रोके या न रोके सभी को खुद से सामाजिक दूरी का पालन करना होगा। नौकरी, व्यापार के दौरान भी मास्क, सैनिटाइजर का उपयोग आवश्यक रूप से करना होगा। बेवजह घरों से निकलने और भीड़भाड़ वाले इलाकों में जाने से परहेज करना होगा।